मायापुर में अमित शाह का बड़ा संदेश: 2047 तक विश्वभर में गूंजेगा सनातन

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नदिया (पश्चिम बंगाल): केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नदिया जिले के मायापुर स्थित वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र ISKCON मुख्यालय का दौरा कर सनातन धर्म, सेवा और आध्यात्मिक जागरण में संस्था की भूमिका की भूरि-भूरि प्रशंसा की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत एक विकसित राष्ट्र बनेगा और सनातन धर्म का संदेश विश्व के कोने-कोने तक पहुंचेगा।

“गृह मंत्री नहीं, एक भक्त के रूप में आया हूं”

भक्तों को संबोधित करते हुए अमित शाह ने स्पष्ट कहा कि वह मायापुर राजनीतिक यात्रा पर नहीं, बल्कि एक श्रद्धालु के रूप में आए हैं। उन्होंने कहा कि चैतन्य महाप्रभु की पावन भूमि पर आने की उनकी लंबे समय से इच्छा थी, जो अब पूरी हुई।
उन्होंने भावुक स्वर में कहा कि यह यात्रा उनके लिए आध्यात्मिक ऊर्जा और आंतरिक शांति का अनुभव लेकर आई है।

भक्तिसिद्धांत सरस्वती की जयंती पर विशेष कार्यक्रम

गृह मंत्री 19वीं शताब्दी के महान वैष्णव आचार्य और गौड़ीय मठ के संस्थापक भक्तिसिद्धांत सरस्वती की 152वीं जयंती पर आयोजित भव्य धार्मिक समारोह में शामिल हुए।
उन्होंने कहा कि भक्तिसिद्धांत सरस्वती ने धर्म को रूढ़ियों से बाहर निकालकर आधुनिक सोच के साथ जोड़ा और यह सिद्ध किया कि आधुनिकता और आध्यात्मिकता एक-दूसरे के पूरक हैं, विरोधी नहीं।

शाह ने यह भी उल्लेख किया कि उनका सबसे बड़ा योगदान ए. सी. भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद जैसे महान शिष्य को तैयार करना था, जिनके प्रयासों से आज इस्कॉन आंदोलन विश्वभर में फैल चुका है।

गीता को जन-जन तक पहुंचाने में इस्कॉन की बड़ी भूमिका

अपने भाषण में उन्होंने कहा कि देश के लगभग हर राज्य और अनेक भाषाओं में श्रीमद्भगवद्गीता को आम जन तक पहुंचाने का श्रेय इस्कॉन को जाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा विदेशी राष्ट्राध्यक्षों को गीता भेंट करना इस बात का प्रतीक है कि भारतीय संस्कृति और सनातन दर्शन विश्व कल्याण का संदेश देता है।

सेवा, आपदा राहत और मानवता में अग्रणी भूमिका

अमित शाह ने आपदा प्रबंधन, सामाजिक सेवा और मानवता के कार्यों में इस्कॉन एवं गौड़ीय मठ के योगदान की विशेष सराहना की।
उन्होंने कहा कि बाढ़, प्राकृतिक आपदा या किसी भी संकट की घड़ी में सबसे पहले इस्कॉन की सेवा और प्रसाद वितरण व्यवस्था सक्रिय दिखाई देती है, जो संस्था की मानवीय प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

सूत्रों के अनुसार, मायापुर यात्रा से पहले उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी बातचीत हुई थी। जब शाह ने मायापुर जाने की जानकारी दी, तो प्रधानमंत्री ने सभी भक्तों के लिए ‘हरे कृष्ण’ का संदेश भेजा।

एक अरब नाम जप का प्रेरणादायक उदाहरण

गृह मंत्री ने भक्तिसिद्धांत सरस्वती ठाकुर द्वारा जीवनकाल में एक अरब बार श्रीकृष्ण नाम जप के संकल्प को पूरा करने को अद्भुत आध्यात्मिक उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि सच्चे भाव से एक बार भी भगवान का नाम लेने से चेतना जागृत हो सकती है और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है।

धार्मिक अनुष्ठानों में लिया सक्रिय भाग

मायापुर प्रवास के दौरान अमित शाह ने प्रभुपाद की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की और नरसिंह पूजा, पंचायतन पूजा तथा अष्टसखी पूजा सहित विभिन्न वैदिक अनुष्ठानों में भाग लिया।
करीब दो घंटे तक मंदिर परिसर में रहे शाह ने संतों, साधुओं और हजारों भक्तों से मुलाकात की।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह दौरा केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सांस्कृतिक कूटनीति और भारतीय आध्यात्मिक परंपरा के वैश्विक प्रसार के दृष्टिकोण से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसने मायापुर को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक केंद्र के रूप में चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

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