Wednesday, 23 September 2026
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बंगाल

इको पार्क में 3.10 लाख फेंसिडिल पर चला बुलडोजर, शुभेंदु अधिकारी ने खुद संभाली कमान

Moutushi · 23 September 2026, 2:09 PM

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में प्रतिबंधित कफ सिरप के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई के बीच बुधवार को कोलकाता के न्यू टाउन स्थित इको पार्क में बड़ी कार्रवाई देखने को मिली। यहां करीब 3 लाख 10 हजार फेंसिडिल कफ सिरप की बोतलों को बुलडोजर और रोड रोलर की मदद से नष्ट किया गया। इस दौरान पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी खुद बुलडोजर की कमान संभालते नजर आए। बोतलों को मशीन के नीचे कुचलते हुए मुख्यमंत्री का वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद यह कार्रवाई चर्चा में आ गई है। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, यह अभियान ‘नशा मुक्त भारत 2029’ के तहत प्रतिबंधित कफ सिरप के अवैध कारोबार के खिलाफ संदेश देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।

बताया गया कि इको पार्क में बड़ी संख्या में जब्त की गई फेंसिडिल की बोतलों को एक स्थान पर जमा किया गया था। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर उन्हें नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू की गई। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने खुद बुलडोजर चलाकर बोतलों को कुचलने की प्रक्रिया में हिस्सा लिया। इस दौरान बड़ी संख्या में अधिकारी और प्रशासनिक प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

इस कार्रवाई को केवल जब्त सामग्री को नष्ट करने की प्रक्रिया के तौर पर नहीं, बल्कि प्रतिबंधित कफ सिरप के अवैध कारोबार के खिलाफ सख्त संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री की ओर से अवैध कफ सिरप के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि राज्य में प्रतिबंधित कफ सिरप का अवैध कारोबार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इस नेटवर्क से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

बालुरघाट के बाद कोलकाता में दूसरी बड़ी कार्रवाई

इको पार्क में हुई यह कार्रवाई कुछ ही सप्ताह के भीतर प्रतिबंधित कफ सिरप की बड़ी खेप को सार्वजनिक रूप से नष्ट करने की दूसरी प्रमुख घटना बताई जा रही है। इससे पहले 2 सितंबर 2026 को दक्षिण दिनाजपुर के बालुरघाट में करीब 2 लाख प्रतिबंधित कफ सिरप की बोतलों को रोड रोलर से नष्ट किया गया था। उस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने खुद रोड रोलर चलाया था। उनके साथ केंद्रीय मंत्री और बालुरघाट के सांसद सुकांत मजूमदार तथा राज्य के स्वास्थ्य मंत्री शारद्वत मुखोपाध्याय भी मौजूद थे।

बालुरघाट की कार्रवाई के दौरान मुख्यमंत्री ने नशे की लत से युवाओं को बचाने और अवैध कफ सिरप के कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश दिया था। रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने यह भी बताया था कि जब्त की गई कुछ कफ सिरप की बोतलें कथित तौर पर सीमा पार तस्करी के लिए इस्तेमाल की जानी थीं। इस मामले में सीमा सुरक्षा बल और राज्य पुलिस की संयुक्त कार्रवाई का भी उल्लेख किया गया था।

‘नशा मुक्त भारत 2029’ के तहत अभियान

देशभर में नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई और रोकथाम के लिए केंद्र सरकार ने नारकोटिक्स कंट्रोल विजन 2026-2029 जारी किया है। गृह मंत्रालय के अनुसार, इस विजन में नशीले पदार्थों के खिलाफ खुफिया कार्रवाई और प्रवर्तन, प्रीकर्सर एवं सिंथेटिक ड्रग्स पर नियंत्रण, नशे की मांग और उससे होने वाले नुकसान को कम करना तथा संस्थागत क्षमता और समन्वय को मजबूत करना प्रमुख क्षेत्र हैं।

इसी व्यापक अभियान के तहत नशा मुक्त भारत की दिशा में जागरूकता, रोकथाम, कानून-प्रवर्तन और पुनर्वास पर भी जोर दिया जा रहा है। केंद्र सरकार के अनुसार, 2026 से 2029 तक की कार्ययोजना में राज्यों और केंद्र की विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष ध्यान दिया गया है।

फेंसिडिल को लेकर क्यों है चिंता?

फेंसिडिल एक कोडीन आधारित कफ सिरप है। चिकित्सकीय उपयोग के लिए उपलब्ध कुछ कोडीन आधारित दवाओं और उनके अवैध इस्तेमाल के बीच अंतर को समझना जरूरी है। पुलिस और जांच एजेंसियां जब किसी खेप को प्रतिबंधित या अवैध बताती हैं, तो आमतौर पर मामला उसके गैरकानूनी कब्जे, तस्करी या दुरुपयोग से जुड़ा होता है। इसलिए जब्त की गई ऐसी खेपों को नष्ट करने की कार्रवाई कानून-प्रवर्तन प्रक्रिया का हिस्सा हो सकती है।

इको पार्क में बोतलों को बुलडोजर से नष्ट किए जाने की तस्वीरों ने एक बार फिर नशीली दवाओं और प्रतिबंधित कफ सिरप की तस्करी को लेकर बहस तेज कर दी है। सरकार की ओर से इसे नशे के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में पेश किया जा रहा है।

बुलडोजर चलाते दिखे मुख्यमंत्री

इको पार्क की कार्रवाई का सबसे चर्चित दृश्य वह रहा, जब मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी खुद बुलडोजर चलाते दिखाई दिए। इससे पहले बालुरघाट में भी उनके रोड रोलर चलाने की तस्वीरें सामने आई थीं।

फिलहाल इको पार्क में करीब 3 लाख 10 हजार बोतलों को नष्ट किए जाने की कार्रवाई को नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ राज्य स्तर पर चलाए जा रहे अभियान की एक बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। अब निगाह इस बात पर है कि जब्त फेंसिडिल की बरामदगी से जुड़े मामलों में जांच एजेंसियां आगे क्या कार्रवाई करती हैं और अवैध आपूर्ति श्रृंखला तक पहुंचने के लिए कौन-कौन से कदम उठाए जाते हैं।

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