आसनसोल-दुर्गापुर, बिकाश चंद्र, सिटी टुडे न्यूज़: पश्चिम बंगाल के आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्र में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। युवाओं को नशे के जाल में धकेलने वाले तस्करों और अवैध कारोबारियों पर शिकंजा कसते हुए पुलिस के खुफिया विभाग ने विशेष अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर कुल 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में प्रतिबंधित कफ सिरप और नशीली टैबलेट बरामद की हैं, जिनकी कुल कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस पूरे अभियान के तहत 12 अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। बरामद नशीले पदार्थों में लगभग 2 लाख 85 हजार रुपये मूल्य की प्रतिबंधित कफ सिरप और करीब 12 लाख रुपये की नशीली टैबलेट शामिल हैं। इस तरह पुलिस ने लाखों रुपये के प्रतिबंधित नशीले पदार्थों को बाजार में पहुंचने से पहले ही जब्त कर लिया।
31 अक्टूबर से 7 नवंबर तक राज्यव्यापी नशा विरोधी अभियान
इस विशेष कार्रवाई के संबंध में गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए डीसी डीडी सना अख्तर ने बताया कि राज्यभर में 31 अक्टूबर से 7 नवंबर तक नशे के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट ने भी अपने विभिन्न थाना क्षेत्रों में निगरानी और छापेमारी तेज कर दी है।
उन्होंने बताया कि पुलिस कमिश्नरेट का खुफिया विभाग नशीले पदार्थों की अवैध खरीद-बिक्री और उनके वितरण से जुड़े नेटवर्क पर नजर रख रहा है। संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलने के बाद अलग-अलग स्थानों पर योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में 12 मामले दर्ज किए गए और कुल 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस की इस कार्रवाई को केवल कुछ लोगों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं माना जा रहा है, बल्कि इसे इलाके में सक्रिय नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर लगाम लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कफ सिरप से लेकर नशीली गोलियों तक का कारोबार
इस अभियान में प्रतिबंधित कफ सिरप और नशीली टैबलेट की बरामदगी विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आमतौर पर कफ सिरप का इस्तेमाल खांसी जैसी बीमारियों के उपचार में किया जाता है, लेकिन कुछ विशेष प्रकार के सिरप में मौजूद नशीले तत्वों का दुरुपयोग भी किया जाता है। इसी तरह कुछ दवाओं का इस्तेमाल चिकित्सकीय सलाह और निर्धारित मात्रा से बाहर नशे के उद्देश्य से किया जाता है।
ऐसी दवाओं की अवैध खरीद-बिक्री स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा दोनों के लिए गंभीर चुनौती बन सकती है। खासकर कम उम्र के युवाओं के बीच नशीले पदार्थों की उपलब्धता उनके भविष्य और परिवारों के लिए चिंता का विषय है। हालांकि, इस मामले में बरामद कफ सिरप और टैबलेट के विशिष्ट ब्रांड, उनकी संख्या तथा आरोपियों के नेटवर्क के संबंध में पुलिस की ओर से विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
युवाओं को नशे से बचाने के लिए पुलिस की सख्ती
आसनसोल, दुर्गापुर, रानीगंज, कुल्टी, जामुड़िया और आसपास के क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण रखना पुलिस के लिए महत्वपूर्ण चुनौती है। नशीले पदार्थों का कारोबार अक्सर छोटे विक्रेताओं से लेकर बड़े आपूर्ति नेटवर्क तक फैला हो सकता है। ऐसे में केवल स्थानीय स्तर पर कार्रवाई करने के बजाय इसके पीछे सक्रिय पूरे नेटवर्क का पता लगाना भी जरूरी होता है।
पुलिस की हालिया कार्रवाई से यह संकेत मिला है कि नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध बिक्री के खिलाफ निगरानी बढ़ाई जा रही है। प्रतिबंधित दवाओं की बरामदगी और 14 लोगों की गिरफ्तारी से इस अवैध कारोबार को बड़ा झटका लगा है। हालांकि, इस नेटवर्क में अन्य लोगों की भूमिका और नशीले पदार्थों की आपूर्ति कहां से की जा रही थी, इसकी जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
आगे भी जारी रहेगा छापेमारी का अभियान
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार को रोकने के लिए आने वाले दिनों में भी विशेष अभियान जारी रहेगा। कमिश्नरेट के विभिन्न थाना क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी और खुफिया सूचनाओं के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की कोशिश है कि नशीले पदार्थों की अवैध खरीद-बिक्री करने वालों के साथ-साथ उनकी आपूर्ति और वितरण से जुड़े नेटवर्क पर भी प्रभावी कार्रवाई की जाए। इसके लिए विभिन्न थाना क्षेत्रों के बीच समन्वय और खुफिया जानकारी के आधार पर छापेमारी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
फिलहाल, 12 मामलों में 14 लोगों की गिरफ्तारी और लगभग 14 लाख 85 हजार रुपये मूल्य के प्रतिबंधित कफ सिरप एवं नशीली टैबलेट की जब्ती ने आसनसोल-दुर्गापुर क्षेत्र में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को चर्चा में ला दिया है। अब देखना होगा कि जांच के दौरान इस कारोबार से जुड़े और कितने लोगों की भूमिका सामने आती है।




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