कुल्टी, बिकाश चंद्र, सिटी टुडे न्यूज़ : लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा को लेकर पश्चिम बर्दवान जिले में तैयारियां तेज हो गई हैं। घाटों पर साफ-सफाई, पेयजल और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की ओर से व्यवस्थाओं का जायजा लिया जा रहा है। इसी क्रम में पश्चिम बंगाल के पीडब्ल्यूडी एवं पीएचई मंत्री तथा कुल्टी के विधायक डॉ. अजय पोद्दार अपने विधानसभा क्षेत्र के डीसरगढ़ स्थित दामोदर नदी छठ घाट पहुंचे। यहां उन्होंने पूजा से पहले की तैयारियों का निरीक्षण किया और घाट पर उपलब्ध सुविधाओं की स्थिति देखी।
मंत्री के इस दौरे का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि छठ व्रतियों और श्रद्धालुओं को पूजा के दौरान किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने घाट पर साफ-सफाई, पानी की व्यवस्था और श्रद्धालुओं के आने-जाने से जुड़ी सुविधाओं का जायजा लिया। छठ महापर्व के दौरान बड़ी संख्या में लोग नदी और जलाशयों के किनारे पूजा-अर्चना करने पहुंचते हैं। ऐसे में पहले से बेहतर व्यवस्था करना बेहद जरूरी माना जाता है।
डीसरगढ़ घाट पर व्यवस्थाओं का किया निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान डॉ. अजय पोद्दार ने दामोदर नदी के डीसरगढ़ घाट पर तैयारियों के विभिन्न पहलुओं को देखा। उन्होंने घाट की सफाई, पानी की उपलब्धता और श्रद्धालुओं के लिए की जा रही व्यवस्थाओं की जानकारी ली। छठ पूजा में व्रती कई घंटों तक घाट पर रहते हैं और सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित करते हैं। इसलिए घाट का साफ और व्यवस्थित होना पूजा की तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
दामोदर नदी का डीसरगढ़ घाट कुल्टी विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख छठ पूजा स्थलों में शामिल है। यहां छठ के अवसर पर स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ आसपास के क्षेत्रों से भी लोग पहुंचते हैं। पर्व के दौरान सुबह और शाम के समय घाट पर लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए मंत्री ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
छठ व्रतियों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता
निरीक्षण के दौरान मंत्री डॉ. अजय पोद्दार ने कहा कि छठ व्रतियों और श्रद्धालुओं को घाट तक आने-जाने में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए सभी जरूरी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने साफ-सफाई से लेकर पानी की उपलब्धता और अन्य सुविधाओं तक प्रत्येक पहलू की निगरानी पर जोर दिया।
उनका कहना था कि छठ पूजा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि लोगों की आस्था और सामाजिक एकता से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। इस दौरान परिवार के सदस्य और स्थानीय लोग मिलकर पूजा की तैयारियां करते हैं। ऐसे में घाट पर आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुविधाजनक माहौल उपलब्ध कराना जरूरी है।
साफ-सफाई और पानी की व्यवस्था पर विशेष ध्यान
छठ पूजा के दौरान घाटों की स्वच्छता सबसे महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं में से एक होती है। व्रती नदी या तालाब के पानी में खड़े होकर सूर्यदेव को अर्घ्य देते हैं। इसलिए घाट के आसपास सफाई बनाए रखना और पानी की स्थिति पर नजर रखना आवश्यक है।
डॉ. अजय पोद्दार ने निरीक्षण के दौरान इन व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि छठ घाटों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। साफ-सफाई से लेकर पानी की व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं तक सभी पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है, ताकि पूजा के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
घाटों पर नियमित सफाई, कचरे का उचित निपटान और पूजा के बाद भी स्वच्छता बनाए रखना महत्वपूर्ण है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से घाटों पर भीड़ और गंदगी बढ़ने की आशंका रहती है। इसलिए स्थानीय स्तर पर समन्वय और लगातार निगरानी की जरूरत होती है।
भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था भी महत्वपूर्ण
छठ पूजा के दौरान घाटों पर सुबह और शाम श्रद्धालुओं की बड़ी भीड़ जुटती है। विशेषकर संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य के समय परिवारों के साथ बड़ी संख्या में लोग पूजा करने पहुंचते हैं। ऐसे में घाट तक पहुंचने वाले रास्तों को सुविधाजनक रखना और भीड़ को व्यवस्थित तरीके से नियंत्रित करना जरूरी होता है।
नदी घाटों पर पानी की गहराई, फिसलन और भीड़भाड़ जैसी स्थितियों को देखते हुए श्रद्धालुओं को सावधानी बरतनी चाहिए। बच्चों और बुजुर्गों के साथ आने वाले परिवारों को विशेष सतर्कता रखनी चाहिए। घाट पर किसी भी तरह की असुविधा या आपात स्थिति से बचने के लिए संबंधित विभागों और स्थानीय आयोजकों के बीच बेहतर तालमेल भी जरूरी है।
हालांकि, डीसरगढ़ घाट पर सुरक्षा बलों की तैनाती, चिकित्सा शिविर या बैरिकेडिंग जैसी व्यवस्थाओं को लेकर निरीक्षण के दौरान कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए इन सुविधाओं के संबंध में आधिकारिक घोषणा का इंतजार रहेगा।
कुल्टी में छठ पूजा को लेकर तैयारियां तेज
छठ महापर्व बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश के साथ-साथ पश्चिम बंगाल के औद्योगिक क्षेत्रों में भी बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। कुल्टी, आसनसोल और आसपास के इलाकों में भी इस पर्व का विशेष महत्व है। यहां रहने वाले विभिन्न समुदायों के लोग श्रद्धा और उत्साह के साथ छठ पूजा में भाग लेते हैं।
चार दिनों तक चलने वाले इस महापर्व में नहाय-खाय, खरना, संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य की परंपरा निभाई जाती है। व्रती पूरी श्रद्धा के साथ सूर्यदेव और छठी मैया की उपासना करते हैं। इसी वजह से घाटों की व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों की अपेक्षाएं भी काफी अधिक रहती हैं।
डीसरगढ़ दामोदर नदी घाट पर मंत्री डॉ. अजय पोद्दार के निरीक्षण से छठ पूजा की तैयारियों को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर सक्रियता सामने आई है। अब श्रद्धालुओं की नजर इस बात पर रहेगी कि पूजा से पहले सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाती हैं या नहीं। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इस बार भी छठ महापर्व शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल में संपन्न होगा।




Leave a Reply