आसनसोल : आसनसोल नगर निगम द्वारा संचालित सफाई कर्मियों की लगातार हड़ताल ने पूरे शहर को बदहाल कर दिया है। शहर के प्रमुख इलाकों से लेकर मोहल्लों तक जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बदबू, मच्छरों और बीमारियों का खतरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है।
इस पूरे मामले पर आसनसोल नगर निगम के चेयरमैन अमरनाथ चटर्जी ने सफाई कर्मियों की हड़ताल पर कड़ी नाराज़गी जताई है। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मियों से साफ तौर पर कहा गया था कि वे काम भी जारी रखें और अपनी मांगों को लेकर बातचीत की प्रक्रिया भी साथ-साथ चलती रहे। लेकिन इसके बावजूद सफाई कर्मी काम बंद कर हड़ताल पर अड़े हुए हैं, जिससे शहर में गंदगी फैल रही है।
चेयरमैन अमरनाथ चटर्जी ने दो टूक शब्दों में कहा,
“हमारे घरों के सामने भी गंदगी है, तो उनके घरों के सामने भी गंदगी है। यह स्थिति किसी को भी अच्छी नहीं लग सकती। हमने उनसे बैठकर बातचीत करने का अनुरोध किया था, लेकिन स्ट्राइक पर न जाने की बात उन्होंने नहीं मानी।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सफाई कर्मी भली-भांति जानते हैं कि सरकारी नियमों के तहत ‘नो वर्क, नो पे’ का सिद्धांत लागू होता है। इसके बावजूद हड़ताल जारी रखना न तो शहर के हित में है और न ही कर्मचारियों के अपने भविष्य के लिए उचित है।
चेयरमैन ने आगे कहा कि नगर निगम अभी भी बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार है।
“हम उनसे बार-बार अनुरोध कर रहे हैं कि 10 से 15 दिनों का समय दें। सरकारी नियमों के अनुसार जो मांगें जायज़ और मानने योग्य होंगी, उन्हें निश्चित रूप से पूरा किया जाएगा,” उन्होंने कहा।
इस बीच, सफाई व्यवस्था ठप होने से आम नागरिकों में गुस्सा और चिंता दोनों देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि हड़ताल का सीधा असर आम जनता के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है और जल्द से जल्द इसका समाधान निकलना चाहिए।
अब देखना यह होगा कि सफाई कर्मी नगर निगम की अपील मानकर काम पर लौटते हैं या फिर यह हड़ताल और लंबी खिंचती है, जिससे आसनसोल शहर की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।











