आसनसोल। धार्मिक आस्था, भव्यता और समाजसेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला आसनसोल हटन रोड स्थित यूथ क्लब के श्री श्री गणेश पूजा उत्सव 2025 में। लगातार 6 वर्षों से धूमधाम के साथ आयोजित हो रहा यह वार्षिक उत्सव इस बार और भी खास रहा, जहां धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ बड़े पैमाने पर सामाजिक कार्यों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने लोगों का दिल जीत लिया।
🔱 धार्मिक कार्यक्रम और सामाजिक सेवा साथ-साथ
उत्सव का शुभारंभ 26 अगस्त की शाम को हुआ। 27 अगस्त को सुबह गणेश पूजा और प्रसाद वितरण के साथ दिन की शुरुआत हुई। इसके बाद अनाथ बच्चों के बीच वस्त्र और भोजन वितरित कर क्लब ने मानवता की मिसाल पेश की। शाम को शंख और कैंडल प्रतियोगिता ने बच्चों और युवाओं को आकर्षित किया।
28 अगस्त को विशेष आरती संपन्न हुई। 29 अगस्त को जरूरतमंद महिलाओं को करीब 200 साड़ियां बांटी गईं, वहीं 30 अगस्त को गणेश विसर्जन के उपरांत विशाल खिचड़ी भोग का आयोजन हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

🌟 विशेष अतिथियों की मौजूदगी ने बढ़ाई शोभा
पूरे कार्यक्रम के दौरान कई गणमान्य लोग और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें श्री सच्चिन राय, डॉ. दिलीप दत्ता, आर्ट ऑफ लिविंग के राज्य कोऑर्डिनेटर धर्मवीर सिंह और उनकी पत्नी हरप्रीत चावला, पार्षद बबीता दास, पूर्व पार्षद जगदीश शर्मा, श्रीमती उमा दत्ता, श्री हिमाद्री मुखर्जी, श्री परमजीत सिंह, श्री प्रेम चौबे, श्री गोपाल सिंह, श्री सौर्य कुमार साधु, कराटे में राष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेता 9 वर्षीय आशी श्रीवास्तव, कौशिक कुंडू और इंटरनेशनल योगा ट्रेनर शिवन मंडल शामिल रहे। सभी अतिथियों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
👥 यूथ क्लब कमेटी की सक्रिय भूमिका
यूथ क्लब की कमेटी ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अध्यक्ष दलजीत सलूजा (राजू सलूजा), चेयरमैन सतीश चंद्रा, कार्यकारी अध्यक्ष पंकज बर्नवाल, ऋषिकेश सिंह और सोनी सलूजा सहित सचिव, कोषाध्यक्ष और संयुक्त सचिवों की टीम ने पूरे उत्सव को सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न किया।
🤝 समाजसेवा को मिली प्राथमिकता
इस गणेश उत्सव की सबसे बड़ी विशेषता रही समाजसेवा पर जोर। महिलाओं को साड़ी वितरण, अनाथ बच्चों को वस्त्र-भोजन प्रदान करना और आम श्रद्धालुओं के लिए विशाल भोग का आयोजन इस पूजा को अद्वितीय बना गया।
यूथ क्लब हटन रोड और सिटी टुडे नेटवर्क ग्रुप के संयुक्त प्रयासों से संपन्न यह आयोजन सिर्फ धार्मिक उत्सव ही नहीं बल्कि सामाजिक समर्पण का संदेश भी बन गया।











