आसनसोल में डॉ. अंबेडकर जयंती पर ऐतिहासिक जनसैलाब, अमल बावरी बोले – “अब वक्त है अंबेडकर के सपनों को धरातल पर लाने का”

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आसनसोल : डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर आसनसोल उत्तर विधानसभा क्षेत्र में ऐसा नज़ारा देखने को मिला, जिसने बता दिया कि बाबा साहब की सोच आज भी लाखों दिलों की धड़कन है। डूरंड हॉल में आयोजित इस विशाल समारोह में समाज के हर वर्ग से लोग उमड़े और मंच पर अंबेडकरवादी विचारों की गूंज सुनाई दी।

🎤 अमल बावरी का हुंकार: “संविधान बचाओ, समता लाओ”

मुख्य अतिथि झारखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता अमल बावरी ने अपने ओजस्वी भाषण में कहा –

“डॉ. अंबेडकर का सपना था एक समतामूलक भारत का। आज जरूरत है कि हम सिर्फ जय भीम कहकर ना रुकें, बल्कि उनके आदर्शों को जमीनी हकीकत बनाएं।”

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की सराहना करते हुए कहा कि “बाबा साहब के नाम पर देश भर में बन रहे स्मारक और योजनाएं, उनकी विचारधारा को आगे बढ़ाने की दिशा में मजबूत कदम हैं।”

🏛 भाजपा का दमदार प्रतिनिधित्व

इस आयोजन में भाजपा के कई बड़े नेता उपस्थित थे –

  • कृष्णेंदु मुखर्जी (राज्य समिति सदस्य)
  • देवतनु भट्टाचार्य (पश्चिम बर्दवान जिला अध्यक्ष)
  • आशा शर्मा और अरिजीत राय जैसे कई कर्मठ कार्यकर्ता मंच पर मौजूद रहे।

📚 संगोष्ठी में उठे विचारों के स्वर

कार्यक्रम के दौरान एक संगोष्ठी का आयोजन हुआ जिसमें वक्ताओं ने डॉ. अंबेडकर के शिक्षा, सामाजिक न्याय और दलित उत्थान में योगदान को आज के संदर्भ में बेहद प्रासंगिक बताया। यह भी कहा गया कि शिक्षा ही वह हथियार है जिससे सामाजिक क्रांति संभव है – जैसा कि बाबा साहब हमेशा कहते थे, “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो।”

🎨 सांस्कृतिक रंगों से सजा डूरंड हॉल

कार्यक्रम स्थल को अंबेडकर जी के चित्रों, प्रेरणादायक नारों और रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजाया गया था। उपस्थित जनसमूह ने बाबा साहब की जीवन यात्रा को प्रदर्शित करती चित्र प्रदर्शनी को भी देखा।

🙏 संकल्प और आभार

कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी मेहमानों का आभार व्यक्त करते हुए यह संकल्प लिया कि अगले वर्षों में यह आयोजन और भी व्यापक व राष्ट्रीय स्तर पर किया जाएगा, ताकि डॉ. अंबेडकर की विचारधारा देश की नई पीढ़ी तक गहराई से पहुंचे।

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