“पानी नहीं तो वोट नहीं” के नारे से फिर गूंजा आसनसोल

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पश्चिम बर्धमान, आसनसोल:
काफी समय बाद एक बार फिर आसनसोल में गूंज उठा चर्चित नारा—“पानी नहीं तो वोट नहीं”। पेयजल संकट को लेकर मंगलवार को आसनसोल के जगटडी गांव (वार्ड संख्या 58) में ग्रामीणों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा।

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि लंबे समय से उनके घरों में कानूनी रूप से पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। मजबूरी में ग्रामीणों को पास की पाइपलाइनों से अस्थायी और अवैध रूप से पानी लेने की कोशिश करनी पड़ी।

ग्रामीणों का कहना है कि मंगलवार को अचानक आसनसोल नगर निगम और पीडब्ल्यूडी विभाग के कुछ कर्मचारी इलाके में पहुंचे और उन जल कनेक्शनों को काट दिया, जिससे हालात और बिगड़ गए।

इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया। गुस्साए ग्रामीण सड़क पर उतर आए और जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने साफ शब्दों में घोषणा की—
👉 जब तक हर घर में कानूनी रूप से पीने के पानी की आपूर्ति नहीं होगी, तब तक इस वार्ड के बूथ में कोई वोट नहीं डाला जाएगा।

ग्रामीणों का कहना है कि पानी उनका मौलिक अधिकार है। यदि प्रशासन इस अधिकार को सुनिश्चित करने में असफल रहता है, तो मतदान करने का कोई मतलब नहीं रह जाता। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर वे चुनाव बहिष्कार करेंगे।

उल्लेखनीय है कि इस वार्ड के पार्षद संजय नुनिया हैं और संबंधित मतदान केंद्र संख्या 119 है। घटना के बाद से इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।

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