बिहार दिवस के मौके पर आसनसोल के बर्नपुर में छठ पूजा समिति के साथ बैठक कर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इस दिन को धूमधाम से मनाया। इस कार्यक्रम में आसनसोल दक्षिण की विधायक अग्निमित्रा पाल और बिहार के मधुबनी से सांसद डॉ. अशोक कुमार यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
बिहार और बंगाल के गहरे रिश्तों पर बोले सांसद अशोक यादव

बैठक के बाद सांसद डॉ. अशोक कुमार यादव ने कहा कि बिहार और बंगाल के बीच अटूट संबंध हैं। बिहार के करीब दो करोड़ लोग काम और अन्य कारणों से पश्चिम बंगाल सहित विभिन्न राज्यों में निवास कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार के लोग बंगाल में सम्मानपूर्वक काम कर रहे हैं और बंगाल की प्रगति में बिहार के मजदूरों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
अग्निमित्रा पाल ने साधा निशाना, कहा – ‘बंगाल में हिंदीभाषियों पर अत्याचार’
जहां एक तरफ बीजेपी सांसद यादव ने बिहार और बंगाल के रिश्तों की सराहना की, वहीं विधायक अग्निमित्रा पाल ने राज्य सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “इस राज्य में हिंदीभाषियों के साथ भेदभाव और अत्याचार हो रहा है। यहां तक कि मतदाता सूची से उनके नाम हटाए जा रहे हैं।”

अग्निमित्रा पाल ने दावा किया कि बंगाल में बीजेपी कार्यकर्ताओं और हिंदीभाषी समुदाय को तृणमूल सरकार के इशारे पर दबाया जा रहा है। उन्होंने ममता सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि “बंगाल में लोकतंत्र खतरे में है, बीजेपी कार्यकर्ताओं पर हमले हो रहे हैं, और अब हिंदीभाषी मतदाताओं को भी निशाना बनाया जा रहा है।”
तृणमूल कांग्रेस का पलटवार, कहा – ‘बाहर के नेताओं पर निर्भर है बीजेपी’

बीजेपी के इस कार्यक्रम को लेकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने तंज कसते हुए कहा कि बंगाल में बीजेपी के कार्यकर्ता अब अपने ही नेताओं पर भरोसा नहीं कर रहे, इसलिए उन्हें बाहर से नेता और मंत्री बुलाने पड़ रहे हैं। टीएमसी नेता अशोक रुद्र ने कहा कि बीजेपी सिर्फ बाहरी नेताओं के सहारे चल रही है और बंगाल की राजनीति को समझने में पूरी तरह विफल हो रही है।










