Friday, 9 October 2026
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बर्नपुर में बुलडोज़र पर बवाल! क्लब बचा, दुकान टूटी—बिना नोटिस कार्रवाई का आरोप

Moutushi · 2 June 2026, 7:58 PM

बर्नपुर: पश्चिम बंगाल के बर्नपुर इलाके में अतिक्रमण हटाओ अभियान को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस बार मामला और भी गंभीर हो गया है, क्योंकि सेल प्रबंधन पर बिना किसी पूर्व सूचना के एक दुकान को ध्वस्त करने का आरोप लगा है, जिससे पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया है।

मिली जानकारी के अनुसार, बर्नपुर के अपर रोड क्षेत्र में स्थित ‘नতুন दिगंत’ नामक एक क्लब को हटाने के लिए सोमवार को सेल प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंची थी। उस समय क्लब के सदस्यों और अधिकारियों के बीच तीखी कहासुनी हो गई थी। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि अधिकारियों को बिना कोई कार्रवाई किए ही वापस लौटना पड़ा।

लेकिन मंगलवार सुबह घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया। सेल प्रबंधन की टीम एक बार फिर अतिक्रमण हटाने के लिए इलाके में पहुंची। आरोप है कि क्लब को हटाने के उद्देश्य से आई टीम ने पास में स्थित एक दुकान को भी बुलडोज़र चलाकर ध्वस्त कर दिया।

दुकान मालिक का कहना है कि उन्हें इस कार्रवाई से पहले कोई लिखित नोटिस या चेतावनी नहीं दी गई थी। अचानक हुई इस कार्रवाई से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है। उनका आरोप है कि प्रशासन ने नियमों और कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना ही यह कदम उठाया।

इस घटना के बाद इलाके में लोगों के बीच भारी नाराजगी फैल गई। स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने सेल प्रबंधन से सवाल उठाया कि बिना उचित नोटिस के इस तरह की कार्रवाई कैसे की जा सकती है। कुछ समय के लिए इलाके में तनावपूर्ण स्थिति भी उत्पन्न हो गई, हालांकि बाद में स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया।

सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में बर्नपुर और आसपास के क्षेत्रों में बड़े स्तर पर अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जा सकता है। इस संभावना ने स्थानीय दुकानदारों और व्यापारियों के बीच भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है।

वहीं, इस पूरे मामले पर अब तक सेल प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। प्रशासन की चुप्पी ने इस विवाद को और गहरा कर दिया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर बिना नोटिस और कानूनी प्रक्रिया के इस तरह की कार्रवाई जारी रही, तो विरोध और भी उग्र हो सकता है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है और पीड़ित दुकानदार को न्याय मिल पाता है या नहीं।

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