आसनसोल शिल्पांचल में जनसेवा के लिए पहचान बनाने वाले एक विशिष्ट समाजसेवी एवं भारतीय जनता पार्टी के ऊर्जावान नेता द्वारा लगातार कई दिनों से व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आज जब वे आसनसोल नगर निगम के वार्ड नंबर 48 पहुंचे, तो वहां की जमीनी हकीकत देखकर उन्होंने गहरी चिंता व्यक्त की।
नेता ने बताया कि दिन की शुरुआत वार्ड नंबर 48 में पूजा-अर्चना के साथ की गई, जिसके बाद मॉर्निंग वॉक करते हुए स्थानीय लोगों से सीधे संवाद स्थापित किया गया। इसके बाद उन्होंने बूथ नंबर 180, 181, 182, 183, 184 और 185 में घर-घर जाकर लोगों की समस्याओं को सुना और क्षेत्र की स्थिति का निरीक्षण किया।
जनसंपर्क के दौरान सबसे चौंकाने वाली तस्वीर तब सामने आई जब एक स्थान पर आमने-सामने बने दो घरों के बीच कचरे का बड़ा अंबार लगा हुआ मिला। स्थानीय लोगों ने बताया कि कचरा उठाने की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण लोग मजबूरी में उसी स्थान पर मल त्याग करने को विवश हैं। क्षेत्र में शौचालय और स्वच्छता की समुचित व्यवस्था न होने से दुर्गंध और बीमारी का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
नेता ने आरोप लगाया कि वार्ड के काउंसलर द्वारा क्षेत्र में बुनियादी विकास कार्यों की अनदेखी की गई है, जिसके कारण वहां रहने वाले लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। बातचीत के दौरान कई परिवारों ने जल निकासी, सफाई, सड़क मरम्मत और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर समस्याओं की भी जानकारी दी।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि कचरा प्रबंधन की कोई नियमित प्रणाली नहीं है और न ही सार्वजनिक शौचालय की पर्याप्त व्यवस्था है। इसके चलते छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई लोगों ने यह भी शिकायत की कि गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है, जिससे बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है।
समाजसेवी नेता ने लोगों को आश्वासन देते हुए कहा कि आने वाले दिनों में इन समस्याओं को लेकर व्यापक आंदोलन किया जाएगा और प्रशासन पर दबाव बनाकर समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वार्ड के निवासियों को इस तरह की अमानवीय परिस्थितियों में जीने के लिए मजबूर नहीं छोड़ा जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि जनसंपर्क अभियान का उद्देश्य केवल राजनीतिक संवाद नहीं, बल्कि जमीनी समस्याओं को उजागर कर उनका स्थायी समाधान करना है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन और नगर निगम इस गंभीर मुद्दे पर कितनी शीघ्र कार्रवाई करते हैं या फिर वार्ड 48 के लोगों को अपनी बुनियादी सुविधाओं के लिए आंदोलन का सहारा लेना पड़ेगा।











