आसनसोल: पश्चिम बर्धमान जिले के औद्योगिक शहर आसनसोल में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) अस्पताल की स्थापना की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। इस बार यह मांग समाजसेवी कृष्णा प्रसाद द्वारा सीधे देश के प्रधानमंत्री तक पहुँचाई गई है। उन्होंने प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखकर आसनसोल में एम्स अस्पताल की स्थापना और संचालन की मांग की है।
अपने पत्र में कृष्णा प्रसाद ने उल्लेख किया है कि आसनसोल न केवल पश्चिम बर्धमान जिले का मुख्यालय है, बल्कि यह एक प्रमुख औद्योगिक और घनी आबादी वाला क्षेत्र भी है। इसके बावजूद यहां आज भी उन्नत और तृतीयक स्तर की स्वास्थ्य सुविधाओं का गंभीर अभाव बना हुआ है। गंभीर बीमारियों, जटिल सर्जरी या विशेष चिकित्सा उपचार के लिए मरीजों को मजबूरी में कोलकाता या अन्य दूर-दराज के जिलों में स्थित सुपर-स्पेशियलिटी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है।

पत्र में यह भी कहा गया है कि स्थानीय स्तर पर उन्नत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध न होने के कारण समय पर इलाज संभव नहीं हो पाता। इसके चलते कई मामलों में ऐसी जटिलताएं उत्पन्न हो जाती हैं, जिन्हें समय रहते रोका जा सकता था। आपातकालीन स्थितियों में इलाज में देरी के कारण बहुमूल्य मानव जीवन की क्षति होने की घटनाएं भी सामने आती रही हैं।
समाजसेवी कृष्णा प्रसाद ने अपने पत्र में स्पष्ट रूप से लिखा है कि यदि पश्चिम बर्धमान जिले, विशेषकर आसनसोल में एम्स अस्पताल की स्थापना की जाती है, तो यह पूरे क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक और दूरगामी कदम साबित होगा। इससे न केवल सस्ती और उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी, बल्कि गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि एम्स अस्पताल की स्थापना से गरीब, मजदूर और जरूरतमंद वर्ग को विशेष राहत मिलेगी, जो बड़े शहरों के निजी अस्पतालों में महंगे इलाज का खर्च वहन करने में असमर्थ हैं। औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण यहां कार्यरत श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए यह अस्पताल जीवनरक्षक साबित हो सकता है।
अपने अनुरोध में कृष्णा प्रसाद ने प्रधानमंत्री से प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (PMSSY) या किसी अन्य केंद्रीय योजना के अंतर्गत आसनसोल में एम्स अस्पताल को मंजूरी देने की अपील की है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया है कि स्थानीय समुदाय इस परियोजना को सफल बनाने के लिए भूमि चिन्हित करने से लेकर अन्य आवश्यक सरकारी प्रक्रियाओं में हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार है।
इस मांग के सामने आने के बाद क्षेत्र के बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों और आम नागरिकों के बीच भी एम्स अस्पताल को लेकर चर्चा तेज हो गई है। लोगों का मानना है कि यदि यह परियोजना साकार होती है, तो आसनसोल और आसपास के जिलों की स्वास्थ्य तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है।











