आसनसोल:
स्वामी विवेकानंद महाराज की 164वीं जयंती के पावन अवसर पर आसनसोल में सनातन चेतना, युवा ऊर्जा और राष्ट्र निर्माण के संकल्प का भव्य प्रदर्शन देखने को मिला। इस अवसर पर समाजसेवी एवं भारतीय जनता पार्टी के नेता कृष्णा प्रसाद के नेतृत्व में एक विशाल मोटरसाइकिल रैली का आयोजन किया गया, जिसने पूरे शहर का माहौल भक्तिमय और उत्साहपूर्ण बना दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत माँ घागर बूढ़ी मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुई। पूजा के पश्चात सैकड़ों मोटरसाइकिलों का काफिला मंदिर प्रांगण से रवाना हुआ। रैली काली पहाड़ी, उषाग्राम, बीएनआर और जीटी रोड से गुजरते हुए अंततः जुबली मोड़ स्थित स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर जाकर संपन्न हुई। रास्ते भर “उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक मत रुको” जैसे नारों से वातावरण गूंजता रहा।
🗣️ युवाओं को एकजुट करने का आह्वान
रैली को संबोधित करते हुए समाजसेवी कृष्णा प्रसाद ने कहा कि स्वामी विवेकानंद केवल एक संत नहीं, बल्कि भारत के युवाओं के लिए जीवन दर्शन और आत्मबल के प्रतीक हैं।
उन्होंने कहा,
“हमारा उद्देश्य सभी सनातनी युवाओं को एक मंच पर लाना है, ताकि सनातन धर्म, संस्कृति और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना और अधिक मजबूत हो सके।”
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नशा, निराशा और नकारात्मकता से दूर रहकर स्वामी विवेकानंद के विचारों को अपने जीवन में आत्मसात करें और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
🚩 अनुशासन और जोश का संगम
रैली के दौरान युवाओं में गजब का अनुशासन देखने को मिला। भगवा झंडे, विवेकानंद की तस्वीरें और देशभक्ति नारों के साथ यह आयोजन न केवल एक धार्मिक कार्यक्रम रहा, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक जागरण का संदेश भी देता नजर आया। स्थानीय लोगों ने भी सड़क किनारे खड़े होकर रैली का स्वागत किया।
आयोजकों के अनुसार, आने वाले समय में भी इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को जोड़ने और सनातन संस्कृति के मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास जारी रहेगा।











