दुर्गापुर, बिकाश चंद्र, सिटी टुडे न्यूज़ : पश्चिम बंगाल में अवैध हथियारों और विस्फोटकों की तस्करी के खिलाफ राज्य पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने बड़ी कार्रवाई की है। पश्चिम बर्दवान जिले के जमुड़िया और पांडवेश्वर थाना क्षेत्रों में लगातार अभियान चलाकर एसटीएफ ने कुल 38 अवैध आग्नेयास्त्र, 122 राउंड कारतूस और दो खाली मैगजीन बरामद की हैं। इस कार्रवाई में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, बीरभूम जिले के मुरारई थाना क्षेत्र में अलग से छापेमारी कर भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री भी जब्त की गई है। इस मामले में दो आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। गुरुवार को दुर्गापुर स्थित एसटीएफ कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में एसटीएफ के पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ धापोला ने इन कार्रवाइयों की जानकारी दी।
जमुड़िया और पांडवेश्वर में लगातार अभियान
एसटीएफ की कार्रवाई का एक महत्वपूर्ण हिस्सा पश्चिम बर्दवान जिले के जमुड़िया और पांडवेश्वर थाना क्षेत्रों में चलाया गया अभियान रहा। पुलिस के अनुसार, इन इलाकों में अवैध हथियारों की गतिविधियों को लेकर जांच और कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान कुल 38 अवैध आग्नेयास्त्र, 122 कारतूस और दो खाली मैगजीन बरामद किए गए।
एक साथ इतनी बड़ी संख्या में हथियार और कारतूस मिलने के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है। पुलिस की जांच का उद्देश्य केवल हथियारों की बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भी पता लगाना है कि इन हथियारों की आपूर्ति कहां से होती थी और इन्हें किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।
इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि, बरामद हथियारों के प्रकार, प्रत्येक आरोपी की भूमिका और पूरी कार्रवाई के दौरान हुई गिरफ्तारियों का विस्तृत ब्योरा पत्रकार वार्ता में उपलब्ध जानकारी के अनुसार सामने आया है। जांच के आगे बढ़ने पर अन्य जानकारियां स्पष्ट हो सकती हैं।
मुंगेर से बंगाल तक फैले तस्करी नेटवर्क की जांच
एसटीएफ के मुताबिक, इस अंतरराज्यीय अवैध हथियार तस्करी गिरोह के खिलाफ जांच की शुरुआत 30 जुलाई 2026 को हुई थी। उस दिन जमुड़िया थाना क्षेत्र के बेलबाइड़ मोड़ से खैरुल आलम चौधरी उर्फ गदाई शेख को गिरफ्तार किया गया था। जांच के दौरान उसके कथित तौर पर अंतरराज्यीय हथियार तस्करी गिरोह से जुड़े होने की जानकारी सामने आई।
पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क के तार बिहार के मुंगेर से जुड़े होने की आशंका है। मुंगेर लंबे समय से हथियार निर्माण और अवैध हथियारों की बरामदगी से जुड़ी पुलिस कार्रवाइयों के कारण चर्चा में रहा है। एसटीएफ की जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वहां से हथियार किस माध्यम से पश्चिम बंगाल पहुंचाए जाते थे और राज्य में उनकी आपूर्ति के लिए कौन-कौन लोग संपर्क का काम करते थे।
इस तरह की तस्करी में अलग-अलग राज्यों के बीच संपर्क और परिवहन के रास्तों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। इसलिए जांच एजेंसियों के सामने हथियारों के स्रोत, आपूर्ति श्रृंखला और संभावित खरीदारों की पहचान करना बड़ी चुनौती है।
मुरारई में विस्फोटक सामग्री जब्त, दो गिरफ्तार
हथियारों की बरामदगी के अलावा एसटीएफ ने बीरभूम जिले के मुरारई थाना क्षेत्र में भी अलग से कार्रवाई की। यहां छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री जब्त की गई। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
मुरारई में हुई इस कार्रवाई ने अवैध विस्फोटक सामग्री के भंडारण और उसके संभावित इस्तेमाल को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, विस्फोटक किस उद्देश्य से रखे गए थे, वे कहां से लाए गए थे और उनका इस्तेमाल कहां किया जाना था, इस संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। जांच एजेंसियां इन पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
दुर्गापुर में एसटीएफ एसपी ने दी जानकारी
गुरुवार को दुर्गापुर स्थित एसटीएफ कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ धापोला ने जमुड़िया, पांडवेश्वर और मुरारई में की गई कार्रवाइयों का विवरण दिया। उन्होंने बताया कि अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
एसटीएफ की इन कार्रवाइयों से यह स्पष्ट होता है कि जांच एजेंसी केवल स्थानीय स्तर पर हथियार रखने वालों तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि उनके पीछे सक्रिय आपूर्ति नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। अंतरराज्यीय गिरोह के कथित संबंधों की जांच इसी दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अवैध हथियारों और विस्फोटकों पर कार्रवाई क्यों अहम?
अवैध आग्नेयास्त्र और विस्फोटक सामग्री आम लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। इनका इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों, धमकी देने या हिंसक घटनाओं में होने की आशंका रहती है। ऐसे में पुलिस की कार्रवाई का महत्व केवल बरामदगी की संख्या से नहीं, बल्कि इस बात से भी जुड़ा है कि अवैध आपूर्ति के स्रोतों को कितना प्रभावी ढंग से बंद किया जा सकता है।
फिलहाल एसटीएफ की जांच जारी है। जमुड़िया और पांडवेश्वर से बरामद 38 हथियारों तथा 122 कारतूसों के स्रोत का पता लगाने के साथ मुरारई में जब्त विस्फोटक सामग्री के मामले की भी पड़ताल की जा रही है। अब देखना होगा कि पूछताछ और आगे की जांच में इस कथित नेटवर्क से जुड़े कितने अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है।




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