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बंगाल

टीएमसी रैली में BLO! फोटो के साथ चुनाव आयोग पहुंची बीजेपी, कांकसा में बवाल

Moutushi · 26 April 2026, 11:37 PM

कांकसा: पश्चिम बंगाल के कांकसा इलाके में चुनावी माहौल के बीच एक नया विवाद खड़ा हो गया है, जिसने राजनीतिक तापमान को और बढ़ा दिया है। एक महिला बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) को तृणमूल कांग्रेस की रैली में देखे जाने के आरोप ने सियासत में तूफान ला दिया है।

⚠️ रैली में दिखी महिला BLO, विवाद शुरू

शनिवार को गालसी विधानसभा क्षेत्र में तृणमूल नेता अनुब्रत मंडल ने पार्टी उम्मीदवार अलोक कुमार माजी के समर्थन में एक रोड शो किया।
इसी दौरान एक महिला बीएलओ—चैताली राय—को रैली के साथ चलते हुए देखा गया, जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया।

📸 फोटो के साथ चुनाव आयोग में शिकायत

भारतीय जनता पार्टी ने इस घटना को गंभीर मानते हुए फोटो के साथ चुनाव आयोग में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।
बीजेपी का दावा है कि चैताली राय गालसी विधानसभा क्षेत्र के पार्ट नंबर 55 की आधिकारिक बीएलओ हैं और उनका किसी राजनीतिक दल के साथ इस तरह जुड़ाव नियमों के खिलाफ है।

🗣️ बीजेपी का आरोप—“नियमों की खुली अनदेखी”

बीजेपी नेता रमन शर्मा ने कड़ा सवाल उठाते हुए कहा—
👉 “जब कोई बीएलओ चुनाव आयोग के अधीन होता है, तो वह किसी राजनीतिक रैली में कैसे शामिल हो सकता है?”

उन्होंने आगे आरोप लगाया—
👉 “यह वही बात साबित करता है जो हम बार-बार कहते आए हैं—बंगाल में कानून का राज नहीं, बल्कि शासक का राज चल रहा है।”

🟢 तृणमूल का बचाव—“मात्र दर्शक थीं”

हालांकि तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
गालसी के उम्मीदवार अलोक कुमार माजी ने सफाई देते हुए कहा—
👉 “अनुब्रत मंडल को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग सड़क पर खड़े थे। वह महिला भी उन्हीं में से एक थीं। किसी ने उन्हें आवाज दी, लेकिन वह रैली का हिस्सा नहीं थीं।”

उन्होंने बीजेपी पर इस मुद्दे को बेवजह राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया।

⚖️ निष्पक्षता पर उठे सवाल

इस पूरे मामले ने एक बार फिर चुनावी प्रक्रिया में प्रशासनिक निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि चुनाव से पहले इस तरह के विवाद आम जनता के भरोसे को प्रभावित कर सकते हैं।

🔥 चुनावी माहौल में बढ़ी सियासी गर्मी

कांकसा की यह घटना अब सिर्फ एक स्थानीय विवाद नहीं रह गई है, बल्कि यह बड़े राजनीतिक मुद्दे में बदलती जा रही है।
बीजेपी, तृणमूल और अन्य दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।

👉 कुल मिलाकर, एक तस्वीर ने पूरे इलाके की राजनीति में हलचल मचा दी है। अब सबकी नजर चुनाव आयोग पर टिकी है कि वह इस मामले में क्या कदम उठाता है।

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