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आसनसोल-दुर्गापुर

सड़ा मांस, फफूंद लगी मिठाई और प्रतिबंधित रंग! कोलकाता में 40 खाद्य प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई

Moutushi · 9 September 2026, 1:48 PM

कोलकाता: दुर्गापूजा से पहले कोलकाता में खाद्य सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्ती तेज कर दी है। शहर के अलग-अलग हिस्सों में चलाए गए विशेष जांच अभियान के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर कई गंभीर अनियमितताएं सामने आने का दावा किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, 1 से 7 सितंबर के बीच होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकानों, बेकरी और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में बड़े पैमाने पर जांच की गई। इस दौरान 40 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस दो सप्ताह के लिए निलंबित किए गए हैं।

अभियान के दौरान कथित तौर पर सड़ी और बासी मछली-मांस, फफूंद लगी छेना और मिठाई, अस्वच्छ वातावरण, कीड़े-मकौड़े और भोजन में प्रतिबंधित रंग के इस्तेमाल जैसे मामले सामने आए। अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान कुल 1,224 किलोग्राम निम्न गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थ नष्ट किए गए। कार्रवाई की जानकारी सामने आने के बाद खाद्य कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों में भी हड़कंप मचा हुआ है।

592 स्थानों पर हुई जांच

बताया गया कि अभियान की शुरुआत 1 सितंबर को ‘क्रेता सुरक्षा सप्ताह’ के दौरान हुई थी। इसके बाद कोलकाता के विभिन्न इलाकों में खाद्य सुरक्षा नियमों की जांच का सिलसिला तेज किया गया। 1 से 7 सितंबर के बीच कुल 592 स्थानों पर निरीक्षण किए जाने की जानकारी सामने आई है।

जांच के दौरान अधिकारियों ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के साथ-साथ रसोई, भंडारण व्यवस्था, रेफ्रिजरेटर, कर्मचारियों की स्वच्छता और इस्तेमाल किए जा रहे खाद्य पदार्थों की स्थिति की भी जांच की। कई स्थानों पर कथित तौर पर ऐसे खाद्य पदार्थ मिले, जिन्हें मानव उपभोग के लिए सुरक्षित नहीं माना गया।

अधिकारियों के अनुसार, कुछ प्रतिष्ठानों के फ्रिज में कॉकरोच पाए गए। वहीं कई जगहों पर भोजन तैयार करने के स्थान की साफ-सफाई संतोषजनक नहीं मिली। कुछ दुकानों में रखे खाद्य पदार्थों पर तारीख का उल्लेख नहीं होने की बात भी सामने आई।

किन प्रतिष्ठानों पर हुई कार्रवाई?

नगर निगम की ओर से जारी सूची में कई रेस्टोरेंट, होटल, मिठाई की दुकानें और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों के नाम शामिल बताए गए हैं। इनमें हेमंत मुखर्जी सरणी स्थित रॉयल बंगाल टाइगर हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड, लेक व्यू रोड स्थित एशिया हाउस, गोल्डन गेट, राममोहन सरणी स्थित दादा बौदी होटल, पार्क स्ट्रीट स्थित डॉन जियोवानी’स, मिर्जा गालिब स्ट्रीट स्थित करीम्स, साल्ट लेक स्थित चौरसिया चाट, बेनियापुकुर स्थित मेराकी बेकरी एंड कन्फेक्शनरी सहित कई प्रतिष्ठान शामिल बताए गए हैं।

इसके अलावा जेप्टो लिमिटेड, श्री ब्रजराज, एफ एंड बी मार्केटिंग लिमिटेड, डेनजोंग किचन, सोफिया होटल, डायमंड पार्क का गंगा, बिरयानी कॉर्नर, शंभु ऑयल मिल और मिस्ट एंड मोर्सेल्स समेत अन्य नाम भी सूची में बताए गए हैं।

मिठाई की दुकानों में गिरिश चंद्र डे एंड कंपनी, श्री कृष्ण स्वीट्स, बलराम मल्लिक और राधारमण मल्लिक, मातृ मिष्टान्न भंडार, शीतला मिष्टान्न भंडार, मिठाई भंडार और शक्ति मिष्टान्न भंडार समेत कई प्रतिष्ठानों के नाम सामने आए हैं।

लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द नहीं

नगर निगम की ओर से बताया गया है कि संबंधित प्रतिष्ठानों के लाइसेंस फिलहाल स्थायी रूप से रद्द नहीं किए गए हैं। उन्हें दो सप्ताह के लिए निलंबित किया गया है। संबंधित प्रतिष्ठानों को खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सुधार करने होंगे।

यदि प्रतिष्ठान सुधारात्मक कदम उठाने के बाद आवेदन करते हैं, तो नगर निगम की ओर से दोबारा जांच की जा सकती है। नियमों का पालन संतोषजनक पाए जाने पर लाइसेंस बहाल करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

प्रतिबंधित रंग और खराब तेल पर भी नजर

अभियान के दौरान भोजन में ‘कलरिंग एजेंट’ के इस्तेमाल को लेकर भी गंभीर सवाल सामने आए। अधिकारियों के अनुसार, कुछ मिठाई की दुकानों, बिरयानी प्रतिष्ठानों और भोजनालयों में ऐसे रंगों के इस्तेमाल के प्रमाण मिले, जिनके खाद्य पदार्थों में उपयोग को लेकर आपत्ति जताई गई।

इसके अलावा एक्सपायर्ड मसालों के इस्तेमाल, बिना तारीख वाले खाद्य पदार्थों के भंडारण और भोजन तैयार करने वाले कर्मचारियों द्वारा आवश्यक स्वास्थ्य नियमों का पालन नहीं करने जैसी अनियमितताओं की भी जानकारी सामने आई।

जले हुए तेल के इस्तेमाल को लेकर भी कार्रवाई की गई। अधिकारियों के अनुसार, खाद्य पदार्थों को तलने में इस्तेमाल होने वाले तेल को बार-बार इस्तेमाल करने के बजाय निर्धारित मानकों का पालन करना जरूरी है। जांच के दौरान कुछ जगहों पर इस संबंध में भी अनियमितता पाए जाने का दावा किया गया।

संबंधित प्रतिष्ठानों ने भी रखा अपना पक्ष

कार्रवाई के बाद कुछ प्रतिष्ठानों की ओर से अपना पक्ष भी सामने रखा गया है। कोलकाता नगर निगम के पास स्थित निजाम रेस्टोरेंट के प्रबंधक ने बताया कि लाइसेंस निलंबन की जानकारी मिलने के बाद प्रतिष्ठान बंद कर दिया गया। उनके अनुसार, उनके खिलाफ बासी या सड़ा खाना बेचने अथवा साफ-सफाई संबंधी नियमों के उल्लंघन का आरोप नहीं है, बल्कि बिरयानी में प्रतिबंधित रंग के इस्तेमाल को लेकर कार्रवाई हुई है। उन्होंने कहा कि नगर निगम के निर्देश के अनुसार जरूरी सुधार किए जाएंगे।

वहीं, बलराम मल्लिक और राधारमण मल्लिक समूह की ओर से सुदीप मल्लिक ने दावा किया कि बीएल साहा रोड स्थित जिस दुकान का नाम सामने आया है, उसका उनके प्रतिष्ठान से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके प्रतिष्ठान में साफ-सफाई और स्वास्थ्य संबंधी मानकों का पालन किया जाता है और नाम गलती से सूची में शामिल हुआ है।

त्योहार से पहले खाद्य सुरक्षा पर बढ़ी निगरानी

दुर्गापूजा जैसे बड़े त्योहार से पहले शहर में खाद्य पदार्थों की मांग काफी बढ़ जाती है। ऐसे में प्रशासन की ओर से खाद्य सुरक्षा को लेकर निगरानी बढ़ाने को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि लोगों के स्वास्थ्य से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता।

स्वास्थ्य मंत्री शारद्वत मुखोपाध्याय ने लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया है, जबकि खाद्य मंत्री अशोक कीर्तनिया ने होटल और रेस्टोरेंट में भोजन की गुणवत्ता के साथ पेयजल के मानकों की भी जांच करने की बात कही है।

कुल मिलाकर, 592 स्थानों पर जांच, 1,224 किलोग्राम निम्न गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों का नष्ट किया जाना और 40 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए जाने की कार्रवाई ने शहर में खाद्य सुरक्षा को लेकर बड़ी बहस छेड़ दी है। आने वाले दिनों में जांच अभियान और तेज होने की संभावना के बीच अब निगाह इस बात पर रहेगी कि निलंबित प्रतिष्ठान सुधार के बाद दोबारा नियमों के अनुरूप पाए जाते हैं या नहीं।

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