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आसनसोल-दुर्गापुर

बंद कारखानों के गेट पर अबीर लेकर पहुंचे आसनसोल के लोग, नई औद्योगिक नीति से जगी रोजगार की उम्मीद

Moutushi · 5 November 2026, 11:04 AM

आसनसोल, बिकाश चंद्र, सिटी टुडे न्यूज़ : पश्चिम बंगाल में नई औद्योगिक नीति की घोषणा को लेकर गुरुवार को आसनसोल औद्योगिक क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखने को मिला। राज्य सरकार की इस पहल से उद्योगों को बढ़ावा मिलने और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद में स्थानीय लोग बंद पड़े कारखानों के गेट पर जुटने लगे हैं। वर्षों से बंद पड़ी औद्योगिक इकाइयों के सामने लोगों की मौजूदगी इस बात का संकेत दे रही है कि आसनसोल और रानीगंज के लोग एक बार फिर अपने क्षेत्र की पुरानी औद्योगिक पहचान को लौटते देखना चाहते हैं। लोगों ने नई औद्योगिक नीति का स्वागत करने के लिए अबीर खेलकर जश्न मनाने की तैयारी भी की है।

बंद कारखानों के गेट पर जुटे लोग, नई उम्मीद का संदेश

आसनसोल-रानीगंज औद्योगिक क्षेत्र कभी कोयला, इस्पात और विभिन्न प्रकार के उद्योगों के लिए अपनी अलग पहचान रखता था। यहां के कई परिवारों की आजीविका प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कारखानों और खनन गतिविधियों पर निर्भर रही है। लेकिन समय के साथ कई औद्योगिक इकाइयों के बंद होने और रोजगार के अवसर सीमित होने से क्षेत्र के लोगों को चुनौतियों का सामना करना पड़ा है।

ऐसे में नई औद्योगिक नीति की घोषणा को लेकर लोगों में विशेष उत्सुकता है। नीति की घोषणा से पहले ही स्थानीय लोग बंद कारखानों के गेट पर पहुंचकर अपना समर्थन और उत्साह जाहिर कर रहे हैं। उनके लिए यह केवल एक सरकारी घोषणा नहीं, बल्कि क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को फिर से गति मिलने की उम्मीद से जुड़ा अवसर है।

अबीर खेलकर मनाने की तैयारी, उद्योगों की वापसी की कामना

नई औद्योगिक नीति के स्वागत में स्थानीय लोगों ने जश्न मनाने की तैयारी की है। बंद कारखानों के सामने जुटे लोगों के बीच उत्साह दिखाई दे रहा है। अबीर खेलकर खुशी जाहिर करने की योजना के जरिए वे यह संदेश देना चाहते हैं कि औद्योगिक विकास और रोजगार के मुद्दे को लेकर क्षेत्र के लोग कितनी उम्मीद लगाए बैठे हैं।

स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि राज्य में निवेश का माहौल बेहतर होता है और नए उद्योग स्थापित होते हैं, तो इसका लाभ केवल बड़े औद्योगिक घरानों तक सीमित नहीं रहेगा। इससे छोटे कारोबारियों, दुकानदारों, परिवहन से जुड़े लोगों, तकनीकी कर्मचारियों और स्थानीय श्रमिकों के लिए भी नए अवसर पैदा हो सकते हैं।

नई नीति से निवेश और रोजगार बढ़ने की उम्मीद

राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति का उद्देश्य निवेश आकर्षित करना, उद्योग लगाने की प्रक्रिया को सरल बनाना और रोजगार के अवसर बढ़ाना बताया जा रहा है। राज्य मंत्रिमंडल ने 28 अक्टूबर को औद्योगिक नीति के प्रारूप को मंजूरी दी थी। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी द्वारा गुरुवार को नवान्न से इसकी औपचारिक घोषणा किए जाने का कार्यक्रम तय किया गया है।

घोषणा से पहले सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, नीति में निवेशकों के लिए प्रोत्साहन, परियोजनाओं को जल्द मंजूरी और अनावश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाओं को कम करने पर जोर रहने की संभावना है। पिछड़े क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने के लिए भी विशेष प्रोत्साहन देने की चर्चा है। हालांकि, इन प्रस्तावों की वास्तविक शर्तें और लाभ औपचारिक नीति जारी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।

आसनसोल-रानीगंज की औद्योगिक पहचान लौटने की आस

आसनसोल, रानीगंज, कुल्टी, बर्नपुर और आसपास के इलाके लंबे समय से औद्योगिक गतिविधियों के महत्वपूर्ण केंद्र रहे हैं। यहां कोयला खदानों, इस्पात उद्योगों, कारखानों और उनसे जुड़े छोटे-बड़े व्यवसायों ने स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है। उद्योगों की गतिविधियां कम होने का असर रोजगार के साथ-साथ बाजार, परिवहन और अन्य सेवा क्षेत्रों पर भी पड़ता है।

इसी वजह से नई औद्योगिक नीति को लेकर इस क्षेत्र में विशेष उम्मीद दिखाई दे रही है। लोगों को लगता है कि यदि नए निवेश आते हैं, तो स्थानीय युवाओं को अपने ही इलाके में काम करने का अवसर मिल सकता है। इससे रोजगार की तलाश में दूसरे शहरों या राज्यों की ओर पलायन करने की मजबूरी भी कम हो सकती है।

केवल घोषणा नहीं, जमीन पर बदलाव चाहते हैं लोग

हालांकि, स्थानीय लोगों की उम्मीदें केवल नई नीति की घोषणा तक सीमित नहीं हैं। उनकी सबसे बड़ी अपेक्षा है कि औद्योगिक विकास की योजनाएं कागजों से निकलकर जमीन पर उतरें। बंद पड़ी फैक्ट्रियों की स्थिति का आकलन हो, जहां दोबारा उत्पादन शुरू करना संभव है वहां पहल की जाए और नए उद्योगों के लिए निवेश का रास्ता तैयार किया जाए।

इसके साथ ही स्थानीय युवाओं को कौशल प्रशिक्षण, तकनीकी शिक्षा और रोजगार के अवसरों से जोड़ना भी जरूरी माना जा रहा है। उद्योगों के विकास से छोटे कारोबारियों और स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं को भी लाभ मिल सकता है। औद्योगिक क्षेत्र में सड़क, बिजली, पानी और परिवहन जैसी बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाना भी इस दिशा में महत्वपूर्ण होगा।

अब निगाहें सरकार की घोषणा और उसके क्रियान्वयन पर

आसनसोल औद्योगिक क्षेत्र के लोगों ने नई औद्योगिक नीति के स्वागत में अपना उत्साह जाहिर कर दिया है। बंद कारखानों के गेट पर जुटना और अबीर खेलकर जश्न मनाने की तैयारी करना उनके लिए एक नई शुरुआत की उम्मीद का प्रतीक है।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि नई नीति से आसनसोल-रानीगंज क्षेत्र को कितना लाभ मिलता है और क्या यहां बंद पड़े उद्योगों की किस्मत बदल पाएगी। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि राज्य में निवेश बढ़ेगा, नए कारखाने स्थापित होंगे और युवाओं के लिए रोजगार के दरवाजे खुलेंगे। फिलहाल सभी की निगाहें औद्योगिक नीति की औपचारिक घोषणा और उसके बाद होने वाले फैसलों पर टिकी हैं।

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