*स्कूल के बोर्ड को वेस्ट बंगाल से अचानक बदलकर सीबीएसई करने का आरोप
आसनसोल : शहर के प्रमुख स्कूलों में से एक ईस्टर्न रेलवे हायर सेकेंडरी मल्टीपरपज स्कूल में नामांकन (एडमिशन) विवाद गहरा गया है। नामांकन में हो रही समस्या से नाराज छात्रों और उनके अभिभावकों ने शुक्रवार को स्कूल परिसर में विरोध-प्रदर्शन किया। बता दें कि यह स्कूल रेलवे द्वारा संचालित है। हालांकि, पूरे मामले में रेल प्रशासन का पक्ष नहीं मिल पाया है।
क्या कहना है छात्र-छात्राओं का?
विरोध-प्रदर्शन में शामिल एक छात्रा ने आरोप लगाया कि वर्ष 2016 में महज दो हजार रुपए की फीस फर उसने अपना एडमिशन इस स्कूल में कराया था, उस समय स्कूल पश्चिम बंगाल बोर्ड के अधीन हिन्दी माध्यम के रूप में संचालित होता था। अब अचानक से इसे सीबीएसई बोर्ड के अधीन लाया गया है। इस शैक्षणिक वर्ष के प्रथम तीन माह करी पढ़ाई वेस्ट बंगाल बोर्ड के अनुरूप करवाई गई, अब दबाव दिया जा रहा है कि सीबीएसई बोर्ड के आधार पर पढ़ाई होगी। मीड-सेशन में ऐसी स्थिति उत्पन्न कर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। एक अन्य छात्र का आरोप है कि कक्षा 11 और 12 में एडमिशन के लिए जब बच्चे आ रहे हैं तो कहा जा रहा है कि उन सभी को एडमिशन टेस्ट देना होगा और उन्हें आईसीएसई के बच्चों के साथ कम्पीटिशन कराया जा रहा है, जो कि बिल्कुल भी जायज नहीं है। इस पूरे मामले को लेकर डीआरएम कार्यालय को अवगत कराया गया है। सीनियर डीसीएम को ज्ञापन भी सौंपा गया है, लेकिन समाधान का कोई रास्ता नहीं निकला है।
अभिभावकों ने लगाई आरोपों की झड़ी
विरोध-प्रदर्शन में शामिल महिला अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन के इस रवैये पर नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया कि आठवीं कक्षा से अचानक बोर्ड को वेस्ट बंगाल से बदलकर सीबीएसई कर दिया गया है। वो भी शैक्षणिक सत्र के बीच में ही। उस पर सीट नहीं होने की बात कही जा रही है। हिन्दी माध्यम से पढ़ाई करने वालों बच्चों की तुलना सीबीएसई और आईसीएसई के छात्रों के साथ की जा रही है। पहले आश्वासन दिया गया था कि किसी तरह की कोई समस्या नहीं होगी।

अब उनलोगों को मझधार में लाकर खड़ा कर दिया गया है। ऐसे हालात में अब दूसरे स्कूलों में भी एडमिशन होना संभव नहीं है। वे सभी मध्यमवर्गीय परिवार से संबंध रखते हैं, डोनेशन दे पाना संभव नहीं है। स्कूल में पढ़ाई की व्यवस्था सही नहीं रह गई है। शिक्षकों की भी भारी कमी है। अगर सीट की कमी थी तो बाहरी बच्चों का एडमिशन क्यों लिया गया। पहली प्रमुखता होम स्टूडेंट को देनी चाहिए थी। अब 12 नवंबर को नामांकन की अंतिम तिथि है, ऐसे में सभी अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित है।
प्रधान शिक्षिका ने दिया समस्या जल्द सुलझाने का भरोसा
इस संबंध में स्कूल की प्रधान शिक्षिका तापसी मंडल ने कहा कि वह स्कूल में नई आई हैं। स्कूल के ही बच्चों और उनके अभिभावकों ने एडमिशन संबंधी समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया है। पूरे मामले में उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है। अभिभावकों को फिर से प्रस्ताव जमा देने को कहा गया है। 7 दिनों के अंदर समस्या का समाधान कर लिया जाएगा। उच्च अधिकारी इस पर अविलंब फैसला लेंगे।











