आसनसोल: सावन के पावन महीने में आसनसोल के कुल्टी क्षेत्र में रविवार की सुबह आस्था, भक्ति और उत्साह का अनोखा संगम देखने को मिला। कुल्टी स्थित सिद्धेश्वरी मंदिर से 301 बाल कांवरियों का जत्था झारखंड के देवघर स्थित प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए रवाना हुआ। छोटी उम्र के इन बच्चों के कंधों पर कांवर और जुबां पर ‘बोल बम’ तथा ‘बाल बम’ के जयघोष ने पूरे मंदिर परिसर को भक्तिमय बना दिया।
बाल कांवरियों के रवाना होने के दौरान सिद्धेश्वरी मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की भीड़ जुटने लगी थी। बच्चों के माता-पिता, अभिभावक और परिजन भी उन्हें यात्रा के लिए विदा करने पहुंचे। जैसे ही कांवरियों का जत्था यात्रा के लिए आगे बढ़ा, वहां मौजूद श्रद्धालुओं ने ‘हर हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयकारे लगाए। इस दौरान बच्चों के चेहरे पर भी उत्साह और धार्मिक यात्रा को लेकर उमंग साफ दिखाई दी।
301 बाल कांवरियों ने थामा कांवर
इस धार्मिक यात्रा में कुल 301 बाल कांवरियों ने हिस्सा लिया। छोटी उम्र के बच्चों को कांवर लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम की यात्रा पर जाते देख मंदिर परिसर में मौजूद लोगों के बीच भी उत्साह नजर आया। अभिभावकों ने अपने बच्चों को शुभकामनाएं दीं और उनकी यात्रा मंगलमय होने की कामना की।
आयोजकों के अनुसार, इस आयोजन का उद्देश्य केवल धार्मिक यात्रा तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और सामाजिक मूल्यों से परिचित कराना भी है। आयोजकों का कहना है कि बचपन से ही बच्चों को अपनी संस्कृति और परंपराओं की जानकारी देने से आने वाली पीढ़ी इन परंपराओं से जुड़ी रह सकती है।
डॉ. अजय पोद्दार के नेतृत्व में आयोजन
कार्यक्रम का नेतृत्व भाजपा विधायक सह राज्य के मंत्री डॉ. अजय पोद्दार ने किया। उन्होंने बाल कांवरियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आयोजन का मुख्य उद्देश्य बच्चों में संस्कार और संस्कृति की नींव मजबूत करना तथा नई पीढ़ी को धार्मिक परंपराओं से जोड़ना है।
डॉ. अजय पोद्दार ने कहा कि बच्चों को संस्कार और संस्कृति से जोड़ना इस आयोजन का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव के प्रति आस्था और सावन में जल अर्पित करने की परंपरा को आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है। उनके अनुसार, ऐसी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराएं एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक आगे बढ़ती रहें, यही इस तरह के आयोजन का उद्देश्य है।
उन्होंने यह भी कहा कि ‘बोल बम’ का जयघोष और भगवान शिव पर जल चढ़ाने की परंपरा आगे भी जारी रहनी चाहिए। बच्चों को इन परंपराओं से जोड़ने के माध्यम से धार्मिक आस्था के साथ-साथ संस्कृति के प्रति उनकी समझ को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
बच्चों को संस्कृति से जोड़ने पर जोर
कार्यक्रम में मौजूद भाजपा नेता केशव पोद्दार ने भी बच्चों को छोटी उम्र से ही भारतीय संस्कृति और परंपराओं से परिचित कराने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सावन के महीने में भगवान शिव को जल अर्पित करने की परंपरा के बारे में बच्चों को जानकारी होनी चाहिए।
केशव पोद्दार ने बताया कि मंत्री डॉ. अजय पोद्दार के आशीर्वाद और प्रेरणा से यह आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे बच्चे ‘बोल बम’ और ‘बाल बम’ का जयघोष करते हुए बाबा बैद्यनाथ धाम की यात्रा पर निकले हैं। बच्चों की इस धार्मिक यात्रा को लेकर अभिभावकों और स्थानीय लोगों में भी उत्साह दिखाई दिया।
मंदिर परिसर में गूंजते रहे ‘हर हर महादेव’ के जयकारे
301 बाल कांवरियों के रवाना होने के समय सिद्धेश्वरी मंदिर का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने ‘हर हर महादेव’, ‘बोल बम’ और ‘बाल बम’ के जयकारे लगाए। बच्चों के साथ उनके अभिभावक और स्थानीय लोग भी इस अवसर पर मौजूद रहे।
यात्रा पर जाने वाले बच्चों को लेकर अभिभावकों में उत्साह के साथ जिम्मेदारी की भावना भी नजर आई। बच्चों को शुभकामनाएं देने के साथ उनकी सुरक्षित और सफल यात्रा की कामना की गई। धार्मिक आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में लोगों की आवाजाही और उत्साह का माहौल बना रहा।
विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी भी रहे मौजूद
इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष ललन मेहरा समेत कई स्थानीय नेता और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, आयोजकों और स्थानीय लोगों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को व्यापक रूप दिया।
आयोजकों की ओर से बताया गया कि इस यात्रा के माध्यम से बच्चों को भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था और परंपराओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। सावन के दौरान बाबा बैद्यनाथ धाम की धार्मिक यात्रा का विशेष महत्व माना जाता है और इसी आस्था के साथ बच्चे भी कांवर लेकर यात्रा पर रवाना हुए।
कुल्टी में दिखा भक्ति और उत्साह का संगम
कुल्टी के सिद्धेश्वरी मंदिर से देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए रवाना हुआ 301 बाल कांवरियों का यह जत्था स्थानीय स्तर पर आकर्षण का केंद्र बना। छोटी उम्र के बच्चों का कांवर लेकर यात्रा पर निकलना और मंदिर परिसर में गूंजते ‘बोल बम’ के जयकारों ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया।
आयोजकों का कहना है कि धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है। इसी सोच के साथ बच्चों को इस यात्रा में शामिल किया गया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों, अभिभावकों और श्रद्धालुओं में जिस तरह का उत्साह दिखाई दिया, उससे कुल्टी में सावन की आस्था और भक्ति का रंग साफ नजर आया।
कुल मिलाकर, कुल्टी के सिद्धेश्वरी मंदिर से 301 बाल कांवरियों का देवघर के लिए रवाना होना सावन के दौरान आयोजित एक विशेष धार्मिक आयोजन के रूप में सामने आया। ‘हर हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष के बीच बच्चों ने बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर अपनी यात्रा शुरू की। आयोजकों और अभिभावकों ने बच्चों की यात्रा सफल और मंगलमय होने की कामना की।

