भारत से आलू आयात करने पर झुकी बांग्लादेश सरकार, 468 टन आलू पहुंचा बेंतापोल

single balaji

बांग्लादेश के अस्थायी प्रधानमंत्री मोहम्मद युनूस, जिन्होंने पहले भारत के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया था, अब परिस्थितियों के सामने झुकते हुए भारत से 468 टन आलू आयात करने का निर्णय लिया है। यह कदम यह दर्शाता है कि बांग्लादेश को अपनी आर्थ‍िक और आपूर्ति संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत की ओर रुख करना पड़ा है।

468 टन आलू का आयात हुआ बांग्लादेश में

बांग्लादेश के बেনापोल लैंड पोर्ट रेलवे स्टेशन पर गुरुवार शाम को भारत से 468 टन आलू का कंसाइनमेंट पहुंचा। इस माल को अगले शनिवार को उतारा जाएगा। आलम एंड सन्स, सी एंड एफ एजेंट के अधिकारी नाजमुल अरिफिन जॉनी ने बताया कि कस्टम्स क्लीयरेंस के लिए आवश्यक दस्तावेज शनिवार को बेनापोल कस्टम हाउस में जमा किए जाएंगे।

इस मालगाड़ी में 9460 बोरियां आलू थीं और इस कंसाइनमेंट की आयात मूल्य $10,07,640 है।

प्याज और आलू के लिए वैकल्पिक उपायों पर विचार

बांग्लादेश के वाणिज्य मंत्रालय के सचिव सलीम उद्दीन ने बताया कि वे प्याज और आलू के आपूर्ति और कीमतों को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। भारत से आयातित प्याज की जगह चीन, पाकिस्तान और तुर्की से प्याज आयात करने का विचार किया जा रहा है। वहीं, आलू के लिए जर्मनी, मिस्र, चीन और स्पेन से आयात पर विचार हो रहा है।

भारत के प्रति बांग्लादेश सरकार का झुकाव

प्रारंभ में, मोहम्मद युनूस की अस्थायी सरकार ने भारत के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया था और जब से शेख हसीना को सत्ता से हटा दिया गया, देश में आंतरिक और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कई समस्याएं उत्पन्न हुईं। लेकिन अब बांग्लादेश सरकार ने भारत से आलू आयात करने का फैसला लिया है, जो दिखाता है कि उन्होंने अपनी नीति में बदलाव किया है।

ghanty

Leave a comment