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आसनसोल-दुर्गापुर

बाराबनी में बारिश का कहर! 80 फीट सड़क धंसी, 5-7 फीट गहरे गड्ढे से मचा हड़कंप

Moutushi · 2 September 2026, 4:16 PM

बाराबनी: लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच पश्चिम बर्दवान जिले के बाराबनी इलाके से सड़क धंसने की बड़ी घटना सामने आई है। मदनमोहनपुर गांव के पास भानोड़ा-भास्काजुड़ी से नूनी मोड़ जाने वाली मुख्य सड़क का करीब 80 से 90 फीट हिस्सा अचानक धंस गया। सड़क के बीचों-बीच लगभग 5 से 7 फीट गहरा गड्ढा बन जाने से इलाके में हड़कंप मच गया है। सड़क का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के बाद इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही फिलहाल रोक दी गई है।

बताया जा रहा है कि लगातार बारिश के कारण जमीन के नीचे पानी का दबाव बढ़ने और तेज बहाव के चलते रात के समय सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंस गया। सुबह जब ग्रामीणों की नजर क्षतिग्रस्त सड़क पर पड़ी, तो इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सड़क के बीच बना गहरा गड्ढा किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकता था, इसलिए प्रशासन की ओर से तत्काल सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत महसूस की गई।

अचानक धंस गई मुख्य सड़क

भानोड़ा-भास्काजुड़ी से नूनी मोड़ की ओर जाने वाली यह सड़क आसपास के ग्रामीण इलाकों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग मानी जाती है। इस मार्ग से प्रतिदिन स्थानीय लोग विभिन्न कामों के लिए आवागमन करते हैं। सड़क का करीब 80 से 90 फीट हिस्सा धंसने के बाद लोगों के सामने अचानक आवाजाही का संकट खड़ा हो गया है।

ग्रामीणों के अनुसार, बारिश के दौरान सड़क के नीचे और आसपास पानी का बहाव काफी बढ़ गया था। इसी बीच रात के समय सड़क का एक बड़ा हिस्सा जमीन में धंस गया। यदि उस समय कोई वाहन वहां से गुजर रहा होता, तो गंभीर दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था।

5 से 7 फीट गहरा गड्ढा बना खतरा

सड़क धंसने के बाद बीच में करीब 5 से 7 फीट गहरा गड्ढा बन गया है। क्षतिग्रस्त हिस्से की स्थिति को देखते हुए सामान्य यातायात के लिए सड़क को सुरक्षित नहीं माना जा सकता। ऐसे स्थान पर अंधेरे के समय दुर्घटना का खतरा और भी बढ़ जाता है।

हादसे की आशंका को देखते हुए पुलिस ने क्षतिग्रस्त सड़क के आसपास बैरिकेडिंग कर लोगों और वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि लगातार बारिश के कारण धंसे हुए हिस्से के और कमजोर होने की संभावना बनी हुई है।

हजारों ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित

सड़क बंद होने का सीधा असर आसपास के गांवों के लोगों पर पड़ा है। रोजमर्रा के काम, बाजार, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा और अन्य जरूरी कार्यों के लिए इस मार्ग पर निर्भर रहने वाले ग्रामीणों को अब वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है।

फिलहाल स्थानीय लोग सड़क के किनारे बने कच्चे रास्ते से किसी तरह आवागमन करने को मजबूर हैं। कुछ लोग पैदल तो कुछ बाइक के सहारे इस वैकल्पिक रास्ते का इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि बारिश जारी रहने पर कच्चे रास्ते की स्थिति भी खराब होने की आशंका है।

सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल

सड़क धंसने के बाद ग्रामीणों ने इसके निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सड़क प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनाई गई थी और तेज बारिश के दौरान इतनी जल्दी बड़े हिस्से का धंस जाना चिंता का विषय है।

हालांकि सड़क धंसने का वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। लगातार बारिश, पानी के तेज बहाव, मिट्टी की स्थिति, सड़क के नीचे की संरचना और निर्माण में इस्तेमाल सामग्री जैसे कई पहलुओं की तकनीकी जांच आवश्यक होगी। इसलिए किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले संबंधित विभाग की जांच रिपोर्ट का इंतजार करना जरूरी है।

खानापूर्ति नहीं, स्थायी समाधान की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन से केवल ऊपरी तौर पर मरम्मत करने के बजाय मजबूत और स्थायी समाधान की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सड़क को जल्दबाजी में केवल मिट्टी या सामान्य सामग्री डालकर ठीक कर दिया गया और जलनिकासी की समस्या दूर नहीं की गई, तो अगली भारी बारिश में फिर से सड़क धंसने का खतरा बना रहेगा।

ग्रामीणों की मांग है कि क्षतिग्रस्त हिस्से की तकनीकी जांच कराई जाए। साथ ही यह भी देखा जाए कि पानी सड़क के नीचे किस रास्ते से जा रहा है और भविष्य में ऐसी घटना रोकने के लिए किस प्रकार की संरचना की आवश्यकता होगी।

बारिश जारी रही तो बढ़ सकती है परेशानी

मौसम खराब रहने और बारिश का सिलसिला जारी रहने पर स्थिति और गंभीर हो सकती है। यदि पानी का बहाव लगातार इसी क्षेत्र से गुजरता रहा, तो धंसे हुए हिस्से के आसपास की जमीन भी कमजोर हो सकती है। इससे सड़क का क्षतिग्रस्त क्षेत्र और बढ़ने की आशंका बनी रह सकती है।

ऐसे में प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती है। एक ओर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है, वहीं दूसरी ओर प्रभावित मार्ग को जल्द से जल्द सुरक्षित बनाकर यातायात बहाल करना भी आवश्यक है।

प्रशासन की कार्रवाई पर ग्रामीणों की नजर

सड़क धंसने की घटना के बाद अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन और संबंधित विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। लोग चाहते हैं कि घटनास्थल का विशेषज्ञों द्वारा निरीक्षण कराया जाए और सड़क की मजबूती तथा निर्माण गुणवत्ता की जांच की जाए।

ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल एक सड़क के क्षतिग्रस्त होने का मामला नहीं है, बल्कि इससे कई गांवों की दैनिक आवाजाही प्रभावित हुई है। इसलिए मरम्मत कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

बाराबनी के मदनमोहनपुर के पास सामने आई इस घटना ने बारिश के दौरान ग्रामीण सड़कों की मजबूती और जलनिकासी व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब 80 से 90 फीट सड़क का धंसना और 5 से 7 फीट गहरा गड्ढा बनना सामान्य घटना नहीं मानी जा सकती।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि सड़क केवल लगातार बारिश और पानी के दबाव के कारण धंसी या इसके पीछे निर्माण की गुणवत्ता से जुड़ा कोई कारण भी है। इसका जवाब तकनीकी जांच के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल पुलिस की बैरिकेडिंग के बीच ग्रामीण वैकल्पिक कच्चे रास्ते से आवागमन कर रहे हैं और सभी की नजर इस बात पर है कि प्रशासन कब तक स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाता है।

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