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आसनसोल-दुर्गापुर

आसनसोल के धेमोमेन मोड़ पर ईसीएल का बुलडोजर, तृणमूल नेता रोहित नूनिया के कार्यालय ध्वस्त

Moutushi · 25 October 2026, 4:05 PM

आसनसोल, बिकाश चंद्र, सिटी टुडे न्यूज़: पश्चिम बर्दवान जिले के आसनसोल स्थित धेमोमेन मोड़ पर ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) की कार्रवाई से इलाके में हलचल मच गई। तृणमूल कांग्रेस के नेता, आसनसोल नगर निगम के पूर्व बोरो चेयरमैन और पूर्व पार्षद रोहित नूनिया से जुड़े ट्रांसपोर्ट तथा पेट्रोल पंप के कार्यालय को बुलडोजर की मदद से तोड़ दिया गया। आरोप है कि संबंधित कार्यालय का निर्माण ईसीएल की जमीन पर अवैध रूप से किया गया था। बताया जा रहा है कि जमीन खाली कराने के लिए पहले भी नोटिस दिए गए थे, लेकिन निर्धारित समय के भीतर निर्माण नहीं हटाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई।

इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। जमीन के इस्तेमाल, सरकारी कंपनी की संपत्ति और राजनीतिक प्रभाव से जुड़े सवाल भी उठने लगे हैं। हालांकि, कार्रवाई से संबंधित सभी आधिकारिक विवरण और रोहित नूनिया का पक्ष सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

धेमोमेन मोड़ पर बुलडोजर कार्रवाई

धेमोमेन मोड़ इलाके में रोहित नूनिया से जुड़े ट्रांसपोर्ट और पेट्रोल पंप कार्यालय पर ईसीएल की ओर से बुलडोजर चलाए जाने की जानकारी सामने आई है। कार्रवाई के दौरान कार्यालय को तोड़ दिया गया। इस घटना की खबर फैलते ही इलाके में लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ईसीएल का दावा था कि संबंधित निर्माण कंपनी की जमीन पर किया गया था। कंपनी की जमीन पर कथित अतिक्रमण हटाने के उद्देश्य से कार्यालय खाली कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। हालांकि, उपलब्ध जानकारी से यह स्पष्ट नहीं है कि कार्रवाई के दौरान कार्यालय के अलावा किसी अन्य निर्माण को भी हटाया गया या नहीं।

यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि कार्यालय तोड़े जाने की खबर को पेट्रोल पंप पूरी तरह बंद होने या उसके सभी ढांचों को ध्वस्त किए जाने के बराबर नहीं माना जा सकता। फिलहाल उपलब्ध विवरण में मुख्य रूप से ट्रांसपोर्ट और पेट्रोल पंप से जुड़े कार्यालय पर कार्रवाई की बात कही गई है।

पहले नोटिस देने का भी किया गया था दावा

इस मामले में पहले भी जमीन खाली कराने को लेकर नोटिस दिए जाने की जानकारी सामने आई थी। जून 2026 में प्रकाशित एक स्थानीय समाचार रिपोर्ट के अनुसार, ईसीएल ने रोहित नूनिया से संबंधित पेट्रोल पंप और कार्यालय को लेकर नोटिस जारी किया था। रिपोर्ट में बताया गया था कि कंपनी ने संबंधित परिसर खाली करने के लिए सात दिनों का समय दिया था। <Cite refs={[“turn320122search0″,”turn320122search4”]}/>

ईसीएल की ओर से लगाए गए आरोपों के अनुसार, संबंधित जमीन पर कंपनी की अनुमति के बिना कब्जा कर निर्माण किया गया था। इसी आधार पर परिसर खाली कराने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात कही गई थी।

हालांकि, किसी जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप और उस आरोप से संबंधित अंतिम कानूनी निष्कर्ष अलग-अलग बातें हैं। इस मामले में जमीन के स्वामित्व, निर्माण की अनुमति और नोटिस के अनुपालन से जुड़े सभी दस्तावेज सार्वजनिक रूप से सामने आने पर ही पूरी स्थिति का आकलन किया जा सकेगा।

कौन हैं रोहित नूनिया?

रोहित नूनिया आसनसोल क्षेत्र की स्थानीय राजनीति में सक्रिय रहे हैं। वह तृणमूल कांग्रेस से जुड़े नेता हैं और पूर्व में आसनसोल नगर निगम के बोरो चेयरमैन तथा पार्षद की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। धेमोमेन और आसपास के क्षेत्रों में उनके राजनीतिक संबंधों के कारण इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा हो रही है।

हालांकि, किसी राजनीतिक दल से जुड़े व्यक्ति के कार्यालय पर कार्रवाई होने मात्र से यह साबित नहीं होता कि इसके पीछे राजनीतिक कारण हैं। फिलहाल सामने आई जानकारी में ईसीएल की जमीन पर कथित अवैध निर्माण हटाने का मामला प्रमुख है। कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताने या किसी राजनीतिक उद्देश्य से जोड़ने के लिए अतिरिक्त प्रमाण और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया आवश्यक होगी।

जमीन और अतिक्रमण का मुद्दा फिर चर्चा में

कोयला क्षेत्र में ईसीएल की जमीन का इस्तेमाल लंबे समय से स्थानीय प्रशासन, व्यवसाय और भूमि प्रबंधन से जुड़े मुद्दों के संदर्भ में महत्वपूर्ण रहा है। कंपनी की जमीन पर किसी निर्माण या कब्जे की शिकायत मिलने पर जमीन के रिकॉर्ड, स्वीकृति और संबंधित दस्तावेजों की जांच अहम होती है।

यदि किसी निर्माण को अनधिकृत पाया जाता है, तो उसे हटाने की प्रक्रिया में संबंधित नोटिस, समयसीमा और लागू नियमों का पालन महत्वपूर्ण माना जाता है। धेमोमेन मोड़ की घटना ने भी जमीन के इस्तेमाल और कथित अतिक्रमण को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

इस मामले में यह जानना महत्वपूर्ण होगा कि ईसीएल ने संबंधित जमीन को अपने स्वामित्व की भूमि बताते हुए किन दस्तावेजों के आधार पर कार्रवाई की और नोटिस के बाद परिसर खाली कराने की प्रक्रिया किस तरह पूरी की गई। इन पहलुओं पर आधिकारिक जानकारी सामने आने से घटना को बेहतर ढंग से समझा जा सकेगा।

कार्रवाई के बाद राजनीतिक चर्चा तेज

रोहित नूनिया से जुड़े कार्यालय पर बुलडोजर चलाए जाने की घटना के बाद आसनसोल के राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई है। एक ओर ईसीएल की जमीन पर कथित अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई का मुद्दा है, तो दूसरी ओर स्थानीय राजनीति में सक्रिय नेता से जुड़े प्रतिष्ठान पर कार्रवाई होने के कारण इस घटनाक्रम पर लोगों की नजर है।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ईसीएल ने संबंधित कार्यालय को हटाने के लिए पहले नोटिस दिए जाने का दावा किया था और इसके बाद बुलडोजर की मदद से उसे तोड़ा गया। कार्रवाई को लेकर रोहित नूनिया की विस्तृत प्रतिक्रिया तथा ईसीएल की ओर से वर्तमान घटनाक्रम पर आधिकारिक बयान सामने आने पर कई सवालों के जवाब मिल सकते हैं।

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित पक्ष जमीन और निर्माण से जुड़े दस्तावेजों को लेकर क्या जानकारी देते हैं तथा कार्रवाई के बाद आगे कोई कानूनी या प्रशासनिक कदम उठाया जाता है या नहीं। फिलहाल धेमोमेन मोड़ की यह घटना आसनसोल में जमीन, अतिक्रमण और स्थानीय राजनीति से जुड़ी चर्चाओं के केंद्र में बनी हुई है।

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