आसनसोल,
शुक्रवार को आसनसोल नगर निगम के आशुतोष हॉल में भारत के पूर्व राष्ट्रपति, महान दार्शनिक और शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती बड़े ही गरिमामय तरीके से मनाई गई। इस अवसर पर उनकी प्रतिमा और चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई।
📌 कार्यक्रम का शुभारंभ और विचार-विमर्श
कार्यक्रम की शुरुआत पुष्पांजलि और माल्यार्पण से हुई। इसके बाद वक्ताओं ने डॉ. राधाकृष्णन के जीवन और योगदान पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि—
“डॉ. राधाकृष्णन केवल एक महान शिक्षक ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और दर्शन के अमूल्य धरोहर थे। उनके विचार आज भी शिक्षा जगत और समाज को नई दिशा प्रदान कर रहे हैं।”
📌 गणमान्य अतिथियों की मौजूदगी
इस श्रद्धांजलि सभा में नगर निगम चेयरमैन अमरनाथ चटर्जी, डिप्टी मेयर वसीम उल हक, मेयर परिषद गुरदास चटर्जी, समेत नगर निगम के कई अधिकारी, कर्मचारी और समाजसेवी उपस्थित रहे।
सभी ने उनके आदर्शों और विचारों को याद करते हुए उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
📌 नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा
अधिकारियों ने कहा कि डॉ. राधाकृष्णन का जीवन और विचार नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। शिक्षक दिवस पर उनके योगदान को याद करना न केवल शिक्षा जगत बल्कि पूरे समाज के लिए महत्वपूर्ण है।
📌 शिक्षक दिवस का संदेश
वक्ताओं ने जोर दिया कि शिक्षक दिवस केवल सम्मान का दिन नहीं, बल्कि यह हमें शिक्षा की वास्तविक महत्ता और शिक्षकों की भूमिका की याद दिलाता है। डॉ. राधाकृष्णन की जयंती के मौके पर समाज के हर वर्ग को शिक्षा की अलख जगाने का संकल्प लेना चाहिए।











