आसनसोल, 24 जुलाई –
आसनसोल अदालत में एक महिला वकील के साथ कथित रूप से पुलिस द्वारा किए गए दुर्व्यवहार के खिलाफ वकीलों का विरोध प्रदर्शन लगातार पांचवें दिन भी जारी रहा। इसके कारण कोर्ट का सामान्य कामकाज पूरी तरह से ठप पड़ गया है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हो रही है और आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
👩⚖️ क्या है मामला?
सूत्रों के अनुसार, एक महिला अधिवक्ता के साथ पुलिस द्वारा अशोभनीय भाषा में व्यवहार किया गया, जिसे लेकर वकील समाज बेहद आक्रोशित है। उन्होंने इसे “व्यवसायिक गरिमा पर हमला” बताया और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है।
📢 बार एसोसिएशन ने क्या कहा?
बार एसोसिएशन की ओर से वरिष्ठ वकील बानी मंडल ने बताया –
“हम तब तक काम पर नहीं लौटेंगे जब तक महिला वकील को न्याय नहीं मिलता। आज जिला जज से वार्ता हुई है, लेकिन अगर संतोषजनक समाधान नहीं निकला तो कल की बैठक में आगे की रणनीति तय की जाएगी।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह मामला सिर्फ एक महिला वकील का नहीं, बल्कि पूरे अधिवक्ता समुदाय की इज्जत और सुरक्षा का सवाल है।
🛑 आम जनता हो रही परेशान
- कोर्ट के ठप होने से सैकड़ों मुकदमे लंबित हो गए हैं।
- दूर-दराज से आने वाले पक्षकारों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
- जमानत याचिकाएं, गवाही, और अन्य आवश्यक सुनवाइयां टल रही हैं।
⚠️ आंदोलन और तेज़ हो सकता है!
बार एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर भी जा सकते हैं। साथ ही राज्यपाल व उच्च न्यायालय को ज्ञापन सौंपने की तैयारी भी की जा रही है।
📸 (कल्पनाशील एंगल्स जो आप जोड़ सकते हैं अगर लाइव रिपोर्टिंग हो)
- “हमें सुरक्षा चाहिए, अपमान नहीं” – वकीलों के हाथों में पोस्टर
- वकील समुदाय का मौन जुलूस कोर्ट परिसर में
- महिला अधिवक्ताओं की विशेष सभा और समर्थन भाषण










