आसनसोल | पश्चिम बर्दवान
आसनसोल शिल्पांचल में अवैध कोयला कारोबार के खिलाफ सीआईएसएफ ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। 08 फरवरी 2026 की रात करीब 11:30 बजे, सीआईएसएफ की एसआरपी टीम और केएनटी टीम ने संयुक्त रूप से बोगरा चट्टी गांव (एनएच-19) के पास छापेमारी कर अवैध कोयले से लदा एक ट्रक जब्त किया।
छापेमारी के दौरान रोके गए ट्रक का पंजीकरण नंबर WB-37E-3454 बताया गया है। जांच में पाया गया कि ट्रक में करीब 24 मीट्रिक टन अवैध कोयला लदा था, जिसके संबंध में कोई वैध दस्तावेज मौजूद नहीं थे। इसके बाद ट्रक और कोयले को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए श्रीपुर फाड़ी पुलिस स्टेशन को सौंप दिया गया।
अवैध कारोबार पर सियासी घमासान
इस कार्रवाई के बाद भारतीय जनता पार्टी के पश्चिम बंगाल राज्य नेता कृष्णेंदु मुखर्जी ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि आसनसोल शिल्पांचल में अवैध कोयले का कारोबार खुलेआम फल-फूल रहा है, और इसमें पुलिस की मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता।
कृष्णेंदु मुखर्जी ने सवाल उठाते हुए कहा, “हर एक थाने के ओसी की जांच होनी चाहिए, सिर्फ एक की नहीं। अवैध कोयला और बालू के धंधे में माफियाओं के साथ साठगांठ कर कारोबार चलाया जा रहा है।”
उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ एक ट्रक पकड़े जाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। जब भी सीआईएसएफ सख्ती दिखाती है, स्थानीय पुलिस प्रशासन अपेक्षित सहयोग नहीं करता, जिससे बड़े नेटवर्क पर हाथ डालना मुश्किल हो जाता है।
पुराना लेकिन अनसुलझा मुद्दा
गौरतलब है कि आसनसोल और आसपास के इलाकों में अवैध कोयला खनन और तस्करी लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है। समय-समय पर कार्रवाई के बावजूद यह धंधा पूरी तरह थमता नजर नहीं आ रहा। ऐसे में एक बार फिर यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या सिर्फ छिटपुट कार्रवाई काफी है, या बड़े नेटवर्क पर चोट करने की जरूरत है?
फिलहाल, इस मामले में आगे की जांच पुलिस प्रशासन द्वारा की जा रही है, वहीं राजनीतिक बयानबाजी ने पूरे मुद्दे को और गरमा दिया है।











