आसनसोल: वंदे मातरम् को लेकर चल रहा राजनीतिक विवाद अब पश्चिम बर्दवान के आसनसोल तक पहुंच गया है। रविवार को इस मुद्दे को लेकर शहर में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के कार्यकर्ता आमने-सामने नजर आए। एक ओर भाजपा युवा मोर्चा की ओर से आसनसोल स्थित कांग्रेस कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया गया, वहीं दूसरी ओर भाजपा के प्रदर्शन के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पथावरोध कर अपना विरोध दर्ज कराया। दोनों दलों के प्रदर्शन के कारण इलाके में राजनीतिक हलचल तेज हो गई।
वंदे मातरम् को लेकर देश की राजनीति में चल रही बहस के बीच आसनसोल में भी इसका असर दिखाई दिया। भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेत्री सोनिया गांधी द्वारा एक कार्यक्रम के दौरान वंदे मातरम् गीत के कथित अपमान को लेकर कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस कार्यालय के सामने पहुंचकर नारेबाजी की और अपने आक्रोश का इजहार किया।
कांग्रेस कार्यालय के सामने भाजपा का प्रदर्शन
रविवार को भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता आसनसोल स्थित कांग्रेस कार्यालय के सामने एकत्र हुए। हाथों में पार्टी के झंडे और नारेबाजी के बीच कार्यकर्ताओं ने वंदे मातरम् को लेकर अपना विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ भी नारे लगाए गए।
भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना था कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं है, बल्कि यह देश के स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्रीय भावना से गहराई से जुड़ा हुआ है। उनके अनुसार, स्वतंत्रता संग्राम के दौरान इस गीत ने लोगों के भीतर देशभक्ति की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसलिए इससे जुड़े किसी भी कथित अपमान को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने कड़ा विरोध जताया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि राष्ट्रीय भावना से जुड़े प्रतीकों और गीतों के सम्मान को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। इसी मुद्दे को लेकर भाजपा युवा मोर्चा ने कांग्रेस कार्यालय के सामने अपना विरोध दर्ज कराया।
भाजपा के प्रदर्शन के खिलाफ कांग्रेस का पथावरोध
भाजपा के विरोध प्रदर्शन के बाद कांग्रेस की ओर से भी जवाबी प्रतिक्रिया देखने को मिली। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आसनसोल में पथावरोध कर भाजपा के प्रदर्शन के खिलाफ अपना विरोध जताया।
कांग्रेस की ओर से इस पूरे विवाद को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई गई। पार्टी कार्यकर्ताओं ने भाजपा के आरोपों और प्रदर्शन के तरीके का विरोध किया। इस तरह एक ही मुद्दे को लेकर शहर में दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों की गतिविधियां सामने आने से राजनीतिक तापमान बढ़ गया।
एक तरफ भाजपा कार्यकर्ता वंदे मातरम् के कथित अपमान को मुद्दा बनाकर कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे, तो दूसरी ओर कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा के विरोध में सड़क पर उतर आए। इससे आसनसोल में दिनभर राजनीतिक चर्चा का माहौल बना रहा।
वंदे मातरम् को लेकर भाजपा ने जताया आक्रोश
भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं का कहना है कि वंदे मातरम् भारत की राष्ट्रीय चेतना और स्वतंत्रता संघर्ष से जुड़ा महत्वपूर्ण गीत है। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस नेत्री सोनिया गांधी के एक कार्यक्रम से संबंधित घटना में गीत का कथित तौर पर अपमान हुआ, जिसके खिलाफ पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।
भाजपा की ओर से कहा गया कि राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े मुद्दों पर राजनीति से ऊपर उठकर संवेदनशीलता बरती जानी चाहिए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने इसी भावना को सामने रखते हुए कांग्रेस के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
हालांकि, इस मामले में लगाए गए आरोपों और घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग राजनीतिक বক্তব্য सामने आ रहे हैं। कांग्रेस की ओर से भी भाजपा के विरोध प्रदर्शन को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी गई है।
केशव पोद्दार का कांग्रेस को संदेश
इस विरोध प्रदर्शन के बीच भाजपा नेता केशव पोद्दार भी चर्चा में रहे। उन्होंने कांग्रेस नेताओं को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला बंद किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा शासन में है और सभी को शांति बनाए रखनी चाहिए।
केशव पोद्दार के बयान के बाद स्थानीय राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई। भाजपा की ओर से जहां वंदे मातरम् के मुद्दे को राष्ट्रीय सम्मान से जोड़कर कांग्रेस पर निशाना साधा गया, वहीं कांग्रेस ने भी भाजपा के प्रदर्शन का विरोध करते हुए अपना रुख स्पष्ट किया।
आसनसोल में बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
वंदे मातरम् को लेकर शुरू हुआ विवाद अब केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका असर सड़क पर भी दिखाई देने लगा। आसनसोल में भाजपा युवा मोर्चा का प्रदर्शन और उसके बाद कांग्रेस का पथावरोध इस बात का संकेत माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो सकती है।
आसनसोल पहले से ही राजनीतिक रूप से सक्रिय क्षेत्र रहा है। ऐसे में राष्ट्रीय भावना से जुड़े किसी मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का आमने-सामने आना स्थानीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है।
रविवार को हुए दोनों विरोध प्रदर्शनों के दौरान कार्यकर्ताओं में उत्साह और आक्रोश दोनों देखने को मिला। भाजपा कार्यकर्ताओं ने वंदे मातरम् के कथित अपमान को लेकर अपना विरोध जताया, जबकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा के प्रदर्शन के खिलाफ पथावरोध कर जवाब दिया।
आगे क्या होगा, इस पर नजर
वंदे मातरम् विवाद को लेकर आसनसोल में हुए राजनीतिक विरोध-प्रदर्शन के बाद अब सबकी नजर आगे की राजनीतिक प्रतिक्रिया पर है। स्थानीय स्तर पर भाजपा और कांग्रेस के बीच इस मुद्दे को लेकर बयानबाजी और तेज होने की संभावना बनी हुई है।
फिलहाल इतना साफ है कि राष्ट्रीय भावना से जुड़े वंदे मातरम् के मुद्दे ने आसनसोल की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। एक ओर भाजपा इसे राष्ट्रीय सम्मान का विषय बता रही है, तो दूसरी ओर कांग्रेस भाजपा के प्रदर्शन का विरोध कर रही है। रविवार की घटनाओं ने शहर में दोनों दलों के बीच राजनीतिक खींचतान को और स्पष्ट कर दिया।
वंदे मातरम् को लेकर शुरू हुआ विवाद अब आसनसोल में भी राजनीतिक टकराव का रूप ले चुका है। भाजपा का प्रदर्शन और कांग्रेस का पथावरोध इस मुद्दे को स्थानीय राजनीति के केंद्र में ले आया है। आने वाले दिनों में इस विवाद पर दोनों दलों की ओर से और क्या प्रतिक्रियाएं सामने आती हैं, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।




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