आसनसोल: विधानसभा चुनाव के बाद भारतीय जनता पार्टी ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। इसी क्रम में सोमवार को बर्नपुर के भारती भवन में आसनसोल दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के मंडल स्तर के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ राज्य की नगर एवं शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल ने महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ आम लोगों की समस्याओं को समझने, सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने और कार्यकर्ताओं की जवाबदेही तय करने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक के दौरान अग्निमित्रा पाल ने कार्यकर्ताओं को स्पष्ट संदेश दिया कि चुनाव समाप्त होने के बाद उनकी जिम्मेदारी कम नहीं हुई है, बल्कि अब जनता के बीच लगातार सक्रिय रहना और उनकी समस्याओं का समाधान कराने में मदद करना और भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि संगठन की असली मजबूती तभी साबित होगी, जब आम लोगों के बीच कार्यकर्ताओं की अच्छी छवि बनेगी और लोग अपनी समस्याएं लेकर उनके पास भरोसे के साथ पहुंचेंगे।
घर-घर जाकर जनता की समस्याएं सुनने का निर्देश
बैठक में अग्निमित्रा पाल ने भाजपा कार्यकर्ताओं से घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि इलाके में किन लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है और कौन लोग अब भी पात्र होने के बावजूद योजनाओं से वंचित हैं, इसकी जानकारी जुटाई जाए।
विशेष रूप से अन्नपूर्णा योजना को लेकर लोगों की स्थिति की जानकारी लेने पर जोर दिया गया। कार्यकर्ताओं से कहा गया कि वे पता करें कि किन लाभार्थियों के खातों में राशि पहुंची है और किन लोगों को अभी तक योजना का लाभ नहीं मिला है। संबंधित समस्याओं को प्रशासन और विभागीय अधिकारियों तक पहुंचाने की दिशा में भी काम करने को कहा गया।
मंत्री ने साफ किया कि कार्यकर्ताओं का काम केवल राजनीतिक गतिविधियों तक सीमित नहीं होना चाहिए। उन्हें अपने-अपने इलाके में जनता के बीच रहकर उनकी वास्तविक समस्याओं को समझना होगा।
सड़क, पानी, बिजली और जल निकासी की समस्याओं पर नजर
बैठक में स्थानीय स्तर की बुनियादी समस्याओं पर भी चर्चा हुई। पेयजल, खराब सड़क, स्ट्रीट लाइट, जल निकासी, साफ-सफाई और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी शिकायतों को चिन्हित कर संबंधित विभाग तक पहुंचाने की बात कही गई।
इसके अलावा प्राथमिक विद्यालयों, स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य सरकारी सेवाओं की स्थिति की जानकारी लेने का निर्देश भी कार्यकर्ताओं को दिया गया। मंत्री ने कार्यकर्ताओं से कहा कि किसी इलाके में समस्या सामने आने के बाद केवल शिकायत करने के बजाय उसके समाधान के लिए संबंधित प्रशासनिक विभाग के साथ समन्वय किया जाए।
आम लोगों को अस्पताल, थाना और आपातकालीन सेवाओं से संबंधित आवश्यक संपर्क नंबर उपलब्ध कराने की योजना पर भी बैठक में चर्चा हुई। इसका उद्देश्य यह बताया गया कि किसी आपात स्थिति में लोगों को सही स्थान पर तुरंत संपर्क करने में परेशानी न हो।
‘वसूली की तो मैं भी नहीं बचा पाऊंगी’
बैठक का सबसे चर्चित हिस्सा कार्यकर्ताओं को दिया गया अग्निमित्रा पाल का कड़ा संदेश रहा। उन्होंने वसूली और गैरकानूनी गतिविधियों को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं को स्पष्ट चेतावनी दी।
मंत्री ने कहा कि यदि भाजपा का कोई कार्यकर्ता वसूली या किसी गैरकानूनी गतिविधि में शामिल पाया जाता है, तो वह उसे बचाने की स्थिति में नहीं होंगी। उन्होंने साफ शब्दों में संदेश दिया कि “वसूली की तो मैं भी नहीं बचा पाऊंगी।”
उन्होंने कार्यकर्ताओं को चेतावनी दी कि यदि किसी के खिलाफ शिकायत आती है और जांच में आरोप सही साबित होते हैं, तो पार्टी स्तर पर कार्रवाई की जा सकती है। गंभीर मामलों में संगठन से निष्कासन तक की कार्रवाई होने की बात भी उन्होंने स्पष्ट की।
मंत्री के इस संदेश को संगठन के भीतर अनुशासन और जवाबदेही पर जोर देने के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि पार्टी से जुड़े होने का मतलब यह नहीं है कि किसी को कानून से ऊपर समझा जाए।
अवैध निर्माण और गैरकानूनी कारोबार पर भी नजर
बैठक के दौरान अवैध गतिविधियों से जुड़े कई मुद्दों पर भी चर्चा हुई। कार्यकर्ताओं से कहा गया कि यदि उनके इलाके में अवैध निर्माण, जलजमीन या जलाशयों को भरने, गैरकानूनी लॉज-होटल, बिना अग्निशमन लाइसेंस के कारोबार या अवैध गोदाम जैसी गतिविधियों की जानकारी मिलती है तो उसे प्रशासन के संज्ञान में लाया जाए।
इसके साथ ही उन इलाकों की पहचान करने पर भी जोर दिया गया, जहां सड़क या रास्ते की स्थिति इतनी खराब या संकरी है कि एंबुलेंस और दमकल जैसे आपातकालीन वाहन आसानी से नहीं पहुंच सकते।
ऐसे स्थानों की सूची तैयार कर संबंधित विभागों तक जानकारी पहुंचाने की बात कही गई, ताकि जरूरत के समय आपातकालीन सेवाओं को किसी तरह की बाधा का सामना न करना पड़े।
‘राजनीति से ज्यादा जरूरी जनता का भरोसा’
अग्निमित्रा पाल ने बैठक में कार्यकर्ताओं को यह भी समझाया कि संगठन की मजबूती केवल चुनावी गतिविधियों से नहीं होती। इसके लिए लगातार जनता के बीच रहना और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए काम करना जरूरी है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से बेहतर व्यवहार, पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने का आह्वान किया। उनका संदेश था कि यदि आम लोगों को यह महसूस होगा कि उनकी समस्या सुनने और समाधान कराने के लिए पार्टी के कार्यकर्ता उपलब्ध हैं, तो संगठन के प्रति उनका विश्वास भी मजबूत होगा।
बर्नपुर के भारती भवन में हुई इस बैठक में मंडल स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियां तय करने पर भी चर्चा हुई। चुनाव के बाद पार्टी की जमीनी गतिविधियों को मजबूत करने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण बैठक माना जा रहा है।
अब देखना होगा कि बैठक में दिए गए निर्देशों को भाजपा कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्रों में किस तरह लागू करते हैं। खासकर अन्नपूर्णा योजना, सड़क, पानी, जल निकासी, स्ट्रीट लाइट और अन्य स्थानीय समस्याओं को लेकर जनता की शिकायतें कितनी तेजी से प्रशासन तक पहुंचती हैं और उनका समाधान किस स्तर तक हो पाता है, इस पर लोगों की नजर रहेगी।






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