आसनसोल: आसनसोल शिल्पांचल में गुड फ्राइडे का पर्व इस बार भी आस्था, सादगी और शांति के संदेश के साथ मनाया गया। क्रिश्चियन समुदाय के इस विशेष दिन पर चर्चों में आयोजित विशेष प्रार्थना सभाओं में प्रभु यीशु मसीह के बलिदान को याद किया गया।
👨⚖️ मलय घटक ने की शिरकत:
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे पश्चिम बंगाल सरकार के कानून मंत्री श्री मलय घटक ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा—
“गुड फ्राइडे सिर्फ एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि त्याग, करुणा और मानवता का प्रतीक है। समाज में भाईचारा और सौहार्द बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।”
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार हर समुदाय के साथ खड़ी है और हर वर्ग के विकास के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
🙏 चर्चों में उमड़ी भीड़:
- सेंट विन्सेंट चर्च, बैरक चर्च, और अन्य स्थानीय चर्चों में विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की गईं।
- श्रद्धालुओं ने प्रभु यीशु के क्रूस पर बलिदान की स्मृति में मौन व्रत और सामूहिक प्रार्थनाएं कीं।
- कार्यक्रम में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही।
👮♀️ शांतिपूर्ण आयोजन:
पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा के विशेष इंतज़ाम किए गए थे।
स्थानीय प्रशासन और चर्च प्रशासन की साझेदारी से पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से सम्पन्न हुआ।
💬 आयोजकों की ओर से धन्यवाद:
चर्च प्रशासन ने मंत्री मलय घटक को धन्यवाद देते हुए कहा—
“उनकी उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को और अधिक गरिमामय बना दिया। उनके सहयोग से समाज में धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को मजबूती मिलती है।”
🌟 क्यों है “गुड फ्राइडे” आज भी प्रासंगिक?
- यह दिन हमें त्याग, क्षमा और प्रेम का बोध कराता है।
- समाज में एकता और शांति के लिए प्रेरित करता है।
- सभी धर्मों के लोगों को सामाजिक सौहार्द की मिसाल देता है।
📢 ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मकता और एकजुटता का संदेश जाता है। आइए, हम भी अपने आस-पास शांति और प्रेम फैलाने की पहल करें। 🙌










