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श्रीनगर में तैनात कांस्टेबल मोनू सऊ का हार्ट अटैक से निधन, मोहिसला में पसरा मातम

Moutushi · 27 September 2026, 11:45 AM

आसनसोल: श्रीनगर में तैनात कांस्टेबल मोनू सऊ के अचानक निधन से पश्चिम बर्धमान के आसनसोल इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। दो दिन पहले हार्ट अटैक के कारण उनके निधन की खबर सामने आने के बाद से ही परिवार और परिचितों में मातम पसरा हुआ था। रविवार को उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव मोहिसला पहुंचा। जैसे ही पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और पूरे इलाके में शोक का माहौल बन गया।

मोनू सऊ के अचानक निधन की खबर ने उनके रिश्तेदारों, परिचितों और स्थानीय लोगों को गहरा झटका दिया है। बड़ी संख्या में ग्रामीण और आसपास के लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। नम आंखों से लोगों ने कांस्टेबल मोनू सऊ को श्रद्धांजलि दी और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।

अचानक निधन से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

मोनू सऊ श्रीनगर में अपनी ड्यूटी पर तैनात थे। ड्यूटी के दौरान ही हार्ट अटैक के कारण उनके निधन की जानकारी परिवार तक पहुंची। अचानक हुई इस घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। परिजनों के लिए यह विश्वास करना मुश्किल है कि जो व्यक्ति अपनी ड्यूटी निभाने के लिए घर से दूर था, वह अब उनके बीच नहीं है।

रविवार को जब उनका पार्थिव शरीर मोहिसला गांव पहुंचा तो परिवार के सदस्यों की आंखों से आंसू छलक पड़े। अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे स्थानीय लोगों ने भी परिवार को ढांढस बंधाया। गांव में हर तरफ शोक और सन्नाटे का माहौल दिखाई दिया।

स्थानीय लोगों के अनुसार, मोनू सऊ के अचानक निधन से पूरा मोहिसला गांव दुखी है। उनके निधन की खबर मिलने के बाद से ही ग्रामीण परिवार के संपर्क में बने हुए हैं और इस कठिन समय में परिजनों के साथ खड़े होने की कोशिश कर रहे हैं।

मंत्री अग्निमित्रा पाल ने जताई संवेदना

मोनू सऊ के निधन की जानकारी मिलने के बाद आसनसोल दक्षिण की विधायक एवं मंत्री अग्निमित्रा पाल ने भी उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। बताया गया कि मंत्री ने अपने कर्मियों को परिवार के घर भेजकर परिजनों से मुलाकात कराई।

मंत्री की ओर से परिवार को यह संदेश दिया गया कि दुख की इस घड़ी में वे परिवार के साथ खड़ी हैं और हर संभव सहयोग का प्रयास किया जाएगा। मंत्री की ओर से भेजे गए प्रतिनिधियों ने परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और परिजनों को सांत्वना दी।

इस संबंध में अनूप चटर्जी ने जानकारी देते हुए बताया कि मंत्री अग्निमित्रा पाल ने मोनू सऊ के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि परिवार जिस कठिन परिस्थिति से गुजर रहा है, उसमें उनके साथ खड़े रहना जरूरी है और हर संभव सहयोग का भरोसा दिया गया है।

गांव में अंतिम दर्शन के लिए उमड़े लोग

रविवार को मोनू सऊ का पार्थिव शरीर मोहिसला पहुंचने के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। गांव के लोगों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि दी। परिवार के सदस्यों के साथ ग्रामीण भी इस दुख की घड़ी में भावुक नजर आए।

पार्थिव शरीर के गांव पहुंचने की खबर फैलते ही आसपास के लोगों का भी वहां पहुंचना शुरू हो गया। कई लोगों ने परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। गांव में मौजूद लोगों ने मोनू सऊ के निधन को पूरे इलाके के लिए बड़ी क्षति बताया।

किसी भी परिवार के लिए अचानक किसी सदस्य को खो देना बेहद कठिन होता है। जब परिवार का सदस्य नौकरी के कारण घर से दूर हो और अचानक उसके निधन की खबर आए, तो दुख और भी गहरा हो जाता है। मोनू सऊ के परिवार के साथ भी ऐसी ही स्थिति बनी है।

ड्यूटी पर तैनात जवान के निधन से शोक

मोनू सऊ श्रीनगर में कांस्टेबल के रूप में तैनात थे। नौकरी के सिलसिले में वह अपने घर से दूर रहकर अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे थे। उनके निधन के बाद स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा भी रही कि ड्यूटी के दौरान घर से दूर रहने वाले जवानों और पुलिसकर्मियों के परिवारों के लिए ऐसी परिस्थितियां कितनी मुश्किल होती हैं।

हालांकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार उनके निधन का कारण हार्ट अटैक बताया गया है। अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उनका निधन हो गया। इस घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।

मोनू सऊ के निधन के बाद उनके परिचितों और ग्रामीणों ने परिवार को हर संभव सहयोग देने की बात कही है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे समय में परिवार को अकेला महसूस नहीं होने देना समाज की जिम्मेदारी है।

मोहिसला गांव में पसरा मातम

मोनू सऊ के पार्थिव शरीर के गांव पहुंचने के बाद मोहिसला में शोक का माहौल रहा। गांव के लोगों के लिए यह खबर बेहद दुखद रही। अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

परिवार के करीबी लोगों ने बताया कि अचानक हुई इस घटना से सभी लोग सदमे में हैं। किसी को उम्मीद नहीं थी कि इतनी जल्दी उन्हें इस तरह की दुखद खबर का सामना करना पड़ेगा।

स्थानीय लोगों ने कहा कि मोनू सऊ का अचानक निधन उनके परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके जाने से परिवार ने अपना एक महत्वपूर्ण सदस्य खो दिया है, वहीं पूरे इलाके ने भी एक परिचित चेहरे को हमेशा के लिए खो दिया।

दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़े होने की अपील

मोनू सऊ के निधन के बाद परिवार के सामने भावनात्मक दुख के साथ कई तरह की जिम्मेदारियां भी हैं। ऐसे समय में परिवार को सामाजिक और प्रशासनिक स्तर पर सहयोग की जरूरत होती है। मंत्री अग्निमित्रा पाल की ओर से परिवार के घर प्रतिनिधियों को भेजकर संवेदना व्यक्त किए जाने की जानकारी भी इसी संदर्भ में सामने आई है।

फिलहाल मोहिसला गांव में शोक का माहौल है। परिवार, रिश्तेदार, परिचित और ग्रामीण मोनू सऊ को नम आंखों से याद कर रहे हैं। श्रीनगर में तैनात एक कांस्टेबल के अचानक निधन की खबर ने आसनसोल क्षेत्र में भी लोगों को भावुक कर दिया है।

मोनू सऊ का निधन उनके परिवार के लिए कभी न भरने वाला दुख है। रविवार को जब उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा तो लोगों ने अंतिम दर्शन कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़े होकर स्थानीय लोगों ने अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। मंत्री अग्निमित्रा पाल की ओर से भी परिवार के प्रति संवेदना और हर संभव सहयोग का भरोसा दिए जाने की जानकारी सामने आई है।

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