Thursday, 24 September 2026
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आसनसोल-दुर्गापुर

बर्नपुर सेल में वर्षों बाद यूनियन चुनाव से मचा उत्साह, श्रमिकों से मिलने पहुंचीं मंत्री अग्निमित्रा पाल

Moutushi · 24 September 2026, 3:36 PM

आसनसोल: बर्नपुर स्थित सेल के इस्को स्टील प्लांट में लंबे समय के बाद यूनियन चुनाव को लेकर श्रमिकों के बीच उत्साह का माहौल देखने को मिला। गुरुवार को कारखाने में ट्रेड यूनियन चुनाव की प्रक्रिया के बीच राजनीतिक और श्रमिक संगठनों की गतिविधियां भी तेज रहीं। इसी दौरान राज्य की मंत्री अग्निमित्रा पाल बर्नपुर पहुंचीं और कारखाने के बाहर भारतीय मजदूर संघ यानी बीएमएस के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से मुलाकात की। उन्होंने संगठन के प्रतिनिधियों से बातचीत कर चुनाव से संबंधित विभिन्न विषयों की जानकारी ली।

बर्नपुर का सेल इस्को स्टील प्लांट पश्चिम बर्धमान जिले के औद्योगिक क्षेत्र की महत्वपूर्ण पहचान है। यहां हजारों परिवारों की आजीविका प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से इस्पात उद्योग से जुड़ी हुई है। ऐसे में लंबे समय बाद यूनियन प्रतिनिधित्व को लेकर चुनाव होने से श्रमिकों के बीच इस प्रक्रिया को लेकर खास दिलचस्पी देखी जा रही है।

चुनाव को लेकर कारखाने में बढ़ी हलचल

यूनियन चुनाव को लेकर पिछले कई दिनों से बर्नपुर में गतिविधियां तेज थीं। विभिन्न ट्रेड यूनियनें अपने-अपने स्तर पर श्रमिकों तक पहुंचने और अपने मुद्दों को सामने रखने में जुटी हुई हैं। चुनाव को लेकर कारखाने के आसपास भी माहौल में बदलाव दिखाई दे रहा है। लंबे समय से यूनियन प्रतिनिधित्व से जुड़े चुनाव की प्रतीक्षा कर रहे श्रमिकों के लिए यह प्रक्रिया महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

उपलब्ध चुनाव कार्यक्रम के अनुसार सेल-आईएसपी बर्नपुर में 24 सितंबर को गुप्त मतदान के जरिए ट्रेड यूनियन मान्यता चुनाव आयोजित किया जा रहा है। चुनाव की प्रक्रिया के लिए श्रम विभाग, प्रबंधन और संबंधित यूनियनों के प्रतिनिधियों के बीच पहले से बैठकें की गई थीं। विभिन्न पक्षों ने चुनाव को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने में सहयोग की बात कही थी।

अग्निमित्रा पाल की मौजूदगी से बढ़ी राजनीतिक हलचल

चुनाव के दौरान मंत्री अग्निमित्रा पाल का बर्नपुर पहुंचना भी चर्चा का विषय बना। वह कारखाने के बाहर बीएमएस के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से मिलीं। इस दौरान उन्होंने संगठन के नेताओं से बातचीत की और चुनाव से जुड़े विषयों की जानकारी ली।

मंत्री की मौजूदगी के दौरान बीएमएस कार्यकर्ताओं में भी उत्साह दिखाई दिया। कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने चुनावी प्रक्रिया तथा श्रमिकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। हालांकि, चुनाव में अंतिम फैसला कारखाने के पात्र श्रमिकों के मतदान से होना है और अलग-अलग ट्रेड यूनियनों को लेकर कर्मचारियों के बीच अपने-अपने स्तर पर चर्चा जारी है।

लंबे समय से चुनाव नहीं होने का मुद्दा

बर्नपुर सेल आईएसपी में यूनियन चुनाव का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में रहा है। यूनियन प्रतिनिधित्व को लेकर विभिन्न स्तरों पर प्रयास और कानूनी प्रक्रियाएं भी सामने आती रही हैं। इस मामले को केंद्रीय श्रम अधिकारियों और केंद्रीय इस्पात मंत्रालय के संज्ञान में लाए जाने की बात भी कही गई थी।

पिछले वर्षों में चुनाव की प्रक्रिया को लेकर अलग-अलग संगठनों की ओर से अपने पक्ष रखे गए। इस वजह से चुनाव कराने की प्रक्रिया कई स्तरों से होकर आगे बढ़ी। कलकत्ता उच्च न्यायालय के 2025 के एक आदेश में भी आईएसपी बर्नपुर में ट्रेड यूनियन मान्यता के लिए चुनाव प्रक्रिया और उसके लंबे समय से लंबित रहने का उल्लेख हुआ था। इसके बाद प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए नए स्तर पर कवायद शुरू हुई।

श्रमिकों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यूनियन चुनाव?

किसी बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठान में मान्यता प्राप्त ट्रेड यूनियन की भूमिका कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच संवाद में महत्वपूर्ण होती है। वेतन, सेवा शर्तों, कार्यस्थल की सुरक्षा, चिकित्सा सुविधा, आवास, छुट्टी, स्थानांतरण और अन्य श्रमिक हितों से जुड़े मुद्दों को यूनियन प्रबंधन के सामने उठाती है।

बर्नपुर सेल में भी श्रमिकों के बीच वेतन और सेवा से जुड़े विषयों के अलावा सुरक्षा, चिकित्सा, आवास और कार्यस्थल की सुविधाओं जैसे मुद्दे चर्चा में रहते हैं। चुनाव के बाद जिस यूनियन को मान्यता मिलती है, उसके सामने कर्मचारियों से जुड़े इन मुद्दों को प्रबंधन के साथ उठाने की जिम्मेदारी होगी।

यही वजह है कि लंबे समय के बाद होने वाला यह चुनाव केवल संगठनात्मक प्रक्रिया नहीं, बल्कि श्रमिक प्रतिनिधित्व के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि अलग-अलग यूनियनें अपने मुद्दों और प्राथमिकताओं के साथ कर्मचारियों के बीच पहुंच रही हैं और अंतिम निर्णय मतदान के माध्यम से ही होगा।

सात यूनियनों के बीच चुनावी मुकाबला

उपलब्ध चुनाव कार्यक्रम से पता चलता है कि बर्नपुर आईएसपी में मान्यता प्राप्त ट्रेड यूनियन के चुनाव में कई यूनियनें मैदान में हैं। चुनाव की प्रक्रिया को लेकर श्रम विभाग और प्रबंधन की ओर से नियम और व्यवस्था तय की गई है। मतदान गुप्त मतपत्र के माध्यम से होने के कारण प्रत्येक पात्र कर्मचारी अपने पसंदीदा यूनियन के पक्ष में मतदान कर सकता है।

चुनाव से पहले विभिन्न संगठनों की ओर से अपने मुद्दे और घोषणाएं भी सामने रखी गई हैं। बीएमएस समेत अलग-अलग यूनियनें कर्मचारियों के बीच अपनी प्राथमिकताएं बता रही हैं। ऐसे में चुनाव के दिन श्रमिकों की भागीदारी और मतदान प्रक्रिया पर सभी की नजर बनी हुई है।

बर्नपुर में श्रमिक राजनीति का नया अध्याय

बर्नपुर सेल आईएसपी में लंबे समय के बाद यूनियन चुनाव ने औद्योगिक क्षेत्र में एक बार फिर श्रमिक राजनीति और ट्रेड यूनियन प्रतिनिधित्व को केंद्र में ला दिया है। कारखाने से जुड़े कर्मचारियों के बीच चुनाव को लेकर उत्सुकता बनी हुई है। आने वाले समय में चुनाव परिणाम यह तय करेंगे कि कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने के लिए मान्यता प्राप्त यूनियन के रूप में कौन संगठन सामने आता है।

फिलहाल चुनाव के दिन कारखाने के आसपास गतिविधियां बढ़ी हुई हैं। श्रमिक अपने प्रतिनिधित्व को लेकर चर्चा कर रहे हैं और विभिन्न यूनियनें भी अपनी तैयारियों में जुटी हैं। ऐसे माहौल में मंत्री अग्निमित्रा पाल का बर्नपुर पहुंचकर बीएमएस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से मिलना चुनावी घटनाक्रम में एक और महत्वपूर्ण दृश्य बन गया।

लंबे समय तक चुनाव की प्रतीक्षा के बाद अब बर्नपुर आईएसपी के कर्मचारी मतदान के जरिए अपने ट्रेड यूनियन प्रतिनिधित्व को लेकर निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल हो रहे हैं। यही वजह है कि गुरुवार का दिन बर्नपुर के औद्योगिक और श्रमिक क्षेत्र में खास चर्चा का विषय बना हुआ है।

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