कोलकाता में एसआईआर मुद्दे को लेकर तृणमूल कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन लगातार चौथे दिन भी जारी रहा। सोमवार को धरना मंच पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्वयं मौजूद रहीं। शाम के समय तृणमूल कांग्रेस के अखिल भारतीय महासचिव अभिषेक बनर्जी भी धरना स्थल पर पहुंचे और उन्होंने इस पूरे मुद्दे पर विस्तार से अपनी बात रखी।
धरना मंच से बोलते हुए अभिषेक बनर्जी ने मुख्यमंत्री से भावुक अपील करते हुए कहा कि चार दिन से लगातार धरना जारी है और अब उन्हें अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि बंगाल के करोड़ों लोगों के हित में ममता बनर्जी का स्वस्थ रहना बेहद जरूरी है।
‘न्याय व्यवस्था पर है भरोसा’
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि एसआईआर मामले की सुनवाई मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली है और उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि जब तक 60 लाख लोगों को उनका अधिकार वापस नहीं मिलता, तब तक तृणमूल कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा।
चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार राज्य सरकार के अधिकारियों—डीईओ, एआरओ और एईआरओ—को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, जबकि पूरा सिस्टम और पोर्टल चुनाव आयोग द्वारा तैयार किया गया था।
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि माइक्रो ऑब्जर्वर और रोल ऑब्जर्वर की नियुक्ति भी चुनाव आयोग की ओर से की गई थी और नए कार्यालय खोलकर नाम हटाने की प्रक्रिया भी वहीं से संचालित हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली से सॉफ्टवेयर चलाकर सुनवाई नोटिस भेजे गए, लेकिन अब दोष राज्य सरकार पर मढ़ा जा रहा है।
‘ईडी-सीबीआई का सामना किया, झुके नहीं’
अपने भाषण में अभिषेक बनर्जी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के कई नेताओं के खिलाफ ईडी और सीबीआई की कार्रवाई हुई, लेकिन पार्टी ने कभी भी झुकने या आत्मसमर्पण करने का रास्ता नहीं चुना।
उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस अपनी रीढ़ नहीं बेचेगी और न ही सिर झुकाएगी।
अमित शाह पर साधा निशाना
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर हमला बोलते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा कि वे भ्रष्टाचार मुक्त बंगाल की बात करते हैं, जबकि उनके साथ बैठे कई लोग अलग-अलग घोटालों के आरोपी हैं और उनके खिलाफ सीबीआई के कई मामले लंबित हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे में वे किस आधार पर भ्रष्टाचार मुक्त बंगाल की बात कर रहे हैं।
‘2026 की लड़ाई यहीं से शुरू’
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि एसआईआर मुद्दे से जुड़े लगभग 200 लोगों की मौत हुई है, जिनमें करीब 50 प्रतिशत हिंदू समुदाय के लोग भी शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के केंद्रीकरण के लिए लोगों पर अत्याचार किया गया।
उन्होंने कहा कि 2026 के विधानसभा चुनाव की लड़ाई अब यहीं से शुरू हो चुकी है और बंगाल की जीत के साथ देश में “दूसरी आज़ादी की लड़ाई” की शुरुआत होगी।
‘घुसपैठियों की संख्या सार्वजनिक करें’
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि अमित शाह को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से पूछना चाहिए कि राज्य में कथित “घुसपैठियों” की संख्या कितनी है और उसे सार्वजनिक करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं किया जाता तो सार्वजनिक रूप से माफी मांगी जानी चाहिए, क्योंकि बंगाल के लोगों को ही बांग्लादेशी बताया जा रहा है।
‘दिदी से की भावुक अपील’
धरना मंच से अभिषेक बनर्जी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से भावुक अपील करते हुए कहा कि वे लगातार खराब मौसम, बारिश और तूफान के बीच धरने पर बैठी हैं। उन्होंने कहा कि अब उन्हें अपने शरीर पर और अत्याचार नहीं करना चाहिए।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि तृणमूल कांग्रेस के छात्र, युवा और लाखों कार्यकर्ता पहले से ही मैदान में हैं और आंदोलन को आगे बढ़ाते रहेंगे।
इस बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी लोगों से मंगलवार को बड़ी संख्या में धरना स्थल पर पहुंचने का आह्वान किया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह आंदोलन आने वाले समय में बंगाल की राजनीति को और गर्मा सकता है।














