आसनसोल नगर निगम के अंतर्गत आने वाला वार्ड संख्या 30, जिसे आमतौर पर रेलपार क्षेत्र के नाम से जाना जाता है, आज विकास की मिसाल बन चुका है। इस परिवर्तन की अगुवाई की है पहली बार चुनी गईं पार्षद श्रीमती गोपा रॉय ने, जो खुद इसी इलाके की रहने वाली हैं और यहाँ की हर छोटी-बड़ी समस्या से पहले से ही भली-भांति परिचित हैं।
🛠️ बुनियादी ढांचे का कायाकल्प
🔹 गरुई नदी के किनारे गार्ड वॉल का निर्माण
लगभग ₹30 लाख की लागत से गरुई नदी किनारे एक मज़बूत गार्ड वॉल बनाया गया है, जिससे बरसात के समय बाढ़ की समस्या को रोका जा सकेगा।
🔹 सड़क निर्माण और मरम्मत
₹70 लाख की लागत से दक्षिणेश्वर काली मंदिर से राष्ट्रीय राजमार्ग तक नई पक्की सड़क बनाई गई है। साथ ही ₹10 लाख की लागत से महावीर कॉलोनी मजार से सुकांत पল্লी और दीपूपाड़ा तक कंक्रीट रोड का निर्माण कराया गया।
🔹 स्ट्रीट लाइट की रोशनी से नहाए मोहल्ले
सुकांत पल्ली, दीपू पाड़ा और गोपाल नगर में 36 स्ट्रीट लाइट लगाए गए हैं, जिससे रात के समय सुरक्षा में काफी सुधार हुआ है।

🏫 शिक्षा और स्वास्थ्य का ध्यान
🔹 विद्यालयों की स्थिति
इस वार्ड में एक हायर सेकेंडरी स्कूल, चार प्राइमरी स्कूल और एक पॉलिटेक्निक कॉलेज मौजूद है।
हालांकि दुर्गा मंदिर प्राइमरी स्कूल और आगाबेग प्राइमरी स्कूल में शौचालय और पेयजल की व्यवस्था अब भी एक चुनौती बनी हुई है।
गोपा रॉय बताती हैं कि “फंड उपलब्ध होने के बावजूद ज़मीन की कमी और स्कूल प्रशासन की अनिच्छा के कारण काम नहीं हो पा रहा“।
🔹 आंगनबाड़ी केंद्र निष्क्रिय
वार्ड में कुल चार आंगनबाड़ी केंद्र हैं, लेकिन दुर्भाग्यवश कोई भी पूरी तरह से सक्रिय नहीं है।
🗣️ पार्षद गोपा रॉय का बयान
“मैं इसी इलाके की बेटी हूं, इसलिए यहां की हर समस्या मेरी अपनी है। मेरा लक्ष्य है कि आने वाले दो वर्षों में इस वार्ड की हर सड़क और नाली को दुरुस्त कर दूं। कोई कोना विकास से वंचित न रहे।”
🔮 भविष्य की योजना
गोपा रॉय ने यह भी बताया कि पॉलिटेक्निक कॉलेज के पीछे की नालियों को हटाकर नए सिरे से बनाने की योजना है, जो अगले दो वर्षों में पूरी की जाएगी।
🌟 वार्ड 30 बना मॉडल वार्ड
इन सभी विकास कार्यों के कारण आज वार्ड 30 को “मॉडल वार्ड” कहा जाने लगा है। स्थानीय लोग इस परिवर्तन से बेहद संतुष्ट हैं और पार्षद गोपा रॉय को “विकास की प्रतीक” मानते हैं।













