आसनसोल, 5 सितंबर 2026: शिक्षक दिवस के अवसर पर आसनसोल नॉर्थ पॉइंट स्कूल और पारबती टीचर्स ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की ओर से आसनसोल स्थित पारबती हॉल में भव्य समारोह का आयोजन किया गया। शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों के योगदान और समर्पण को सम्मान देने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षा जगत से जुड़े कई प्रतिष्ठित व्यक्तित्व, शिक्षक, शिक्षाविद और संस्थान के सदस्य मौजूद रहे। पूरे समारोह में सम्मान, कृतज्ञता, संस्कृति और मनोरंजन का खूबसूरत संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम का आयोजन आसनसोल नॉर्थ पॉइंट स्कूल और पारबती बी.एड. कॉलेज की निदेशक एवं सह-संस्थापक श्रीमती मीता रॉय के नेतृत्व में किया गया। शिक्षा के साथ-साथ शास्त्रीय संगीत और सामाजिक क्षेत्र में भी सक्रिय श्रीमती मीता रॉय ने इस अवसर पर शिक्षकों के योगदान को समाज निर्माण की आधारशिला बताया। उनके नेतृत्व में संस्थान ने पिछले वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार किया है।
बताया गया कि श्रीमती मीता रॉय ने वर्ष 2000-01 में मात्र 35 विद्यार्थियों के साथ अपनी शैक्षणिक यात्रा की शुरुआत की थी। समय के साथ यह छोटा प्रयास एक बड़े शैक्षणिक संस्थान के रूप में विकसित हुआ और आज उनके नेतृत्व में 3000 से अधिक विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान की जा रही है। यह सफर शिक्षा के प्रति समर्पण, निरंतर प्रयास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था की मिसाल के रूप में प्रस्तुत किया गया।
समारोह में कई विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इनमें विधान चंद्र कॉलेज, आसनसोल के प्राचार्य डॉ. फाल्गुनी मुखर्जी और जामुड़िया नामोपाड़ा एफ.पी. स्कूल के प्रधान शिक्षक दीप नारायण नायक प्रमुख रूप से शामिल रहे। दीप नारायण नायक को लोग लोकप्रिय रूप से “रास्तार मास्टर” के नाम से भी जानते हैं। शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान और सामाजिक सरोकारों को लेकर उनकी अलग पहचान है।
कार्यक्रम में पारबती टीचर्स ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के प्राचार्य डॉ. कौशिक चट्टोपाध्याय, आसनसोल नॉर्थ पॉइंट स्कूल के प्राचार्य राजीव शॉ, नॉर्थ पॉइंट स्कूल के प्रधानाध्यापक वर्जिल डी’सूजा, उपप्राचार्य प्रदुमन सिंह और आसनसोल नॉर्थ पॉइंट स्कूल के उपप्राचार्य सत्यजीत डॉन भी मौजूद रहे। अतिथियों और शिक्षकों की मौजूदगी ने समारोह की गरिमा को और बढ़ा दिया।
समारोह की शुरुआत संस्थान के संस्थापक एवं अध्यक्ष श्री सचिंद्र नाथ रॉय तथा निदेशक एवं सह-संस्थापक श्रीमती मीता रॉय द्वारा दीप प्रज्वलित कर की गई। दीप प्रज्वलन को ज्ञान, विवेक और बुद्धिमत्ता के शाश्वत प्रकाश का प्रतीक बताया गया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने शिक्षा के महत्व और शिक्षक की भूमिका को याद करते हुए शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
कार्यक्रम के दौरान विशिष्ट अतिथियों को स्मृति चिन्ह, उत्तरीय और सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया। वहीं, संस्थान से जुड़े शिक्षकों को भी शिक्षा के क्षेत्र में उनके समर्पण, मेहनत और योगदान के लिए विशेष उपहार प्रदान किए गए। सम्मान प्राप्त करने वाले शिक्षकों के चेहरों पर खुशी और गर्व साफ दिखाई दिया।
शिक्षक दिवस समारोह केवल सम्मान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने इसे और यादगार बना दिया। कार्यक्रम में मधुर गीतों और आकर्षक नृत्य प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। विद्यार्थियों और शिक्षकों से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान पूरे सभागार में उत्साह का माहौल बना रहा। शिक्षकों ने भी पूरे उत्साह के साथ विभिन्न प्रस्तुतियों में भाग लिया और समारोह का आनंद उठाया।

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण श्रीमती मीता रॉय और श्री सचिंद्र नाथ रॉय की गायन प्रस्तुति रही। दोनों ने अपनी मधुर आवाज से उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों और संस्थान के सदस्यों को मंत्रमुग्ध कर दिया। संगीत की इस प्रस्तुति ने समारोह के माहौल को और भी भावपूर्ण बना दिया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम का ज्ञान देने का काम नहीं करते, बल्कि वे उनके व्यक्तित्व, अनुशासन और चरित्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। एक शिक्षक विद्यार्थी को सही दिशा दिखाने, उसकी प्रतिभा को पहचानने और उसे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण योगदान देता है। इसलिए शिक्षक दिवस शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करने का विशेष अवसर है।
समारोह में शिक्षा के बदलते स्वरूप और शिक्षकों की बढ़ती जिम्मेदारियों पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि आधुनिक समय में विद्यार्थियों के सामने नई चुनौतियां हैं और ऐसे समय में शिक्षक की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। तकनीक के बढ़ते प्रभाव के बावजूद शिक्षक और विद्यार्थी के बीच मानवीय संबंध शिक्षा की मूल भावना को मजबूत बनाए रखते हैं।
श्रीमती मीता रॉय के नेतृत्व में आयोजित यह कार्यक्रम शिक्षा के साथ संस्कृति और सामाजिक मूल्यों को जोड़ने का भी संदेश देता नजर आया। 35 विद्यार्थियों से शुरू हुई शैक्षणिक यात्रा का 3000 से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचना संस्थान के विकास की कहानी को दर्शाता है।
समारोह का समापन स्वादिष्ट दोपहर के भोजन के साथ हुआ। इसमें अतिथियों, शिक्षकों और दोनों संस्थानों से जुड़े सदस्यों ने एक साथ भोजन किया। आपसी बातचीत, शुभकामनाओं और सौहार्द के माहौल के बीच शिक्षक दिवस समारोह का समापन हुआ। पूरे आयोजन ने शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की भावना को मजबूत किया और उपस्थित सभी लोगों के लिए इस विशेष दिन को यादगार बना दिया।




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