आसनसोल: दुर्गा पूजा महोत्सव से पहले आसनसोल में महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट की ओर से एक विशेष पहल शुरू की गई है। महिलाओं की सुरक्षा और शहर में निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से 10 सदस्यीय महिला टीम ‘दुर्गा वाहिनी’ को मैदान में उतारा गया है। स्कूटी पर सवार यह महिला टीम शहर के विभिन्न इलाकों में लगातार गश्त करेगी और खास तौर पर महिलाओं से जुड़ी सुरक्षा संबंधी शिकायतों तथा किसी भी अप्रिय स्थिति पर नजर रखेगी।
इस विशेष टीम को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल की मंत्री अग्निमित्रा पाल, आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के पुलिस कमिश्नर डॉ. प्रणव कुमार, पश्चिम बर्दवान के जिला शासक एस. पन्नाबालम, आसनसोल नगर निगम के कमिश्नर सहित पुलिस और प्रशासन के अन्य अधिकारी एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।
10 स्कूटी पर शहर में गश्त करेगी महिला टीम
‘दुर्गा वाहिनी’ में कुल 10 महिला सदस्य शामिल हैं। सभी सदस्य स्कूटी के जरिए आसनसोल के अलग-अलग इलाकों में गश्त करेंगी। इस टीम को खास तौर पर ऐसे समय में सक्रिय किया गया है, जब दुर्गा पूजा नजदीक है और त्योहार के दौरान शहर की सड़कों, बाजारों और पूजा पंडालों के आसपास भारी भीड़ उमड़ने की संभावना रहती है।
दुर्गा पूजा के दौरान शाम से लेकर देर रात तक बाजारों और पूजा पंडालों में महिलाओं और युवतियों की बड़ी संख्या में आवाजाही होती है। भीड़ बढ़ने के कारण छेड़छाड़, पीछा करने, विवाद या अन्य अप्रिय घटनाओं की आशंका भी बढ़ सकती है। ऐसे में स्कूटी से तेजी से अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचने वाली महिला टीम को निगरानी की विशेष जिम्मेदारी दी गई है।
इस पहल का उद्देश्य केवल गश्त करना नहीं, बल्कि महिलाओं के बीच सुरक्षा का भरोसा पैदा करना भी है। महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी से पीड़ित या परेशान महिलाएं अपनी समस्या आसानी से साझा कर सकेंगी।
‘10 भुजा वाली दुर्गा वाहिनी’ का संदेश
कार्यक्रम के दौरान मंत्री अग्निमित्रा पाल ने इस पहल को महिला सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि 10 स्कूटी सवार महिला सदस्यों की यह टीम पूरे आसनसोल में महिलाओं की सुरक्षा के लिए काम करेगी।
मंत्री ने कहा कि दुर्गा पूजा महोत्सव आने वाला है और इस दौरान बड़ी संख्या में लोग घरों से निकलकर पूजा देखने जाते हैं। महिलाओं और युवतियों की भी बड़ी भागीदारी रहती है। ऐसे में यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि किसी महिला के साथ अत्याचार या कोई अप्रिय घटना न हो।
उन्होंने ‘दुर्गा वाहिनी’ को प्रतीकात्मक रूप से 10 भुजाओं वाली टीम से जोड़ते हुए कहा कि ये महिला सदस्य अलग-अलग क्षेत्रों में घूमकर सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखेंगी। जरूरत पड़ने पर संबंधित पुलिस टीम तक सूचना पहुंचाने और महिलाओं को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
भीड़ वाले इलाकों पर विशेष निगरानी
दुर्गा पूजा के दौरान आसनसोल के प्रमुख बाजारों, पूजा पंडालों, मुख्य सड़कों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में लोगों की संख्या काफी बढ़ जाती है। ऐसे में पुलिस की नियमित व्यवस्था के साथ महिला सदस्यों की विशेष गश्त से निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की कोशिश की गई है।
‘दुर्गा वाहिनी’ की सदस्य शहर के विभिन्न हिस्सों में घूमते हुए स्थिति पर नजर रखेंगी। किसी महिला को परेशानी होने पर वह टीम के सदस्यों से सीधे संपर्क कर सकती है। इसके अलावा संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर महिला सदस्य संबंधित पुलिस अधिकारियों को जानकारी दे सकती हैं।
स्कूटी के माध्यम से गश्त करने का एक फायदा यह भी होगा कि टीम कम समय में एक इलाके से दूसरे इलाके तक पहुंच सकेगी। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में बड़े वाहन की तुलना में स्कूटी से निगरानी करना अधिक सुविधाजनक हो सकता है।
पिंक वर्दी से दूर से होगी पहचान
‘दुर्गा वाहिनी’ की एक खास पहचान उनकी वर्दी होगी। टीम की महिला सदस्य विशेष पुलिस वर्दी में नजर आएंगी, जिसमें पिंक रंग को प्रमुखता दी गई है। इसका उद्देश्य उन्हें भीड़ में आसानी से पहचानने योग्य बनाना है।
दुर्गा पूजा के दौरान जब सड़कों और पंडालों के आसपास हजारों लोगों की आवाजाही होगी, तब अलग पहचान वाली महिला टीम को देखकर आम लोग भी समझ सकेंगे कि महिला सुरक्षा के लिए विशेष दल सक्रिय है।
पिंक वर्दी वाली महिला सदस्यों की मौजूदगी महिलाओं के बीच सुरक्षा का सकारात्मक संदेश देने के साथ-साथ संभावित असामाजिक तत्वों के लिए भी सतर्कता का संकेत हो सकती है।
महिला सुरक्षा को लेकर प्रशासन की तैयारी
दुर्गा पूजा पश्चिम बंगाल का सबसे बड़ा त्योहार है और इस दौरान शहरों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पर अतिरिक्त जिम्मेदारी रहती है। आसनसोल जैसे बड़े औद्योगिक और व्यस्त शहर में त्योहार के दौरान बाजारों और पूजा स्थलों पर भीड़ बढ़ने के कारण यातायात और सुरक्षा दोनों को संभालना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
ऐसे में ‘दुर्गा वाहिनी’ जैसी विशेष महिला टीम को सक्रिय करना महिला सुरक्षा व्यवस्था का अतिरिक्त हिस्सा माना जा रहा है। इससे पुलिस को भीड़ वाले इलाकों में महिलाओं से जुड़ी समस्याओं पर अधिक केंद्रित तरीके से नजर रखने में मदद मिल सकती है।
पुलिस और प्रशासन की कोशिश है कि पूजा के दौरान महिलाएं और युवतियां बिना किसी डर के घर से निकल सकें और पूजा पंडालों, बाजारों तथा अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षित माहौल में घूम सकें।
आसनसोल की महिलाओं को सुरक्षा का भरोसा
‘दुर्गा वाहिनी’ को रवाना करने के दौरान अधिकारियों ने महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देने का संदेश दिया। टीम की सक्रियता से न केवल संभावित घटनाओं पर नजर रखने में मदद मिलने की उम्मीद है, बल्कि महिलाओं के बीच यह विश्वास भी मजबूत हो सकता है कि किसी परेशानी की स्थिति में पुलिस सहायता उनके आसपास उपलब्ध है।
अब दुर्गा पूजा के दौरान इस विशेष टीम की सक्रियता पर लोगों की नजर रहेगी। यदि यह पहल प्रभावी साबित होती है तो भविष्य में महिला सुरक्षा को लेकर ऐसे विशेष गश्ती दलों की भूमिका और बढ़ाई जा सकती है।





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