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आसनसोल-दुर्गापुर

दुर्गापूजा से पहले बंगाल में बड़ा सुरक्षा प्लान, 50 कंपनियां पहुंचीं; आसनसोल में 6 कंपनियां तैनात

Moutushi · 24 August 2026, 1:42 PM

आसनसोल: पश्चिम बंगाल में दुर्गापूजा से पहले सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी शुरू हो गई है। चुनाव संपन्न होने के कई महीने बाद एक बार फिर राज्य में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती बढ़ाई गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के फैसले के बाद अतिरिक्त केंद्रीय बलों की कंपनियां राज्य के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचने लगी हैं। इसी क्रम में रविवार रात करीब आठ बजे केंद्रीय बलों की एक टुकड़ी आसनसोल रेलवे स्टेशन पहुंची। बताया जा रहा है कि इस टुकड़ी में केंद्रीय बलों की छह कंपनियां शामिल हैं।

जानकारी के अनुसार, राज्य में कुल 50 कंपनियों के अतिरिक्त केंद्रीय बल पहुंच चुके हैं। इसके बाद पश्चिम बंगाल में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की कुल तैनाती बढ़कर करीब 100 कंपनियों तक पहुंच गई है। दुर्गापूजा और इसके बाद होने वाले बड़े आयोजनों को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही अपनी तैयारियों को मजबूत करने में जुट गई हैं।

आसनसोल पहुंची केंद्रीय बलों की छह कंपनियां

रविवार रात आसनसोल रेलवे स्टेशन पर केंद्रीय बलों के जवानों की टुकड़ी पहुंचने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई। रेलवे स्टेशन से जवानों को निर्धारित स्थानों पर भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई। अतिरिक्त बलों की तैनाती का उद्देश्य आगामी त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना बताया जा रहा है।

दुर्गापूजा के दौरान आसनसोल सहित पश्चिम बर्दवान जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही होती है। पूजा पंडालों, बाजारों, प्रमुख सड़कों और रेलवे स्टेशनों पर भीड़ बढ़ जाती है। ऐसे में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की मौजूदगी से स्थानीय पुलिस पर सुरक्षा व्यवस्था का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।

राज्य में कुल 100 कंपनियों की तैनाती

मिली जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल में पहले से मौजूद केंद्रीय बलों के अलावा करीब 50 कंपनियां अतिरिक्त रूप से पहुंच चुकी हैं। इसके बाद राज्य में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की कुल संख्या करीब 100 कंपनियों तक पहुंच गई है।

केंद्रीय बलों की कंपनियों को आवश्यकता और सुरक्षा आकलन के आधार पर अलग-अलग जिलों तथा संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया जा सकता है। हालांकि, किस क्षेत्र में कितनी कंपनियां तैनात की जाएंगी, इसकी पूरी तस्वीर संबंधित सुरक्षा एजेंसियों की योजना के अनुसार स्पष्ट होगी।

अतिरिक्त बलों की तैनाती को दुर्गापूजा से पहले सुरक्षा तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। राज्य में पूजा के दौरान लाखों लोग घरों से निकलते हैं और देर रात तक सड़कों पर भीड़ बनी रहती है। ऐसे में पुलिस और केंद्रीय बलों के बीच बेहतर समन्वय सुरक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण होगा।

दुर्गापूजा को लेकर विशेष तैयारी

पश्चिम बंगाल में दुर्गापूजा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक स्तर पर भी सबसे बड़े उत्सवों में शामिल है। कोलकाता से लेकर आसनसोल, दुर्गापुर और राज्य के अन्य शहरों में हजारों पूजा समितियां बड़े पैमाने पर आयोजन करती हैं।

बड़े पंडालों में दर्शन के लिए दूर-दराज से भी लोग पहुंचते हैं। भीड़ के कारण यातायात नियंत्रण, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, जेबतराशी जैसी घटनाओं पर निगरानी तथा आपात स्थिति से निपटना पुलिस प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है।

इसी वजह से त्योहार शुरू होने से काफी पहले सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अतिरिक्त केंद्रीय बलों की मौजूदगी से भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के साथ-साथ आवश्यकता पड़ने पर त्वरित कार्रवाई में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

बड़े आयोजनों पर रहेगी विशेष नजर

दुर्गापूजा के अलावा आने वाले समय में राज्य में कई बड़े धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजन होने हैं। इन सभी आयोजनों के दौरान कानून-व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होगी।

केंद्रीय बलों की अतिरिक्त तैनाती के बाद संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को कई स्तरों पर मजबूत किया जा सकता है। स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय कर गश्त, भीड़ नियंत्रण और महत्वपूर्ण स्थानों की निगरानी बढ़ाई जा सकती है।

रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, बाजार, पूजा पंडालों के आसपास के इलाके और प्रमुख सड़कें सुरक्षा एजेंसियों की प्राथमिकता में रह सकती हैं। हालांकि, वास्तविक तैनाती और परिचालन संबंधी निर्णय स्थानीय सुरक्षा आकलन के आधार पर लिए जाएंगे।

चुनाव के बाद पहली बार फिर बढ़ी तैनाती

गौर करने वाली बात यह है कि चुनाव खत्म होने के महीनों बाद एक बार फिर पश्चिम बंगाल में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की संख्या बढ़ाई गई है। चुनाव के दौरान राज्य में बड़ी संख्या में केंद्रीय बलों की तैनाती की गई थी। चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने के बाद धीरे-धीरे इनकी संख्या कम की गई थी।

अब दुर्गापूजा से पहले फिर से अतिरिक्त केंद्रीय बलों की तैनाती होने से सुरक्षा तैयारियों को लेकर प्रशासन की गंभीरता सामने आ रही है। हालांकि, इस तैनाती को केवल किसी एक इलाके तक सीमित नहीं माना जा रहा है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में जरूरत के अनुसार जवानों को जिम्मेदारी दी जा सकती है।

आसनसोल में भी सुरक्षा पर बढ़ेगी नजर

आसनसोल पश्चिम बर्दवान का प्रमुख शहर होने के साथ-साथ औद्योगिक और व्यावसायिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण क्षेत्र है। दुर्गापूजा के दौरान यहां के विभिन्न इलाकों में बड़ी संख्या में लोग खरीदारी और पूजा पंडालों में दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

ऐसे में आसनसोल रेलवे स्टेशन पर केंद्रीय बलों की छह कंपनियों की टुकड़ी पहुंचना स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले दिनों में पुलिस और प्रशासन द्वारा पूजा समितियों के साथ समन्वय बैठकें करने, भीड़ प्रबंधन की योजना बनाने और संवेदनशील इलाकों की पहचान करने की संभावना है।

फिलहाल केंद्रीय बलों की अतिरिक्त तैनाती के साथ पश्चिम बंगाल में दुर्गापूजा की सुरक्षा तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रशासन की कोशिश होगी कि त्योहार के दौरान श्रद्धालु बिना किसी डर के पूजा पंडालों तक पहुंच सकें और पूरे राज्य में शांतिपूर्ण माहौल बना रहे।

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