Wednesday, 23 September 2026
Advertisement
ब्रेकिंग न्यूज़
इको पार्क में 3.10 लाख फेंसिडिल पर चला बुलडोजर, शुभेंदु अधिकारी ने खुद संभाली कमान जामुड़िया में तृणमूल नेता की पत्नी का जला शव मिलने से सनसनी, पति हिरासत में आसनसोल के लाइफ लाइन अस्पताल में मरीज की मौत पर बवाल, परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप ईसीएल मुख्यालय शाकतोड़िया पहुंची कोलियरी मजदूर यूनियन, 12वें वेतन समझौते से बोनस तक उठीं श्रमिकों की मांगें जीटी रोड पर टोटो प्रतिबंध के खिलाफ मेनधुमा मोड़ पर चालकों का प्रदर्शन, बोले- ईएमआई कैसे भरेंगे और परिवार कैसे चलाएंगे? बांकुड़ा में गांजा तस्करी पर बड़ा प्रहार, 2 क्विंटल 75 किलो गांजा और 7 लाख रुपये नकद बरामद इको पार्क में 3.10 लाख फेंसिडिल पर चला बुलडोजर, शुभेंदु अधिकारी ने खुद संभाली कमान जामुड़िया में तृणमूल नेता की पत्नी का जला शव मिलने से सनसनी, पति हिरासत में आसनसोल के लाइफ लाइन अस्पताल में मरीज की मौत पर बवाल, परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप ईसीएल मुख्यालय शाकतोड़िया पहुंची कोलियरी मजदूर यूनियन, 12वें वेतन समझौते से बोनस तक उठीं श्रमिकों की मांगें जीटी रोड पर टोटो प्रतिबंध के खिलाफ मेनधुमा मोड़ पर चालकों का प्रदर्शन, बोले- ईएमआई कैसे भरेंगे और परिवार कैसे चलाएंगे? बांकुड़ा में गांजा तस्करी पर बड़ा प्रहार, 2 क्विंटल 75 किलो गांजा और 7 लाख रुपये नकद बरामद
आसनसोल-दुर्गापुर

आसनसोल के लाइफ लाइन अस्पताल में मरीज की मौत पर बवाल, परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप

Moutushi · 23 September 2026, 12:13 PM

आसनसोल: आसनसोल के लाइफ लाइन अस्पताल में मंगलवार को 52 वर्षीय महिला मरीज की मौत के बाद उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब मृतका के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और इलाज कर रहे चिकित्सकों पर कथित लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि मरीज की हालत लगातार बिगड़ने के बावजूद समय रहते उन्हें दूसरे अस्पताल में रेफर नहीं किया गया। परिवार का कहना है कि यदि समय पर उचित निर्णय लिया जाता और मरीज को बेहतर चिकित्सा सुविधा वाले दूसरे अस्पताल में भेजा जाता, तो शायद स्थिति अलग हो सकती थी। हालांकि, इलाज में लापरवाही के इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

मृतका की पहचान हरजिंदर कौर, उम्र 52 वर्ष, निवासी जमुरिया के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, हरजिंदर कौर को सांस से संबंधित परेशानी के बाद इलाज के लिए आसनसोल स्थित लाइफ लाइन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शुरुआत में अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था और परिवार को उम्मीद थी कि इलाज के बाद उनकी हालत में सुधार आएगा। लेकिन कुछ समय बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी।

परिजनों का दावा है कि मरीज की स्थिति खराब होती देखकर उन्होंने चिकित्सकों और अस्पताल प्रबंधन से बातचीत की थी। परिवार के मुताबिक, उन्होंने मरीज को किसी दूसरे अस्पताल में रेफर करने की मांग भी की थी, ताकि वहां बेहतर या आवश्यक चिकित्सा सुविधा मिल सके। परिजनों का आरोप है कि उनकी मांग के बावजूद समय रहते मरीज को रेफर नहीं किया गया।

इसी बीच मंगलवार शाम अस्पताल की ओर से हरजिंदर कौर को मृत घोषित कर दिया गया। मरीज की मौत की सूचना मिलते ही परिवार के लोगों में आक्रोश फैल गया। देखते ही देखते अस्पताल परिसर में परिजनों और अस्पताल प्रबंधन के बीच विवाद की स्थिति बन गई। परिजनों ने इलाज में कथित लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल के बाहर और परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

परिवार की ओर से मांग की गई कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि जांच में किसी चिकित्सक या अस्पताल कर्मी की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। परिजनों का कहना था कि वे अपनी महिला परिजन को इलाज के लिए अस्पताल लेकर आए थे और उन्हें उम्मीद थी कि उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलेगी। लेकिन मरीज की मौत के बाद परिवार ने उपचार की प्रक्रिया और अस्पताल की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े किए।

मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने अस्पताल परिसर में स्थिति को नियंत्रित करने और किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति को रोकने का प्रयास किया। परिजनों की ओर से धरना भी दिया गया और वे पूरे मामले की जांच की मांग पर अड़े रहे। पुलिस की मौजूदगी के बाद स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की गई।

परिजनों का मुख्य आरोप यही है कि मरीज की हालत बिगड़ने के बाद समय पर रेफर करने की मांग की गई थी, लेकिन कथित तौर पर उस पर तत्काल निर्णय नहीं लिया गया। परिवार का कहना है कि अस्पताल में इलाज के दौरान मरीज की स्थिति लगातार गंभीर होती गई और अंत में उनकी मौत हो गई। इसी कारण परिजन मौत के वास्तविक कारण और उपचार के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया की जांच की मांग कर रहे हैं।

हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि अस्पताल प्रबंधन या चिकित्सकों पर लगाए गए लापरवाही के आरोप फिलहाल परिजनों के दावे पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि मरीज की मौत का चिकित्सकीय कारण क्या था और उपचार के दौरान अस्पताल की ओर से कौन-कौन से चिकित्सकीय कदम उठाए गए थे। इन सभी तथ्यों की पुष्टि जांच और उपलब्ध चिकित्सकीय दस्तावेजों के आधार पर ही हो सकती है।

इस मामले में अस्पताल प्रबंधन का पक्ष जानने के लिए संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन मौके पर अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई भी व्यक्ति मामले पर स्पष्ट रूप से बात करने के लिए राजी नहीं हुआ। इसलिए फिलहाल अस्पताल की ओर से लगाए गए आरोपों पर कोई आधिकारिक विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

मरीज की मौत के बाद उठे विवाद ने अस्पताल में मरीजों के उपचार, गंभीर स्थिति में रेफर करने की प्रक्रिया और परिजनों के साथ संवाद जैसे मुद्दों को भी चर्चा में ला दिया है। ऐसे मामलों में यह महत्वपूर्ण होता है कि मरीज की बीमारी, उपचार की पूरी प्रक्रिया, चिकित्सकीय स्थिति और मौत के कारण से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की जाए, ताकि किसी भी आरोप की वास्तविकता स्पष्ट हो सके।

परिजनों का कहना है कि वे किसी विवाद को बढ़ाना नहीं चाहते, बल्कि उन्हें अपनी महिला परिजन की मौत का वास्तविक कारण जानना है। उनका कहना है कि यदि उपचार के दौरान किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, यदि जांच में किसी प्रकार की चिकित्सकीय लापरवाही नहीं पाई जाती है, तो वास्तविक तथ्य भी परिवार के सामने स्पष्ट किए जाने चाहिए।

फिलहाल मामले में पुलिस की मौजूदगी के बीच स्थिति को नियंत्रित किया गया है। हरजिंदर कौर की मौत को लेकर परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो पाएगी। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और मरीज की मौत के वास्तविक कारण को लेकर आधिकारिक स्तर पर क्या जानकारी सामने आती है।

Advertisement