जमुडिया के नींघा इलाके में रविवार को आवाज (AWAZ) पश्चिम बर्दवान जिला कमेटी की ओर से केंद्र सरकार की एस.आई.आर. (S.I.R) नीति के विरोध में एक भव्य नागरिक कन्वेंशन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को एकजुट कर संविधान, लोकतंत्र और राष्ट्रीय एकता की रक्षा के लिए आवाज बुलंद करना रहा।
कार्यक्रम स्थल पर लगे बैनरों में साफ तौर पर
“Citizens Convention on S.I.R Policy of Central Government” और
“Save Constitution, Save Democracy, Save National Integration”
जैसे प्रभावशाली नारे लिखे गए थे, जिसने कार्यक्रम की गंभीरता और उद्देश्य को स्पष्ट रूप से दर्शाया।
🗣️ लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष मंच के रूप में आवाज की भूमिका
बैनरों में यह भी उल्लेख किया गया कि आवाज एक लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष मंच है, जो धार्मिक और भाषाई अल्पसंख्यकों के अधिकारों और हितों के लिए लगातार काम करता रहा है। आयोजनकर्ता के रूप में आवाज पश्चिम बर्दवान जिला कमेटी का नाम प्रमुखता से दर्ज था।
🏛️ मंच पर दिखीं देश के महान नेताओं की तस्वीरें
कार्यक्रम के दौरान मंच से वक्ता माइक पर केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते नजर आए। मंच के पीछे लगाए गए पोस्टरों में महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह, राजगुरु और डॉ. भीमराव आंबेडकर की तस्वीरें लगी हुई थीं, जो लोकतंत्र, स्वतंत्रता और संविधान के मूल्यों का प्रतीक रहीं।
पोस्टरों में संगठन का नाम
“आवाज / আওয়াজ / آواز / AWAZ”
हिंदी, अंग्रेजी, बांग्ला और उर्दू भाषाओं में लिखा गया था, जिससे संगठन की बहुभाषी और समावेशी सोच सामने आई।
✊ संविधान और लोकतंत्र बचाने का संदेश
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि एस.आई.आर. नीति से देश के लोकतांत्रिक ढांचे और सामाजिक समरसता पर खतरा पैदा हो सकता है। ऐसे में नागरिकों को जागरूक होकर संविधान, लोकतंत्र और राष्ट्रीय एकता की रक्षा के लिए एकजुट होना होगा।
इस नागरिक कन्वेंशन के जरिए आवाज पश्चिम बर्दवान जिला कमेटी ने साफ संदेश दिया कि वह लोकतांत्रिक मूल्यों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।











