हीरापुर में जमीन पर टकराव—कोर्ट का स्टे ऑर्डर लेकर पहुंचे मालिक, रुका काम

आसनसोल:
पश्चिम बंगाल के औद्योगिक शहर आसनसोल से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां अब तक अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई के लिए चर्चा में रहने वाली सरकारी कंपनी सेल (स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड) खुद विवादों में घिरती नजर आ रही है।

📍 क्या है पूरा मामला?

यह घटना आसनसोल के हीरापुर थाना क्षेत्र के बनपुर स्थित हीरापुर मौजा की है। यहां एक जमीन मालिक ने आरोप लगाया है कि उनकी निजी जमीन पर सेल द्वारा जबरन कब्जा किया जा रहा है।

जमीन मालिक के अनुसार, एक दिन अचानक उन्होंने देखा कि उनकी जमीन पर बाउंड्री वॉल का निर्माण शुरू कर दिया गया है। रोजाना की तरह मजदूर और मिस्त्री वहां काम कर रहे थे और बताया जा रहा था कि यह काम सेल के निर्देश पर किया जा रहा है।

⚖️ कोर्ट का स्टे ऑर्डर लेकर पहुंचे मालिक

मामला तब और गंभीर हो गया जब जमीन के कथित असली मालिक मौके पर पहुंचे। उनके हाथ में कोर्ट का स्टे ऑर्डर था और साथ ही जमीन से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज भी मौजूद थे। उन्होंने दावा किया कि यह जमीन पूरी तरह उनकी है और बिना अनुमति निर्माण कार्य गैरकानूनी है।

🚓 पुलिस की एंट्री, काम रुका

जमीन मालिक ने तुरंत इस मामले की शिकायत थाने में दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को देखते हुए बाउंड्री निर्माण का काम तत्काल रोक दिया गया।

📞 सेल अधिकारियों पर भी सवाल

जमीन मालिक का कहना है कि जब उन्होंने इस मामले में सेल के अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की, तो उन्हें टाउन ऑफिस जाकर बात करने को कहा गया। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब जमीन उनकी है, तो उन्हें कहीं जाने की जरूरत क्यों पड़े—बल्कि संबंधित अधिकारियों को खुद मौके पर आना चाहिए।

🏗️ बाउंड्री तोड़ने की भी खबर

सूत्रों के मुताबिक, विवाद बढ़ने के बाद उसी बाउंड्री को तोड़ने का काम भी शुरू कर दिया गया, जिसे पहले बनाया जा रहा था। हालांकि, इस पूरे मामले में अभी तक सेल की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

🏛️ राजनीतिक हलचल भी तेज

घटनास्थल पर स्थानीय भारतीय जनता पार्टी के नेता भी पहुंचे और मामले का जायजा लिया। इससे यह विवाद अब सिर्फ जमीन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक रंग भी लेने लगा है।

🔎 क्या कहते हैं जानकार?

विशेषज्ञों का मानना है कि औद्योगिक क्षेत्रों में जमीन से जुड़े विवाद अक्सर जटिल होते हैं, क्योंकि कई बार पुराने रिकॉर्ड, अधिग्रहण और सरकारी प्रक्रियाओं में अस्पष्टता रहती है। ऐसे मामलों में कोर्ट के आदेश और दस्तावेज ही अंतिम आधार बनते हैं।

✍️ निष्कर्ष

आसनसोल के हीरापुर में सामने आया यह मामला कई सवाल खड़े करता है—क्या सच में जमीन मालिक का दावा सही है या फिर कोई प्रशासनिक भ्रम है? अब सभी की नजरें सेल की आधिकारिक प्रतिक्रिया और आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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