बराकर / आसनसोल: रंगों के त्योहार होली के दिन पश्चिम बंगाल के आसनसोल औद्योगिक क्षेत्र अंतर्गत बराकर शहर के वार्ड संख्या 68 स्थित करीम डंगाल इलाके में दो समुदायों के बीच अचानक तनाव फैल गया। होली खेलने के दौरान शुरू हुए विवाद ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया, जिसके बाद इलाके में पत्थरबाजी, कथित बमबाजी और हवाई फायरिंग की घटनाएं सामने आईं।
इस घटना में दोनों पक्षों के करीब आठ लोग घायल हो गए। घायलों में बराकर फाड़ी के एसआई सोमनाथ भी शामिल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया और लोगों में अफरातफरी मच गई।
पुलिस बल तैनात, स्थिति पर कड़ी नजर
घटना की जानकारी मिलते ही आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट वेस्ट के एसीपी जै हुसैन के नेतृत्व में भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी और स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए गश्त तेज कर दी।
गुरुवार को इलाके में स्थिति अपेक्षाकृत शांत बताई गई। इस दौरान बराकर फाड़ी प्रभारी अंजन रजक भी स्वयं घटनास्थल पर मौजूद रहे और हालात का जायजा लिया।
कैसे शुरू हुआ विवाद
स्थानीय निवासी राजू यादव के अनुसार, बुधवार दोपहर कुछ युवक होली खेलने के बाद करीम डंगाल इलाके में स्थित एक नल पर स्नान करने जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में मस्जिद के बाहर रखा एक डस्टबिन एक युवक के गिरने से उलट गया।
राजू यादव का आरोप है कि इसी बात को लेकर वहां पहले से खड़े दूसरे समुदाय के कुछ युवकों ने उस युवक की पिटाई कर दी। जब अन्य लोगों ने मामले को समझने की कोशिश की तो अचानक स्थिति बिगड़ गई और पत्थरबाजी शुरू हो गई। आरोप है कि इस दौरान बम फेंके गए और हवाई फायरिंग भी की गई, जिससे पूरे इलाके में भगदड़ मच गई।
पत्थरबाजी में कारू भूइया और विनय कुमार के सिर फट गए, जबकि राजू यादव और अक्षय पासवान बम के हमले में घायल हो गए। स्थानीय महिला तारा देवी ने बताया कि रेलवे लाइन के पत्थरों से भारी पत्थरबाजी की गई, जिससे इलाके में पत्थरों का ढेर लग गया। इस दौरान एक ऑटो का शीशा टूट गया और एक घर की एल्बेस्टर की छत भी क्षतिग्रस्त हो गई।
दूसरे पक्ष की भी शिकायत
दूसरी ओर करीम डंगाल स्थित अहमद रजा जामा मस्जिद कमेटी के सचिव शोहराब खान और अमनुला खान (पप्पू) ने संयुक्त रूप से कहा कि होली के दौरान कुछ युवक शराब के नशे में मस्जिद के पास आए और वहां रखा डस्टबिन उलट दिया।
उनका आरोप है कि बाद में कुछ लोगों ने मस्जिद के पास पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिसके बाद दोनों पक्षों में झड़प बढ़ गई। गुलजार बेगम ने बताया कि उनके घर की खिड़की का शीशा भी टूट गया और काफी नुकसान हुआ। एक घायल व्यक्ति का इलाज दुर्गापुर में चल रहा है।
दोनों पक्षों ने इस घटना को लेकर बराकर फाड़ी में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू
घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के जिला महासचिव केशव पोद्दार ने कहा कि पश्चिम बंगाल में अक्सर हिंदू त्योहारों के दौरान इस तरह की घटनाएं देखने को मिलती हैं और जनता अब सब समझ चुकी है। उनका कहना है कि इसका जवाब जनता आगामी चुनाव में देगी।
पुलिस का बयान
हालांकि इस पूरे मामले पर आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट वेस्ट की डीसीपी सना अख्तर ने कहा कि बमबाजी या फायरिंग जैसी किसी घटना की पुष्टि नहीं हुई है। उनके अनुसार अभी तक किसी पक्ष की ओर से आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं की गई है और न ही किसी की गिरफ्तारी हुई है। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।
चुनाव से पहले बढ़ी संवेदनशीलता
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे समय में किसी भी प्रकार की सांप्रदायिक या स्थानीय तनाव की घटना प्रशासन के लिए चुनौती बन जाती है। पुलिस और प्रशासन फिलहाल स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई है।














