बराकर गौशाला विवाद की ‘चाबी’ पर तकरार, दोनों पक्ष आमने-सामने

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बराकर, संवाददाता:
बराकर पिंजरा पोल सोसाइटी की गौशाला को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। मंगलवार को इस मुद्दे ने नया मोड़ ले लिया जब गौशाला कमेटी से निष्कासित सदस्यों ने बराकर हाटतल्ला स्थित निजी कार्यालय में प्रेस वार्ता कर नई कमेटी पर गंभीर आरोप लगाए।

विवादित अध्यक्ष घनश्याम बंसल, दिलीप गुप्ता, उद्योगपति ओमप्रकाश केजरीवाल और मनोज पोद्दार ने संयुक्त रूप से नई कमेटी को “असंवैधानिक” करार देते हुए कई अहम दस्तावेज़ और तथ्यों का हवाला दिया।

📣 आरोपों की बौछार

  • सदस्यों को बिना कारण निलंबित करना
  • मनमाने तरीके से कमेटी गठन
  • सामाजिक संस्थाओं में अवैध दखल
  • पुरानी रसीदें और चाबियां न सौंपना

इन सभी बिंदुओं पर वक्ताओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि, “यदि न्याय नहीं मिला तो कोर्ट का सहारा लेंगे। समाज के बीच में बैठकर मामले का समाधान होना चाहिए।”

🔁 जवाब में क्या बोले वर्तमान अध्यक्ष शिवकुमार अग्रवाल?

शिवकुमार अग्रवाल ने पलटवार करते हुए कहा,

“नई कमेटी का गठन घनश्याम बंसल और दिलीप गुप्ता की सहमति और हस्ताक्षर के साथ हुआ था। अब पद छोड़ने के बाद आरोप लगाना नैतिकता नहीं दिखाता।”

उन्होंने आगे कहा कि नई कमेटी में 8 सदस्य, जिनमें से 2 ठाकुरबाड़ी मारवाड़ी पंचायती से नामित हैं। दो बार चाबी मांगी गई लेकिन नहीं सौंपी गई।

उन्होंने कहा, “अगर जरूरत पड़ी तो गौशाला बंद कर देंगे, लेकिन गलत मानसिकता वालों के आगे नहीं झुकेंगे। अब हर काम नियम से होगा, किसी की निजी इच्छा से नहीं।”

🔍 अब क्या?

  • नई कमेटी के सदस्यों में जल्द बदलाव संभव
  • दोनों पक्ष कानून का रास्ता अपनाने को तैयार
  • समाज में दो धड़ों में बंटता नजर आ रहा है समर्थन
ghanty

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