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आसनसोल-दुर्गापुर

आसनसोल में ईसीएल का बुलडोजर एक्शन, तृणमूल नेता रोहित नूनिया के कार्यालय को तोड़ा

Moutushi · 25 October 2026, 4:14 PM

आसनसोल, बिकाश चंद्र, सिटी टुडे न्यूज़: पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्दवान जिले में आसनसोल के धेमोमेन मोड़ पर ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) की ओर से बुलडोजर चलाकर एक कार्यालय को तोड़ने की कार्रवाई की गई। यह कार्यालय तृणमूल कांग्रेस के नेता, पूर्व बोरो चेयरमैन और पूर्व पार्षद रोहित नूनिया से जुड़ा बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, यहां ट्रांसपोर्ट कारोबार और पेट्रोल पंप से संबंधित कार्यालय संचालित होता था। कार्रवाई के बाद इलाके में हलचल मच गई और स्थानीय राजनीतिक गलियारों में भी इस घटनाक्रम को लेकर चर्चा शुरू हो गई।

धेमोमेन मोड़ पर बुलडोजर से तोड़ा गया कार्यालय

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ईसीएल की ओर से धेमोमेन मोड़ स्थित कार्यालय को हटाने के लिए बुलडोजर की मदद ली गई। कार्रवाई के दौरान कार्यालय के निर्माण को तोड़ा गया। यह स्थान आसनसोल क्षेत्र में होने के कारण घटना की जानकारी फैलते ही स्थानीय लोगों के बीच इसकी चर्चा शुरू हो गई।

बताया जा रहा है कि संबंधित कार्यालय ट्रांसपोर्ट कारोबार और पेट्रोल पंप से जुड़े कामकाज के लिए इस्तेमाल किया जाता था। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट नहीं है कि कार्रवाई केवल कार्यालय के भवन तक सीमित रही या पेट्रोल पंप से जुड़ी अन्य सुविधाओं पर भी कोई प्रभाव पड़ा। इसलिए कार्यालय को तोड़े जाने और पेट्रोल पंप के संचालन से संबंधित पहलुओं को अलग-अलग समझना जरूरी है।

ईसीएल की जमीन पर निर्माण का आरोप

इस कार्रवाई के पीछे जमीन से जुड़ा विवाद प्रमुख वजह बताया जा रहा है। आरोप है कि संबंधित कार्यालय का निर्माण ईसीएल की जमीन पर किया गया था। दावा किया गया है कि कंपनी की ओर से कार्यालय को हटाने के लिए पहले भी कई बार नोटिस भेजे गए थे।

बताई गई जानकारी के अनुसार, नोटिस दिए जाने के बावजूद कार्यालय नहीं हटाया गया। इसके बाद ईसीएल ने बुलडोजर की मदद से निर्माण को हटाने की कार्रवाई की। हालांकि, नोटिस जारी किए जाने की तारीख, उनकी संख्या, संबंधित जमीन के दस्तावेज और कार्रवाई से पहले अपनाई गई पूरी प्रक्रिया का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है।

ऐसे मामलों में जमीन के स्वामित्व, उपयोग की अनुमति और निर्माण से संबंधित दस्तावेज महत्वपूर्ण होते हैं। किसी निर्माण को अवैध बताए जाने के आरोप की पुष्टि संबंधित अभिलेखों और सक्षम अधिकारियों की जानकारी के आधार पर ही की जा सकती है। फिलहाल इस मामले में सामने आई जानकारी ईसीएल की कार्रवाई और निर्माण को लेकर लगाए गए आरोपों पर केंद्रित है।

कौन हैं रोहित नूनिया?

रोहित नूनिया को तृणमूल कांग्रेस के नेता के रूप में जाना जाता है। वह पूर्व बोरो चेयरमैन और पूर्व पार्षद भी रह चुके हैं। धेमोमेन मोड़ पर उनके कारोबार से जुड़े बताए जा रहे कार्यालय पर कार्रवाई होने के कारण यह मामला स्थानीय स्तर पर राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।

हालांकि, किसी नेता से जुड़े कार्यालय पर कार्रवाई होने मात्र से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि कार्रवाई का कारण राजनीतिक था। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में जमीन और निर्माण से संबंधित आरोपों को कार्रवाई की वजह बताया गया है। इस मामले में ईसीएल, रोहित नूनिया और अन्य संबंधित पक्षों का विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने आने पर घटनाक्रम की तस्वीर अधिक स्पष्ट हो सकती है।

नोटिस के बाद कार्रवाई किए जाने का दावा

इस घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि कार्यालय को हटाने के लिए पहले नोटिस दिए जाने का दावा किया गया है। यदि संबंधित नोटिस जारी किए गए थे, तो उनकी शर्तें, समय-सीमा और उन पर की गई कार्रवाई मामले को समझने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।

ईसीएल कोयला खनन और उससे संबंधित क्षेत्रों में काम करने वाली सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी है। कंपनी की जमीन पर किसी निर्माण या कब्जे को लेकर विवाद होने पर जमीन के अभिलेख, अनुमति और संबंधित नियम महत्वपूर्ण हो जाते हैं। हालांकि, इस विशेष मामले में नोटिस की प्रतियां या कार्रवाई से संबंधित विस्तृत आधिकारिक दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।

कार्रवाई के बाद इलाके में चर्चा तेज

बुलडोजर से कार्यालय तोड़े जाने की घटना के बाद धेमोमेन मोड़ और आसपास के क्षेत्रों में चर्चा शुरू हो गई। एक ओर मामला जमीन पर निर्माण और उसे हटाने की कार्रवाई से जुड़ा बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर संबंधित कार्यालय का एक स्थानीय राजनीतिक नेता से जुड़ा होना भी लोगों की दिलचस्पी का कारण बना है।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इस कार्रवाई के बाद संबंधित पक्ष की ओर से कोई कानूनी कदम उठाया गया है या नहीं। कार्यालय के इस्तेमाल, निर्माण की स्थिति और जमीन से जुड़े दस्तावेजों के बारे में भी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।

अब संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयान का इंतजार

धेमोमेन मोड़ पर हुई इस कार्रवाई को लेकर अब ईसीएल और रोहित नूनिया का विस्तृत आधिकारिक पक्ष महत्वपूर्ण होगा। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि कंपनी ने किस आधार पर कार्रवाई की, नोटिस कब और किन शर्तों के तहत जारी किए गए तथा संबंधित पक्ष ने उन पर क्या प्रतिक्रिया दी।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ईसीएल ने धेमोमेन मोड़ स्थित रोहित नूनिया से जुड़े बताए जा रहे ट्रांसपोर्ट और पेट्रोल पंप कार्यालय को बुलडोजर से तोड़ा है। जमीन पर अवैध निर्माण और पहले नोटिस दिए जाने की बात आरोपों तथा दावों के रूप में सामने आई है। इनकी आधिकारिक पुष्टि और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया के बाद ही मामले के सभी पहलुओं को स्पष्ट रूप से समझा जा सकेगा।

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