आसनसोल में मानवता की मिसाल: विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी के हस्तक्षेप से माफ हुआ अस्पताल बिल

आसनसोल:
आसनसोल में एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया, जहां आर्थिक तंगी से जूझ रहे एक परिवार को बड़ी राहत तब मिली जब आसनसोल उत्तर के विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी के हस्तक्षेप के बाद अस्पताल प्रबंधन ने 28 हजार रुपये का बकाया बिल माफ कर दिया। इस मानवीय पहल के बाद मृतका का शव परिजनों को सौंप दिया गया।

वार्ड नंबर 47 के सभी लोगों ने इस मदद के लिए श्री कृष्णेंदु मुखर्जी के प्रति आभार जताया है।

⚠️ 7 घंटे में जिंदगी खत्म, फिर बिल बना मुसीबत

👉 जानकारी के अनुसार, 24 वर्षीय सुमन हाड़ी को शाम 7 बजे आसनसोल के एचएलजी अस्पताल में भर्ती कराया गया
👉 लेकिन रात करीब 2 बजे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई
👉 अचानक हुई इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा

💸 28 हजार रुपये का बिल बना बड़ी बाधा

👉 अस्पताल प्रबंधन ने 28 हजार रुपये का बकाया बिल जमा करने को कहा
👉 आर्थिक रूप से कमजोर परिवार इतनी रकम देने में असमर्थ था
👉 इसी कारण शव सौंपने को लेकर अस्पताल में विवाद की स्थिति बन गई

परिजनों का कहना था—
👉 “हम पहले ही बेटी को खो चुके हैं, अब इतने पैसे कहां से लाएं?”

🤝 मदद के लिए आगे आए अजय यादव

घटना की जानकारी मिलते ही—
👉 वार्ड 47 के भाजपा कन्वेनर अजय यादव अस्पताल पहुंचे
👉 परिवार से मिलकर पूरी स्थिति जानी
👉 अस्पताल प्रबंधन से मानवीय आधार पर बिल माफ करने की अपील की

लेकिन—
👉 काफी देर तक बातचीत के बावजूद समाधान नहीं निकला

🏛️ विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी का हस्तक्षेप

👉 इसके बाद अजय यादव ने विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी से संपर्क किया
👉 विधायक के हस्तक्षेप के बाद मामला तुरंत आगे बढ़ा
👉 अस्पताल प्रबंधन ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए पूरा बिल माफ कर दिया

🙏 परिवार को मिली बड़ी राहत

👉 बिल माफ होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया
👉 परिवार ने राहत की सांस ली
👉 स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना की

🌍 मानवता की मिसाल बना मामला

इस पूरे घटनाक्रम में—
👉 अजय यादव और उनके सहयोगी लगातार परिवार के साथ खड़े रहे
👉 कठिन समय में सहायता का हाथ बढ़ाया
👉 समाज में एक सकारात्मक संदेश गया

📢 स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

👉 स्वीपर कॉलोनी और वार्ड 47 के लोगों ने
👉 विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी, अजय यादव और अस्पताल प्रबंधन का आभार जताया

लोगों का कहना है—
👉 “ऐसे समय में मिली मदद हमारे लिए बहुत बड़ी राहत है”

✍️ निष्कर्ष

आसनसोल की यह घटना बताती है कि—
👉 जब संवेदनशीलता और जिम्मेदारी साथ आती है, तो मुश्किल हालात भी आसान हो जाते हैं

यह सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि इंसानियत की एक मिसाल है, जिसने एक गरीब परिवार को मुश्किल वक्त में सहारा दिया।

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