📍 जामुड़िया/चुरुलिया से रिपोर्ट |
पश्चिम बंगाल के जामुड़िया थाना क्षेत्र अंतर्गत चुरुलिया में बुधवार को एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर) के विरोध और समर्थन को लेकर सियासी तापमान अचानक बढ़ गया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने एनआरसी के समर्थन में पथ अवरोध किया, जिससे कुछ देर के लिए आवागमन पूरी तरह ठप हो गया।
इस विरोध प्रदर्शन में स्थानीय लोगों को भी साथ लाया गया, जिन्होंने केंद्र सरकार की नीति को समर्थन देने का दावा किया।
🆚 टीएमसी ने किया विरोध, भाजपा से हुई तीखी बहस
जैसे ही खबर तृणमूल कांग्रेस तक पहुँची, उनके स्थानीय कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और विरोध को हटाने की कोशिश की। यहीं से शुरू हुआ जोरदार टकराव — दोनों दलों के कार्यकर्ताओं में झड़प, नारेबाजी और धक्का-मुक्की हुई।
👮 पुलिस की सतर्कता से टली बड़ी घटना
घटना की सूचना मिलते ही चुरुलिया पुलिस मौके पर पहुँची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने दोनों दलों के नेताओं से बात कर प्रदर्शन को शांत कराया और दो प्रमुख कार्यकर्ताओं को समझाकर वहां से हटाया।
🗣️ नेताओं के बयान ने और गरमाई सियासत
भाजपा नेता तापस राय ने बयान दिया,
“एनआरसी पर हम पीछे नहीं हटेंगे। देश की सुरक्षा और पहचान के लिए यह ज़रूरी है।”
वहीं तृणमूल कांग्रेस के चुरुलिया अध्यक्ष ब्रज नारायण राय ने तीखा जवाब देते हुए कहा,
“जब तक केंद्र एनआरसी वापस नहीं लेता, तब तक बंगाल में इसका कोई सवाल ही नहीं उठता। भाजपा सिर्फ अफरा-तफरी मचाना चाहती है।”
🔍 पृष्ठभूमि: क्यों गरम है एनआरसी मुद्दा?
पश्चिम बंगाल में एनआरसी का मुद्दा लगातार विवादों में रहा है। तृणमूल कांग्रेस इसे असंवैधानिक और जनविरोधी बता रही है, जबकि भाजपा इसे घुसपैठ पर नियंत्रण और राष्ट्रीय सुरक्षा का जरिया मानती है।
🚨 स्थानीय जनता के बीच डर और असमंजस
सड़क जाम और झड़पों से आम लोग काफी परेशान दिखे। चुरुलिया निवासी रवि पाल ने कहा,
“हमें रोज़मर्रा की परेशानियों से कोई मतलब है। नेताओं की लड़ाई में आम जनता पिसती है।”
🔚 निष्कर्ष:
चुरुलिया की यह झड़प बंगाल की राजनीति में आने वाले समय में बड़े सियासी संघर्ष का संकेत देती है। अब देखना यह है कि एनआरसी को लेकर दोनों दल आगे क्या रुख अपनाते हैं — समाधान की ओर या संघर्ष की राह पर?











