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आसनसोल-दुर्गापुर

अंडाल में भारी बारिश का कहर! कच्चा मकान भरभराकर गिरा, बाल-बाल बचा परिवार

Moutushi · 27 September 2026, 11:39 AM

अंडाल: लगातार हो रही भारी बारिश के बीच पश्चिम बर्धमान जिले के अंडाल थाना क्षेत्र में एक गरीब परिवार पर अचानक मुसीबत टूट पड़ी। विश्वेश्वरी इलाके में बारिश के दौरान एक कच्चा मिट्टी का मकान अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे के समय घर के अंदर परिवार के लोग मौजूद थे, लेकिन गनीमत रही कि सभी लोग बाल-बाल बच गए। हालांकि मकान की मिट्टी की दीवार गिरने से घर का सामान मलबे के नीचे दब गया और परिवार के सामने रहने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई।

मकान गिरने की घटना के बाद परिवार को तत्काल सुरक्षित स्थान की तलाश करनी पड़ी। फिलहाल बाबलू सरदार का परिवार स्थानीय एक क्लब में रहने को मजबूर है। आसपास के लोगों की ओर से परिवार की मदद की जा रही है। पड़ोसी अपने घरों से खाना पहुंचाकर परिवार का सहयोग कर रहे हैं। भारी बारिश के बीच एक गरीब परिवार के सामने आई इस स्थिति ने इलाके में चिंता बढ़ा दी है।

बारिश के बीच अचानक ढह गया कच्चा मकान

बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही है। बारिश के कारण मिट्टी से बने पुराने और कमजोर मकानों पर सबसे अधिक असर पड़ रहा है। इसी दौरान सिंदुली स्थित माहतो पाड़ा इलाके में मजदूर बाबलू सरदार का कच्चा मकान अचानक ढह गया।

मकान की दीवारें मिट्टी से बनी होने के कारण लगातार बारिश के पानी से उनकी मजबूती प्रभावित हुई। अचानक दीवार और मकान का हिस्सा गिरने से परिवार में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि समय रहते परिवार के लोग सुरक्षित निकल गए और किसी के घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई है।

मकान गिरने के बाद घर में रखा सामान भी प्रभावित हुआ। मिट्टी और मलबे के बीच कई घरेलू वस्तुएं दब गईं। परिवार के लिए यह नुकसान इसलिए भी गंभीर है क्योंकि बारिश के मौसम में खुले में रहना संभव नहीं है और सुरक्षित वैकल्पिक आवास की व्यवस्था करना उनके लिए आसान नहीं है।

क्लब बना परिवार का अस्थायी सहारा

मकान पूरी तरह रहने लायक नहीं रहने के बाद बाबलू सरदार का परिवार फिलहाल स्थानीय एक क्लब में शरण लिए हुए है। परिवार के सामने सबसे बड़ी चिंता यह है कि बारिश के बीच वे अपने बच्चों और बीमार मां को लेकर कहां रहें।

स्थानीय लोगों ने परिवार की परेशानी को देखते हुए मानवीय पहल की है। पड़ोसी अपने घरों से भोजन पहुंचा रहे हैं और जरूरत के समय परिवार की मदद कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक परिवार के रहने की स्थायी व्यवस्था नहीं होती, तब तक सामुदायिक स्तर पर उनकी मदद करना जरूरी है।

क्लब में अस्थायी रूप से रहने से परिवार को तत्काल सिर छिपाने की जगह तो मिल गई है, लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए लंबे समय तक ऐसी जगह पर रहना मुश्किल हो सकता है।

बाबलू सरदार ने मांगा पक्का मकान

मकान गिरने के बाद मजदूर बाबलू सरदार ने प्रशासन और सरकार से मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने परिवार के लिए पक्का मकान उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि वह अपनी पत्नी, बच्चों और बीमार मां के साथ सुरक्षित घर में रहना चाहते हैं।

बाबलू सरदार के लिए यह केवल मकान गिरने की घटना नहीं, बल्कि पूरे परिवार की सुरक्षा और भविष्य से जुड़ा सवाल है। कच्चे मकान में रहने वाले गरीब परिवारों के लिए लगातार बारिश हमेशा खतरे की स्थिति पैदा करती है। मिट्टी की दीवारों में पानी लगने से उनके कमजोर होने का खतरा बढ़ जाता है और किसी भी समय मकान का हिस्सा गिर सकता है।

परिवार की मांग है कि प्रशासन उनकी स्थिति का जायजा ले और यदि वे सरकारी आवास योजना या अन्य सहायता के लिए पात्र हैं तो उन्हें जल्द से जल्द सहायता उपलब्ध कराई जाए।

बारिश ने बढ़ाई गरीब परिवारों की परेशानी

अंडाल और आसपास के खनन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ऐसे परिवार रहते हैं जिनके लिए सुरक्षित आवास आज भी एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है। भारी बारिश के दौरान कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों की परेशानी कई गुना बढ़ जाती है।

एक ओर लगातार बारिश से घर की दीवारें कमजोर होती हैं, वहीं दूसरी ओर घर के आसपास पानी जमा होने से भी खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में गरीब परिवारों को अपने बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता बनी रहती है।

विश्वेश्वरी इलाके में बाबलू सरदार का मकान गिरने की घटना ने इसी समस्या को सामने ला दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जरूरतमंद परिवारों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।

चक्रवात के प्रभाव के बीच बढ़ी चिंता

स्थानीय जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से चक्रवात ‘अर्णब’ के प्रभाव के चलते बंगाल के कई हिस्सों में तेज बारिश और हवाओं का दौर जारी है। खराब मौसम के बीच कमजोर और कच्चे मकानों पर इसका असर अधिक देखने को मिल रहा है।

बारिश के दौरान मकान गिरने की घटनाएं केवल संपत्ति के नुकसान तक सीमित नहीं रहतीं। यदि परिवार के सदस्य घर के अंदर मौजूद हों तो जान का खतरा भी पैदा हो सकता है। विश्वेश्वरी इलाके में हुई घटना में परिवार के सुरक्षित बच जाने से बड़ी दुर्घटना टल गई, लेकिन मकान के नुकसान ने परिवार को बेघर जैसी स्थिति में पहुंचा दिया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान प्रशासन को संवेदनशील और कमजोर मकानों की स्थिति पर नजर रखनी चाहिए। जिन परिवारों के घर रहने लायक नहीं हैं, उन्हें आवश्यकता के अनुसार अस्थायी आश्रय और राहत उपलब्ध कराना जरूरी है।

पक्के मकान की उम्मीद में परिवार

फिलहाल बाबलू सरदार का परिवार क्लब में रह रहा है और स्थानीय लोग अपनी क्षमता के अनुसार उनकी मदद कर रहे हैं। लेकिन परिवार की नजर अब प्रशासन और सरकार की सहायता पर है। परिवार चाहता है कि उसे ऐसा सुरक्षित घर मिले जहां पत्नी, बच्चे और बीमार मां बिना डर के रह सकें।

मकान गिरने की इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि भारी बारिश और खराब मौसम के दौरान कच्चे मकानों में रहने वाले गरीब परिवारों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए। स्थानीय स्तर पर राहत के साथ-साथ स्थायी आवास की व्यवस्था को लेकर भी पहल जरूरी है।

अंडाल के विश्वेश्वरी इलाके में हुई इस घटना में परिवार के सभी सदस्यों का सुरक्षित बच जाना राहत की बात है, लेकिन उनके सिर से पक्की छत का संकट अब भी बना हुआ है। बाबलू सरदार की गुहार है कि सरकार और प्रशासन उनकी स्थिति को गंभीरता से देखें और परिवार को जल्द सुरक्षित एवं पक्का आवास उपलब्ध कराने की दिशा में मदद करें। फिलहाल बारिश के बीच क्लब में गुजारा कर रहा यह परिवार इसी उम्मीद में है कि जल्द ही उसके सिर पर फिर से एक सुरक्षित छत होगी।

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