आसनसोल, पश्चिम बर्दवान: चुनावी माहौल के बीच आसनसोल के ADDA मैदान में आयोजित विशाल जनसभा में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने 9 विधानसभा उम्मीदवारों के समर्थन में जनता से वोट की अपील की और भारतीय जनता पार्टी पर जमकर हमला बोला।
⚡ “बीजेपी को देना होगा विदाई”
सभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा—
👉 “राज्य से बीजेपी को विदाई देना जरूरी है”
👉 अगर बीजेपी सत्ता में रही तो ईडी और सीबीआई का डर दिखाकर जनता को परेशान किया जाएगा
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार एजेंसियों का दुरुपयोग कर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश करती है।
🗳️ SIR विवाद पर बड़ा दावा
ममता बनर्जी ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर बड़ा आरोप लगाया—
👉 SIR प्रक्रिया के जरिए करीब 90 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए
👉 जिनमें 60 लाख हिंदू और 30 लाख मुस्लिम शामिल बताए
उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद—
👉 30 लाख से ज्यादा नाम दोबारा जुड़वाए गए
उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी मतदाता का नाम कटने नहीं दिया जाएगा।
🕌 धार्मिक एकता का संदेश
सभा के दौरान ममता बनर्जी ने सभी धर्मों के प्रति सम्मान दिखाते हुए—
👉 “ला इलाहा इल्लल्लाह”
👉 “छठ मैया की जय”
👉 “वाहे गुरु दी खालसा”
👉 “जय जोहार”
जैसे उद्घोष किए और सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया।
🎯 प्रधानमंत्री पर सीधा हमला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा—
👉 बीजेपी रैलियों में पैसे देकर भीड़ जुटाती है
👉 जबकि तृणमूल कांग्रेस पैदल मार्च के जरिए जनता से जुड़ती है
👩🦰 महिलाओं के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर वार
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया—
👉 केंद्र सरकार ने महिलाओं से किए गए वादे पूरे नहीं किए
👉 दिल्ली में हर महीने आर्थिक सहायता देने की बात अब तक अधूरी है
⚔️ “सोनार बांग्ला” बनाम जमीनी हकीकत
उन्होंने कहा—
👉 बीजेपी “सोनार बांग्ला” का नारा देती है
👉 लेकिन राज्य के लिए कोई ठोस काम नहीं किया गया
👉 साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी समाज को बांटने की राजनीति करती है
🚨 दिल्ली की राजनीति में भी संकेत
अपने भाषण के अंत में ममता बनर्जी ने बड़ा बयान देते हुए कहा—
👉 चुनाव के बाद वे दिल्ली जाएंगी
👉 और केंद्र की राजनीति में बदलाव के लिए तैयार हैं
🔍 क्या कहता है राजनीतिक माहौल?
विशेषज्ञों का मानना है—
👉 आसनसोल की यह रैली तृणमूल की ताकत का बड़ा प्रदर्शन है
👉 SIR और मतदाता सूची का मुद्दा चुनाव में अहम बन सकता है
🔥 कुल मिलाकर, ADDA मैदान की यह रैली सिर्फ एक जनसभा नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक संदेश बनकर उभरी है—जहां ममता बनर्जी ने साफ कर दिया कि इस चुनाव में मुकाबला सिर्फ सीटों का नहीं, बल्कि विचारधारा और सत्ता की दिशा का भी है।














