पश्चिम बर्धमान | आसनसोल
बर्नपुर रेलवे स्टेशन से सटे बाजार इलाके में आज दुकानदारों और हाकरों ने रेलवे के आदेश के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि रेलवे की ओर से उन्हें सिर्फ सात दिनों के भीतर दुकानें खाली करने का निर्देश दिया गया है, जबकि वे यहां 30 वर्षों से अधिक समय से व्यवसाय कर रहे हैं।
दुकानदारों ने सवाल उठाया कि बिना किसी वैकल्पिक पुनर्वास की व्यवस्था किए अगर उन्हें हटाया गया, तो वे आखिर जाएंगे कहां? उनका कहना है कि रेलवे द्वारा बार-बार इस तरह के कदम उठाकर स्थानीय व्यापारियों को परेशान करना पूरी तरह अनुचित है।
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, हाल ही में रेलवे के कुछ अधिकारी मौके पर पहुंचे थे और उन्होंने साफ तौर पर कहा कि बाजार क्षेत्र को सात दिनों के भीतर खाली करना होगा। हालांकि, किसी भी अधिकारी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि हटाए जाने के बाद व्यापारियों के लिए किसी प्रकार की पुनर्वास योजना मौजूद है या नहीं।
एक दुकानदार ने कहा,
“हम में से कई लोग 30 साल से ज्यादा समय से यहीं दुकान चला रहे हैं। हमारी रोज़ी-रोटी इसी पर निर्भर है। अगर अचानक हमें हटा दिया गया तो हम और हमारे परिवार कहां जाएंगे?”
हाकरों और व्यापारियों ने साफ ऐलान किया कि जब तक रेलवे की ओर से उन्हें वैकल्पिक जगह या पुनर्वास नहीं दिया जाता, तब तक वे अपनी दुकानें नहीं हटाएंगे। सभी ने एकजुट होकर शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।
इस प्रदर्शन के चलते बर्नपुर स्टेशन के आसपास कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बना रहा। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। स्थानीय व्यापारियों की मांग है कि रेलवे प्रशासन और जिला प्रशासन इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करे, अन्यथा आंदोलन को और तेज किया जाएगा।











