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आसनसोल-दुर्गापुर

आसनसोल में गैस के ‘खतरनाक खेल’ का खुलासा! स्कूल परिसर से 200 से ज्यादा सिलेंडर बरामद, 61 भरे मिले

Moutushi · 5 September 2026, 3:24 PM

आसनसोल: आसनसोल उत्तर विधानसभा क्षेत्र के रेलपार बाबुआतला इलाके में अवैध रूप से गैस सिलेंडरों के भंडारण का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक और सुरक्षा महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस, एनफोर्समेंट ब्रांच और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम ने इलाके में अभियान चलाकर एक ऐसे गोदाम का पता लगाया, जहां बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर रखे गए थे। जांच के दौरान 200 से अधिक सिलेंडर बरामद किए गए। इनमें 61 सिलेंडर गैस से भरे हुए थे, जबकि शेष खाली सिलेंडर बताए गए हैं। कार्रवाई के बाद संबंधित गोदाम को सील कर दिया गया है।

जानकारी के अनुसार, बाबुआतला का यह परिसर घनी आबादी वाले क्षेत्र में स्थित है और इसके भीतर एक निजी स्कूल भी संचालित होता है। इसी परिसर में कथित तौर पर एक अलग स्थान का इस्तेमाल गैस सिलेंडरों के भंडारण के लिए किया जा रहा था। बड़ी संख्या में ज्वलनशील गैस सिलेंडरों को ऐसे स्थान पर रखे जाने की जानकारी सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

जांच में सामने आया सिलेंडरों का बड़ा भंडार

संयुक्त टीम जब मौके पर पहुंची और परिसर की जांच शुरू की, तो वहां सिलेंडरों की संख्या देखकर अधिकारी भी सतर्क हो गए। जांच में 200 से अधिक सिलेंडर पाए गए। इनमें 61 सिलेंडर भरे हुए थे। गैस से भरे सिलेंडरों की मौजूदगी ने मामले को और गंभीर बना दिया, क्योंकि किसी भी तरह की आग, रिसाव या अन्य दुर्घटना की स्थिति में आसपास के लोगों की सुरक्षा पर बड़ा खतरा पैदा हो सकता था।

घनी आबादी के बीच बड़ी संख्या में गैस सिलेंडरों का भंडारण अपने आप में गंभीर सुरक्षा चिंता का विषय माना जा रहा है। खासकर उस समय जब परिसर में निजी स्कूल भी संचालित हो रहा हो, तब वहां बच्चों, शिक्षकों और कर्मचारियों की आवाजाही रहती है। ऐसे में किसी भी आकस्मिक घटना की स्थिति में नुकसान का दायरा काफी बढ़ सकता था।

प्राथमिक जांच में नियमों के उल्लंघन का संदेह

प्राथमिक जांच में सामने आया कि इस तरह गैस सिलेंडरों का भंडारण निर्धारित सुरक्षा मानकों और आवश्यक अनुमति के बिना किया जाना गंभीर नियमों का उल्लंघन हो सकता है। खास तौर पर घनी आबादी वाले इलाके और स्कूल परिसर के भीतर बड़ी संख्या में सिलेंडर रखे जाने से अग्नि सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। इसी वजह से अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए गोदाम को सील कर दिया।

हालांकि, इस मामले में वास्तविक रूप से किन नियमों का उल्लंघन हुआ है और इसके लिए कौन जिम्मेदार है, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग पूरे मामले के अलग-अलग पहलुओं की जांच में जुटे हुए हैं।

कहां से आए इतने सिलेंडर?

कार्रवाई के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर वहां कैसे पहुंचे। अधिकारियों की जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह भी है कि सिलेंडर कहां से लाए गए थे और उनका इस्तेमाल किस उद्देश्य के लिए किया जाना था।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इस परिसर का इस्तेमाल केवल भंडारण के लिए किया जा रहा था या यहां से सिलेंडरों की आपूर्ति अथवा वितरण भी किया जाता था। इसके अलावा, गोदाम संचालन के लिए किसी प्रकार की वैध अनुमति, लाइसेंस या अन्य आवश्यक दस्तावेज मौजूद थे या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।

स्कूल परिसर होने से बढ़ी चिंता

इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि कथित गैस भंडारण का स्थान एक निजी स्कूल परिसर के अंदर पाया गया। स्कूल जैसे स्थान पर बड़ी मात्रा में ज्वलनशील गैस सिलेंडरों का मौजूद होना सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील विषय है।

अधिकारियों की ओर से परिसर में अग्निशमन से जुड़े सुरक्षा इंतजामों की भी जांच की जा सकती है। साथ ही यह भी देखा जा सकता है कि सिलेंडरों को किस तरह रखा गया था, वहां पर्याप्त हवा की व्यवस्था थी या नहीं और आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक साधन उपलब्ध थे या नहीं।

जरा सी चूक बन सकती थी बड़े हादसे की वजह

रसोई गैस सिलेंडर ज्वलनशील पदार्थ होने के कारण इनके भंडारण में विशेष सावधानी की आवश्यकता होती है। किसी सिलेंडर में रिसाव होने, आग लगने या आसपास किसी अन्य ज्वलनशील वस्तु के संपर्क में आने की स्थिति में हादसा तेजी से गंभीर रूप ले सकता है।

यही वजह है कि बड़ी संख्या में गैस सिलेंडरों को बिना उचित सुरक्षा व्यवस्था के एक स्थान पर रखना स्थानीय लोगों के लिए भी चिंता का विषय बन गया है। बाबुआतला जैसे घनी आबादी वाले इलाके में यदि कोई अप्रिय घटना होती, तो उसका असर केवल संबंधित परिसर तक सीमित नहीं रहता, बल्कि आसपास के घरों और दुकानों तक भी पहुंच सकता था।

स्थानीय लोगों में चर्चा तेज

कार्रवाई के बाद इलाके में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। 200 से अधिक सिलेंडर मिलने की खबर सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भी चिंता दिखाई दे रही है। लोगों का कहना है कि आबादी वाले इलाके में इस तरह गैस सिलेंडरों का भंडारण किया जाना किसी संभावित बड़े हादसे को न्योता देने जैसा हो सकता था।

हालांकि, स्थानीय स्तर पर सामने आ रही चर्चाओं की स्वतंत्र पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। प्रशासन की ओर से फिलहाल गोदाम को सील कर दिया गया है और पूरे मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

पुलिस और एनफोर्समेंट ब्रांच की जांच जारी

पुलिस और एनफोर्समेंट ब्रांच अब यह पता लगाने में जुटी है कि गोदाम का संचालन कौन कर रहा था और इतने बड़े पैमाने पर सिलेंडरों की व्यवस्था किस माध्यम से की गई थी। बरामद सिलेंडरों के स्रोत, भंडारण के उद्देश्य और संभावित आपूर्ति व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है।

यदि जांच के दौरान किसी बड़े अवैध भंडारण या आपूर्ति नेटवर्क का खुलासा होता है, तो आने वाले समय में कार्रवाई का दायरा और बढ़ सकता है। संबंधित विभाग दस्तावेजों और अन्य तथ्यों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई कर सकते हैं।

फिलहाल इस कार्रवाई ने आसनसोल के घनी आबादी वाले इलाकों में ज्वलनशील गैस तथा अन्य जोखिम वाले पदार्थों के सुरक्षित भंडारण को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। 200 से अधिक सिलेंडरों की बरामदगी और उनमें 61 भरे हुए सिलेंडर मिलने के बाद अब जांच के अगले चरण पर सभी की नजरें टिकी हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस कथित अवैध भंडारण के पीछे कौन था, सिलेंडर कहां से आए और उनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था।

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