आसनसोल वार्ड 15 में जनसंपर्क के दौरान उजागर हुई जर्जर मकानों की दर्दनाक सच्चाई

single balaji

आसनसोल: शनिवार संध्या आसनसोल नगर निगम के वार्ड संख्या 15 के बौरीपाड़ा–पालपाड़ा क्षेत्र के बूथ संख्या 221 में सम्मानित कार्यकर्ताओं के साथ एक व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान जब टीम घर-घर पहुंची, तब क्षेत्र के कई परिवारों की बेहद दयनीय और चिंताजनक आवासीय स्थिति सामने आई, जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया।

जनसंपर्क के दौरान क्षेत्र की माताओं और बहनों ने अपने घरों की जर्जर हालत दिखाते हुए बताया कि कई मकान इतने पुराने और कमजोर हो चुके हैं कि उन्हें देखकर प्रतीत होता है कि वे कभी भी गिर सकते हैं। दीवारों में दरारें, टूटी छतें और असुरक्षित ढांचे के बीच परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में जीवन बिताने को मजबूर हैं।

पीड़ित परिवारों की व्यथा: कई बार शिकायत, फिर भी नहीं मिला समाधान

रीना बाउरी (पति – राजू बाउरी), आरती बाउरी, लखी बाउरी और मीना बाउरी सहित कई परिवारों ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि उन्होंने बार-बार अपनी समस्या संबंधित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के समक्ष रखी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
परिवारों का कहना है कि हर बारिश और आंधी के समय उन्हें अपने घर के गिरने का डर सताता है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर हमेशा चिंता बनी रहती है।

दयनीय हालात देख भावुक हुए कार्यकर्ता, प्राथमिकता पर समाधान का आश्वासन

जनसंपर्क अभियान के दौरान जब जमीनी सच्चाई सामने आई, तो टीम ने प्रभावित परिवारों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्या को प्राथमिकता के आधार पर उठाया जाएगा। आवास संबंधी इस गंभीर मुद्दे को संबंधित विभागों और प्रशासन के समक्ष मजबूती से रखने तथा जल्द समाधान कराने का हर संभव प्रयास करने का भरोसा दिया गया।

आवास संकट बना बड़ा सामाजिक मुद्दा

स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में कई आर्थिक रूप से कमजोर परिवार वर्षों से जर्जर मकानों में रहने को मजबूर हैं, जो किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकते हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इसे एक मानवीय और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बताया है, जिस पर तत्काल प्रशासनिक हस्तक्षेप आवश्यक है।

“जनता का विश्वास ही सबसे बड़ी शक्ति”

अभियान के दौरान यह भी कहा गया कि जनता का विश्वास ही सबसे बड़ी शक्ति है और अन्याय व उपेक्षा के खिलाफ आवाज उठाना एक सामाजिक कर्तव्य है। क्षेत्र के लोगों ने उम्मीद जताई है कि इस बार उनकी समस्याओं पर ठोस कदम उठाए जाएंगे और उन्हें सुरक्षित आवास का अधिकार मिलेगा।

राजनीतिक और सामाजिक हलकों में इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है और अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जर्जर मकानों में रह रहे इन जरूरतमंद परिवारों को राहत कब तक मिलती है।

ghanty

Leave a comment