आसनसोल: कोयला खदान श्रमिकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर मंगलवार को कोलियरी मजदूर यूनियन (इंटक) की ओर से ‘शाकतोड़िया चलो’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से यूनियन की ओर से श्रमिकों की वेतन, बोनस, रोजगार सुविधाओं और सेवा शर्तों से जुड़ी कई मांगों को प्रमुखता से उठाया गया। बड़ी संख्या में श्रमिक हितों से जुड़े मुद्दों को सामने रखते हुए यूनियन ने ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के मुख्यालय शाकतोड़िया के समक्ष अपनी मांगों को रखा।
यूनियन का कहना है कि कोयला उद्योग में काम करने वाले श्रमिकों की आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े विषयों पर समय रहते निर्णय लिया जाना जरूरी है। इसी उद्देश्य से विभिन्न मांगों को लेकर यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।
12वें वेतन समझौते को जल्द पूरा करने की मांग
कोलियरी मजदूर यूनियन की प्रमुख मांगों में कोयला खदान श्रमिकों के 12वें वेतन समझौते को जल्द पूरा करना शामिल है। यूनियन का कहना है कि वेतन समझौता श्रमिकों की आय और सेवा शर्तों से सीधे जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है।
श्रमिक संगठनों की ओर से समय-समय पर वेतन समझौते से जुड़े मुद्दे उठाए जाते रहे हैं। इसी क्रम में ‘शाकतोड़िया चलो’ कार्यक्रम के दौरान यूनियन ने मांग की कि 12वें वेतन समझौते की प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाए, ताकि श्रमिकों को इसका लाभ मिल सके।
यूनियन ने कहा कि वेतन से संबंधित निर्णयों में देरी होने का असर सीधे श्रमिक परिवारों की आर्थिक योजना पर पड़ता है। इसलिए इस मुद्दे पर जल्द समाधान की आवश्यकता है।
वार्षिक बोनस के तत्काल भुगतान की मांग
कार्यक्रम के दौरान वार्षिक बोनस का तत्काल भुगतान करने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई। यूनियन का कहना है कि बोनस श्रमिकों के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक सहायता है और इसका भुगतान समय पर किया जाना चाहिए।
श्रमिक परिवारों के रोजमर्रा के खर्च, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जरूरतों के बीच बोनस की राशि का भी महत्व होता है। ऐसे में यूनियन ने ईसीएल प्रबंधन से बोनस भुगतान के मुद्दे पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
नए श्रम कानून को लेकर यूनियन का विरोध
कोलियरी मजदूर यूनियन ने नए श्रम कानून को लागू नहीं करने की मांग भी कार्यक्रम के माध्यम से रखी। यूनियन का कहना है कि श्रमिकों के हितों और उनकी सेवा शर्तों से जुड़े किसी भी बदलाव पर श्रमिक संगठनों के साथ चर्चा आवश्यक है।
यूनियन ने श्रमिक अधिकारों और उनकी सुरक्षा से जुड़े विषयों को प्राथमिकता देने की मांग की। कार्यक्रम के दौरान इस मुद्दे को भी श्रमिकों के हित से जोड़कर प्रमुखता से उठाया गया।
ठेका श्रमिकों के लिए एचपीसी दर की मांग
कोयला उद्योग में ठेका श्रमिकों से जुड़े मुद्दे को भी ‘शाकतोड़िया चलो’ कार्यक्रम में प्रमुखता मिली। यूनियन ने मांग की कि ठेका श्रमिकों को एचपीसी दर के अनुसार वेतन और बोनस दिया जाए।
यूनियन के अनुसार, ठेका श्रमिक भी खदानों और संबंधित कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए उनके वेतन और अन्य आर्थिक सुविधाओं को लेकर भी उचित व्यवस्था होनी चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान ठेका श्रमिकों की स्थिति और उन्हें मिलने वाली सुविधाओं से संबंधित मुद्दों को सामने रखते हुए यूनियन ने एचपीसी दर के अनुसार भुगतान की मांग दोहराई।
एमडीओ व्यवस्था बंद करने की मांग
यूनियन ने एमडीओ यानी माइन डेवलपर एंड ऑपरेटर व्यवस्था को बंद करने की मांग भी उठाई। यह मुद्दा भी कोयला श्रमिकों से जुड़े प्रमुख विषयों में शामिल रहा।
कोलियरी मजदूर यूनियन का कहना है कि कोयला खदानों के संचालन और श्रमिकों के हितों से जुड़े फैसलों में श्रमिकों की सुरक्षा और रोजगार से जुड़े पहलुओं को ध्यान में रखा जाना चाहिए। इसी संदर्भ में एमडीओ व्यवस्था को लेकर यूनियन ने अपना विरोध दर्ज कराया।
नए श्रमिकों को छह महीने बाद सभी सुविधाएं देने की मांग
यूनियन की एक अन्य प्रमुख मांग नए श्रमिकों को छह महीने की सेवा पूरी करने के बाद सभी सुविधाएं पूर्ण रूप से बहाल करने की रही। यूनियन का कहना है कि नए कर्मचारियों को भी सेवा से संबंधित सुविधाओं का लाभ मिलना चाहिए और छह महीने की सेवा पूरी होने के बाद उनकी सुविधाओं को पूरी तरह बहाल किया जाना चाहिए।
श्रमिकों के अनुसार, सेवा की शुरुआत में मिलने वाली सुविधाओं और बाद में मिलने वाले लाभों को लेकर स्पष्ट व्यवस्था आवश्यक है। इसी विषय को लेकर यूनियन ने अपनी मांग ईसीएल प्रबंधन के सामने रखी।
श्रमिक हितों से जुड़े अन्य मुद्दे भी उठे
‘शाकतोड़िया चलो’ कार्यक्रम के दौरान केवल वेतन और बोनस ही नहीं, बल्कि कोयला खदान श्रमिकों से जुड़े अन्य मुद्दों को भी उठाया गया। यूनियन ने श्रमिकों के रोजगार, वेतन, बोनस, सेवा सुविधाओं और ठेका श्रमिकों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर अपनी मांगें सामने रखीं।
कार्यक्रम के माध्यम से यूनियन ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि कोयला उद्योग में काम करने वाले श्रमिकों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना और उनका समाधान किया जाना चाहिए।
मंगलवार को आयोजित इस कार्यक्रम में कोलियरी मजदूर यूनियन (इंटक) की ओर से ईसीएल मुख्यालय शाकतोड़िया की ओर रुख किया गया और विभिन्न मांगों को प्रमुखता से उठाया गया। अब इन मांगों पर ईसीएल प्रबंधन की ओर से क्या कदम उठाया जाता है, इस पर श्रमिक संगठनों और कर्मचारियों की नजर रहेगी। यूनियन की ओर से स्पष्ट किया गया कि वेतन समझौता, बोनस भुगतान, ठेका श्रमिकों की सुविधाएं और रोजगार से जुड़े मुद्दे उनके लिए महत्वपूर्ण हैं और इन्हीं विषयों को लेकर ‘शाकतोड़िया चलो’ कार्यक्रम आयोजित किया गया।




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