आसनसोल: शहर में लगातार बढ़ रही यातायात समस्या, टोटो परिचालन को लेकर चल रहे विवाद और प्रमुख सड़कों पर लगने वाले जाम को देखते हुए आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के ट्रैफिक विभाग ने यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। नई व्यवस्था के तहत शहर के कई महत्वपूर्ण मार्गों पर टोटो के परिचालन को नियंत्रित किया गया है। वहीं, जाम की स्थिति को कम करने के उद्देश्य से हटन रोड को वन-वे कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि बदली हुई व्यवस्था का उद्देश्य यातायात को अधिक सुचारू बनाना और व्यस्त सड़कों पर वाहनों के दबाव को नियंत्रित करना है।
जुबली मोड़ पर टोटो परिचालन पर रोक
नई ट्रैफिक व्यवस्था के तहत जुबली मोड़ क्षेत्र में टोटो के परिचालन पर रोक लगाई गई है। दक्षिण पुलिस पिकेट क्षेत्र में जुबली मोड़ से गैलेक्सी मोड़ के बीच भी टोटो के परिचालन को प्रतिबंधित किया गया है। इसके अलावा कालीपहाड़ी से सताइसा मोड़ की दिशा में भी टोटो के लिए नो-एंट्री व्यवस्था लागू की गई है। पुलिस ने टोटो चालकों को निर्धारित मार्गों पर ही परिचालन करने की हिदायत दी है।
यह बदलाव ऐसे समय में किया गया है जब शहर और आसपास के इलाकों में टोटो के परिचालन को लेकर मिनी बस चालकों और टोटो चालकों के बीच विवाद सामने आया था। सितंबर के मध्य में टोटो परिचालन को लेकर मिनी बस सेवाओं पर भी असर पड़ा था। इसके बाद पुलिस प्रशासन की ओर से टोटो के लिए निर्धारित रूट तय करने और मुख्य मार्गों पर परिचालन नियंत्रित करने की दिशा में कदम उठाए गए।
हटन रोड को किया गया वन-वे
शहर के व्यस्त मार्गों में शामिल हटन रोड पर यातायात व्यवस्था को बदलते हुए इसे वन-वे किया गया है। पुलिस के अनुसार हटन रोड से इस्माइल मोड़, जिला अस्पताल, शनि मंदिर, आश्रम मोड़ होते हुए रेलवे स्टेशन तक जाने वाले मार्ग की ट्रैफिक व्यवस्था को संशोधित किया गया है।
इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने का मुख्य उद्देश्य सड़क पर अनावश्यक दबाव कम करना और जाम की स्थिति को नियंत्रित करना बताया गया है। वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे वन-वे व्यवस्था का उल्लंघन न करें और आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करें।
इन मार्गों पर टोटो चलाने की अनुमति
पुलिस की ओर से अलग-अलग ट्रैफिक गार्ड क्षेत्रों के लिए टोटो के निर्धारित मार्गों की जानकारी भी दी गई है। हीरापुर ट्रैफिक गार्ड क्षेत्र में बर्नपुर रेलवे स्टेशन से त्रिवेणी मोड़, गैलेक्सी मोड़, पोलो मैदान, घड़ी मोड़ और घड़ी मोड़ से गोराई रोड तक टोटो के परिचालन की अनुमति दी गई है।
आसनसोल साउथ ट्रैफिक गार्ड क्षेत्र में हटन रोड, इस्माइल मोड़, जिला अस्पताल, मैदाकल मोड़, नुरुद्दीन रोड, शनि मंदिर, आश्रम मोड़, ऑफिसर्स क्लब, १३ नंबर रोड, रेलवे स्टेशन, जोगिया बाबा मोड़ और आसनसोल बस स्टैंड की दिशा में निर्धारित मार्गों पर टोटो चलाने की अनुमति रहेगी।
वहीं, आसनसोल नॉर्थ ट्रैफिक गार्ड क्षेत्र में रेलवे स्टेशन से लोको ग्राउंड, सफी मोड़ और स्टेशन रोड तक टोटो के परिचालन की अनुमति दी गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित रूट से बाहर जाकर टोटो चलाने पर कार्रवाई की जा सकती है।
जीटी रोड और राष्ट्रीय राजमार्ग पर टोटो की नो-एंट्री
नई व्यवस्था में जीटी रोड और राष्ट्रीय राजमार्ग पर टोटो के परिचालन को पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। प्रशासन की ओर से टोटो चालकों से कहा गया है कि वे मुख्य राजमार्गों पर यातायात नियमों का पालन करें और निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें।
ट्रैफिक विभाग का मानना है कि मुख्य सड़कों पर टोटो की संख्या और अन्य वाहनों के दबाव को नियंत्रित करने से यातायात का प्रवाह बेहतर किया जा सकता है। इससे जाम के दौरान एंबुलेंस, अग्निशमन वाहन और अन्य जरूरी सेवाओं के वाहनों की आवाजाही को भी सुगम बनाने में मदद मिल सकती है।
पूजा से पहले ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त करने की कोशिश
दुर्गा पूजा से पहले शहर में खरीदारी और आवाजाही बढ़ने की संभावना को देखते हुए ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर पुलिस ने अभियान तेज किया है। हाल के दिनों में अवैध पार्किंग के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। हटन रोड सहित शहर के कई व्यस्त इलाकों में सड़क किनारे वाहनों की पार्किंग को लेकर पुलिस ने सख्ती दिखाई है।
ट्रैफिक अधिकारियों का कहना है कि किसी भी नई व्यवस्था को पूरी तरह लागू होने में कुछ समय लग सकता है। इसलिए शुरुआती दिनों में वाहन चालकों और आम लोगों को धैर्य रखने तथा पुलिस द्वारा लगाए गए संकेतों और निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
अचानक बदलाव से स्थानीय लोगों में नाराजगी
हालांकि नई व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया पूरी तरह सकारात्मक नहीं है। कुछ लोगों का कहना है कि अचानक रूट बदलने और वन-वे व्यवस्था लागू होने से यात्रियों को शुरुआती दिनों में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। खासकर हटन रोड और आसपास के इलाकों में कई स्कूल तथा शिक्षण संस्थान हैं। फिलहाल कई स्थानों पर परीक्षाएं भी चल रही हैं। ऐसे में छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए बदले हुए मार्गों को समझना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
स्थानीय लोगों का सुझाव है कि ट्रैफिक नियमों में बड़े बदलाव से पहले पर्याप्त प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए था। उनका कहना है कि यदि नई व्यवस्था के बारे में पहले से व्यापक जानकारी दी जाती, तो वाहन चालकों और आम लोगों को अपनी यात्रा की योजना बनाने में आसानी होती। कुछ लोगों ने यह भी सुझाव दिया कि पूजा के बाद व्यवस्था लागू करने से शुरुआती परेशानी को कम किया जा सकता था।
नियम तोड़ने पर हो सकती है कार्रवाई
पुलिस ने साफ किया है कि नई व्यवस्था का पालन करना सभी वाहन चालकों के लिए जरूरी होगा। टोटो चालकों को निर्धारित रूट पर ही परिचालन करने और प्रतिबंधित सड़कों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है। वहीं आम वाहन चालकों से वन-वे नियम का पालन करने तथा यातायात पुलिस के निर्देशों के अनुसार चलने की अपील की गई है।
फिलहाल आसनसोल में लागू की गई नई ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर शहरवासियों की नजर इसके परिणाम पर है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बदले हुए रूट, टोटो परिचालन पर नियंत्रण और हटन रोड की वन-वे व्यवस्था से शहर के प्रमुख इलाकों में जाम की समस्या कितनी कम होती है। दूसरी ओर, प्रशासन के सामने चुनौती यह भी होगी कि यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के साथ आम यात्रियों, छात्रों, टोटो चालकों और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं की सुविधा के बीच संतुलन बनाए रखा जाए।




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